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Kathua News: छत्रगलां समेत जिले के कई इलाकों में दूसरे दिन भी भारी बर्फबारी
Wed, 08 Oct 2025 01:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 08 Oct 2025 01:01 AM IST
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बनी भद्रवाह मार्ग पर गुली डंडा के पास बर्फ हटाने के लिए जुटी बीआरओ की मशीनबीआरओ
- फोटो : RAMBAN NEWS
कठुआ। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में पहली भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। छत्रगलां टॉप से लेकर सरथल तक हुए दो फुट तक हिमपात से बनी भद्रवाह मार्ग पर यातायात ठप हो गया है।
कठुआ के मैदानी इलाकों में जहां बारिश हुई वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। सोमवार को एक फुट तक बर्फ गिरने के बाद मंगलवार सुबह एक बार फिर दिन की शुरुआत फाहे गिरने के साथ हुई। देखते ही देखते सरथल और आसपास के इलाके बर्फ की मोटी परत में लिपटना शुरू हो गए। पहाड़ी इलाकों में छह इंच से लेकर ढाई फुट तक ताजा बर्फबारी हुई है। रिहायशी इलाकों में फिलहाल बर्फबारी दर्ज नहीं की गई है। रविवार रात से ही जिले के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलना शुरू हो गया। सोमवार सुबह से ही दूर दराज इलाकों में बर्फबारी का दौर रुक-रुक कर जारी रहा। मंगलवार दोपहर तक मौसम साफ होने के बाद राहत मिली है।
बीआरओ के अनुसार बुधवार को मौसम साफ रहने पर सरथल और भद्रवाह दोनों ओर से यातायात को बहाल करने के लिए बर्फ हटाने का काम शुरू किया जाएगा। उधर, डंडी गुट्टू की पहाड़ी चोटियां, नुकनाली धार पर भी बर्फबारी दर्ज की गई है।
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वहीं, दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में अक्तूबर में चौबीस घंटे के अंतराल में 43 साल बाद सर्वाधिक बारिश हुई। यहां 68.9 मिमी पानी बरसा। इससे पहले 28 अक्तूबर 1982 को 61.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी। भद्रवाह में 77 मिमी पानी बरसा।
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कठुआ के मैदानी इलाकों में जहां बारिश हुई वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। सोमवार को एक फुट तक बर्फ गिरने के बाद मंगलवार सुबह एक बार फिर दिन की शुरुआत फाहे गिरने के साथ हुई। देखते ही देखते सरथल और आसपास के इलाके बर्फ की मोटी परत में लिपटना शुरू हो गए। पहाड़ी इलाकों में छह इंच से लेकर ढाई फुट तक ताजा बर्फबारी हुई है। रिहायशी इलाकों में फिलहाल बर्फबारी दर्ज नहीं की गई है। रविवार रात से ही जिले के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलना शुरू हो गया। सोमवार सुबह से ही दूर दराज इलाकों में बर्फबारी का दौर रुक-रुक कर जारी रहा। मंगलवार दोपहर तक मौसम साफ होने के बाद राहत मिली है।
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बीआरओ के अनुसार बुधवार को मौसम साफ रहने पर सरथल और भद्रवाह दोनों ओर से यातायात को बहाल करने के लिए बर्फ हटाने का काम शुरू किया जाएगा। उधर, डंडी गुट्टू की पहाड़ी चोटियां, नुकनाली धार पर भी बर्फबारी दर्ज की गई है।
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वहीं, दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग में अक्तूबर में चौबीस घंटे के अंतराल में 43 साल बाद सर्वाधिक बारिश हुई। यहां 68.9 मिमी पानी बरसा। इससे पहले 28 अक्तूबर 1982 को 61.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी। भद्रवाह में 77 मिमी पानी बरसा।