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Kathua News: उज्ज दरिया की बाढ़ से होने वाले नुकसान से आधा दर्जन गांव को मिलेगी राहत
Wed, 08 Oct 2025 12:47 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:47 AM IST
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खंदवाल में पौने दस करोड़ की लागत से उज्ज किनारे शुरू होने जा रहा क्रेट बांधने का काम
सलालपुर, भंबडवां जैसे प्रभावित रहने वाले गांव को भी मिलेगी
कठुआ। उज्ज दरिया की बाढ़ से हर साल होने वाले नुकसान से अब आधा दर्जन गांवों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खंदवाल क्षेत्र में उज्ज नदी के किनारे लगभग पौने दस करोड़ रुपये की लागत से क्रेट बांधने का कार्य शुरू होने जा रहा है। यह परियोजना उन ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आएगी जो वर्षों से बाढ़ की विभीषिका का सामना करते आ रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत उज्ज किनारे मजबूत क्रेट संरचना बनाई जाएगी, जिससे नदी के पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सकेगा और आसपास के गांवों को सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी। इस परियोजना से सलालपुर, भंबडवां, खंदवाल जैसे गांवों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा, जो हर मानसून में उज्ज दरिया की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। तीन लाख क्यूसेक तक बाढ़ दर्ज करने वाले उज्ज दरिया का बहाव लगातार गांव की ओर मुढ़ना एक बड़ी परेशानी बनकर सामने आया है। जिसके बाद पिछले कई वर्षों से बड़े स्तर पर किए जाने वाले बाढ़ नियंत्रण इंतजामों में फंड्स का अभाव भी एक एक बड़ी चुनौती रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो जाती हैं, घरों में पानी भर जाता है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। कई बार तो लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। ऐसे में इस क्रेट बांध परियोजना को ग्रामीणों ने राहत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, परियोजना का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा और इसे समयबद्ध तरीके से अगले बरसात के सीजन से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकि यह लंबे समय तक टिकाऊ रहे और बाढ़ से स्थायी राहत मिल सके।
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उज्ज दरिया की बाढ़ से पिछले एक दशक में किनारों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद इसके लिए योजना बनाकर भेजी गई थी। इसे इस बार नाबार्ड के तहत मंजूरी मिली है। जिसके तहत उज्ज दरिया की दाहिनी ओर खंदवाल और इससे सटे गांव में जमीनों की सुरक्षा के लिए लगभग पौने दस करोड़ रूपए की लागत से क्रेट का तटबंध तैयार किया जाएगा।
- अवनीश कुमार, कार्यकारी अभियंता
बाढ़ नियंत्रण विभाग, कठुआ
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सलालपुर, भंबडवां जैसे प्रभावित रहने वाले गांव को भी मिलेगी
कठुआ। उज्ज दरिया की बाढ़ से हर साल होने वाले नुकसान से अब आधा दर्जन गांवों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खंदवाल क्षेत्र में उज्ज नदी के किनारे लगभग पौने दस करोड़ रुपये की लागत से क्रेट बांधने का कार्य शुरू होने जा रहा है। यह परियोजना उन ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आएगी जो वर्षों से बाढ़ की विभीषिका का सामना करते आ रहे हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत उज्ज किनारे मजबूत क्रेट संरचना बनाई जाएगी, जिससे नदी के पानी का बहाव नियंत्रित किया जा सकेगा और आसपास के गांवों को सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी। इस परियोजना से सलालपुर, भंबडवां, खंदवाल जैसे गांवों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा, जो हर मानसून में उज्ज दरिया की बाढ़ से प्रभावित होते हैं। तीन लाख क्यूसेक तक बाढ़ दर्ज करने वाले उज्ज दरिया का बहाव लगातार गांव की ओर मुढ़ना एक बड़ी परेशानी बनकर सामने आया है। जिसके बाद पिछले कई वर्षों से बड़े स्तर पर किए जाने वाले बाढ़ नियंत्रण इंतजामों में फंड्स का अभाव भी एक एक बड़ी चुनौती रहा है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो जाती हैं, घरों में पानी भर जाता है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। कई बार तो लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। ऐसे में इस क्रेट बांध परियोजना को ग्रामीणों ने राहत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, परियोजना का कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा और इसे समयबद्ध तरीके से अगले बरसात के सीजन से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए ताकि यह लंबे समय तक टिकाऊ रहे और बाढ़ से स्थायी राहत मिल सके।
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उज्ज दरिया की बाढ़ से पिछले एक दशक में किनारों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद इसके लिए योजना बनाकर भेजी गई थी। इसे इस बार नाबार्ड के तहत मंजूरी मिली है। जिसके तहत उज्ज दरिया की दाहिनी ओर खंदवाल और इससे सटे गांव में जमीनों की सुरक्षा के लिए लगभग पौने दस करोड़ रूपए की लागत से क्रेट का तटबंध तैयार किया जाएगा।
- अवनीश कुमार, कार्यकारी अभियंता
बाढ़ नियंत्रण विभाग, कठुआ