फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jawan Jogesh Martyr in Manipur cremated with military honors in kathua

कठुआ: दो दिन बाद आना था छुट्टी, अब पहुंचा पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ जवान जोगेश का अंतिम संस्कार

Mon, 25 Sep 2023 12:13 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Mon, 25 Sep 2023 12:13 PM IST
सार

कठुआ शहर के वार्ड 13 फूला चक के रहने वाले रायफलमैन जोगेश कुमार के अंतिम संस्कार रविवार को हुआ। उनके वृद्ध पिता नागरमल शर्मा अपने आप को रोक पाए नहीं और फफकते हुए उसके दो दिन के बाद आने की बात को कहने लगे।

विज्ञापन
Jawan Jogesh Martyr in Manipur cremated with military honors in kathua
जवान जोगेश की अंतिम विदाई - फोटो : संवाद

विस्तार

देश की सुरक्षा के लिए पूर्वाेत्तर भारत के मणिपुर से जिसे दो दिन बाद आना था अपने बच्चों, पत्नी, माता-पिता और सगे संबंधियों के साथ मिलना था। उसका शनिवार देर रात कठुआ शहर के वार्ड 13 फूला चक में पार्थिव शरीर पहुंचा। जिसे देख हर किसी की आंख भर आई। रविवार की सुबह शहर के ड्रीमलैंड पार्क स्थित श्मशान घाट पर जब सैनिक सम्मान के साथ रायफलमैन जोगेश कुमार के अंतिम संस्कार शुरू हुआ तो वृद्ध पिता नागरमल शर्मा अपने आप को नहीं रोक पाए और फफकते हुए उसके दो दिन के बाद आने की बात को कहने लगे।

विज्ञापन


9 असम राइफल के जवान जोगेश कुमार गत मई माह में अपने पूरे परिवार से जल्द मिलने का वादा कर ड्यूटी पर गए हुए थे। जहां से गत 21 सितंबर की रात करीब 10 बजे उन्होंने अपनी पत्नी मंजू बाला से फोन पर बात करते हुए बताया था कि उनकी छुट्टी मंजूर हो गई है और वह मेडिकल चेकअप के लिए ट्रांजिट कैंप में आ गए हैं।
विज्ञापन


इससे पूरे परिवार में खुशी थी और हर कोई उनके आने का इंतजार कर रहा था। पिता नागर मल जहां जवान बेटे की मौत से बेहाल दिखे वहीं, मां शक्ति देवी भी अपने बेटे के पार्थिव शरीर को नहीं देख पा रही थी। पत्नी ने तो अपने पति के पार्थिव शरीर को देख बेसुध हो गई। उसे स्थानीय महिलाएं किसी तरह संभाल रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, उनकी 10 साल की बेटी कुशली को पिता के इस दुनिया में न होने का अहसास था लेकिन पांच वर्षीय बेटा दीशांत को तो कुछ पता ही नहीं था। इस दौरान सभी की आंखे नम थी। तीन भाईयों में दूसरे नंबर पर आने वाले जोगेश कुमार घर में एक मात्र सरकारी सेवा में थे। उनके बडे़ भाई एक स्थानीय निजी कंपनी में काम करते हैं जबकि छोटा भाई कृषि से जुड़ा हुआ है। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद सेना के अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि शनिवार की रात 11 बजे तीन मंजिला इमारत की छत से गिरने से मौत हुई। कारणों की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed