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Kathua News: कोर्ट से 10 साल बाद आरोपी बरी
Sun, 20 Jul 2025 01:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 20 Jul 2025 01:00 AM IST
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लापरवाही से टिप्पर चलाने से हुई मौत का मामला, गवाहों ने अभियुक्त के खिलाफ नहीं दिया बयान
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने दस साल पुराने लापरवाही से टिप्पर चलाने से हुई मौत के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों में से किसी ने भी अभियुक्त के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया है।
कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जोगिंदर कुमार पुत्र पारस राम निवासी बालपुर सुंडला उधमपुर पर 11 नवंबर 2014 को अपने वाहन से मोटरसाइकिल चालक को टक्कर मारने का आरोप था। इसके बाद उसकी अस्पताल में मौत हो जाती है। जोगिंदर कुमार पर दयालाचक-बिलावर मार्ग पर लापरवाही और तेज गति से टिप्पर चलाने का मामला दर्ज था। इसमें रणजीत सिंह पुत्र बलबीर सिंह निवासी मंगलुरू की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर 13 मार्च 2015 को कोर्ट में आरोप-पत्र तय किए थे।
आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताया और मुकदमा लड़ने की वकालत की थी। इसके बाद अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष 16 में से सिर्फ पांच गवाहों को ही कोर्ट में पेश कर पाया। कोर्ट की सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील ने दलील दी कि अभियुक्त के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया है। इसलिए सीआरपीसी की धारा 342 के तहत बयान दर्ज करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और रिकाॅर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों में से किसी ने भी अभियुक्त के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया। इससे
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अभियुक्त का दुर्घटना से संबंध स्थापित होता हो।
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कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने दस साल पुराने लापरवाही से टिप्पर चलाने से हुई मौत के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत गवाहों में से किसी ने भी अभियुक्त के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया है।
कोर्ट में दायर रिपोर्ट के अनुसार आरोपी जोगिंदर कुमार पुत्र पारस राम निवासी बालपुर सुंडला उधमपुर पर 11 नवंबर 2014 को अपने वाहन से मोटरसाइकिल चालक को टक्कर मारने का आरोप था। इसके बाद उसकी अस्पताल में मौत हो जाती है। जोगिंदर कुमार पर दयालाचक-बिलावर मार्ग पर लापरवाही और तेज गति से टिप्पर चलाने का मामला दर्ज था। इसमें रणजीत सिंह पुत्र बलबीर सिंह निवासी मंगलुरू की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर 13 मार्च 2015 को कोर्ट में आरोप-पत्र तय किए थे।
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आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताया और मुकदमा लड़ने की वकालत की थी। इसके बाद अभियोजन पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। अभियोजन पक्ष 16 में से सिर्फ पांच गवाहों को ही कोर्ट में पेश कर पाया। कोर्ट की सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील ने दलील दी कि अभियुक्त के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया गया है। इसलिए सीआरपीसी की धारा 342 के तहत बयान दर्ज करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद और रिकाॅर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों में से किसी ने भी अभियुक्त के खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया। इससे
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अभियुक्त का दुर्घटना से संबंध स्थापित होता हो।