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Kathua News: रेलवे ट्रैक से चोरी के मामले में 29 साल बाद दोनों आरोपी बरी
Sat, 11 Oct 2025 01:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 11 Oct 2025 01:56 AM IST
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कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कठुआ की अदालत ने 1996 में रेलवे ट्रैक से क्लिप चोरी के मामले में दो आरोपियों को बरी कर दिया। कठुआ रेलवे पुलिस की ओर से दर्ज मामले में यशपाल और काका राम पर आरपीसी की धारा 379 और 34 के तहत आरोप लगाए गए थे।
19 मई 1996 को एएसआई बशीर अहमद को सूत्रों से सूचना मिली कि कुछ अज्ञात व्यक्ति रेलवे ट्रैक से क्लिप चुरा रहे हैं। मौके पर पहुंचने पर एक आरोपी यशपाल को 30 क्लिप, कीटा पिन, गुल पिन और स्क्रू पिन के साथ पकड़ा गया जबकि दूसरा आरोपी काका राम फरार हो गया। मामले में चार गवाहों की गवाही दर्ज की गई। धर्मिंदर कुमार ने अदालत में कहा कि उन्होंने यशपाल को नहीं पकड़ा था बल्कि दूसरे आरोपी को पकड़ा था। तरसेम लाल ने भी कहा कि उन्हें घटना की तारीख याद नहीं है और उन्होंने केवल एक आरोपी को पकड़ा था। सोम दत्त और जोगिंदर पाल की गवाही भी स्पष्ट नहीं थी और जब्ती की पुष्टि नहीं कर सकी।
अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। गवाहों की गवाही में गंभीर विरोधाभास थे और जब्ती की पुष्टि नहीं हो सकी। न्यायाधीश अजय कुमार ने दोनों आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि संदेह का लाभ आरोपियों को दिया जाता है। रेलवे की चोरी की गई संपत्ति को वापस करने का आदेश दिया गया। संवाद
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19 मई 1996 को एएसआई बशीर अहमद को सूत्रों से सूचना मिली कि कुछ अज्ञात व्यक्ति रेलवे ट्रैक से क्लिप चुरा रहे हैं। मौके पर पहुंचने पर एक आरोपी यशपाल को 30 क्लिप, कीटा पिन, गुल पिन और स्क्रू पिन के साथ पकड़ा गया जबकि दूसरा आरोपी काका राम फरार हो गया। मामले में चार गवाहों की गवाही दर्ज की गई। धर्मिंदर कुमार ने अदालत में कहा कि उन्होंने यशपाल को नहीं पकड़ा था बल्कि दूसरे आरोपी को पकड़ा था। तरसेम लाल ने भी कहा कि उन्हें घटना की तारीख याद नहीं है और उन्होंने केवल एक आरोपी को पकड़ा था। सोम दत्त और जोगिंदर पाल की गवाही भी स्पष्ट नहीं थी और जब्ती की पुष्टि नहीं कर सकी।
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अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। गवाहों की गवाही में गंभीर विरोधाभास थे और जब्ती की पुष्टि नहीं हो सकी। न्यायाधीश अजय कुमार ने दोनों आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि संदेह का लाभ आरोपियों को दिया जाता है। रेलवे की चोरी की गई संपत्ति को वापस करने का आदेश दिया गया। संवाद
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