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Kathua News: स्लॉटर हाउस व बाॅयोमेडिकल कचरा प्रबंधन पर दिया जोर
Tue, 30 Dec 2025 01:35 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:35 AM IST
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कठुआ। जिला उपायुक्त राजेश शर्मा की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति (डीईसी) की बैठक की गई। सोमवार को आयोजित इस बैठक में एक व्यापक जिला पर्यावरण योजना के निर्माण की कार्यप्रणाली पर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा, बाॅयोमेडिकल वेस्ट, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा, खतरनाक अपशिष्ट, ई-वेस्ट तथा घरेलू सीवेज प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर राजेश शर्मा ने प्लास्टिक के विरुद्ध जिला-स्तरीय सघन अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा समिति ने वैज्ञानिक स्लॉटर हाउस की स्थापना हेतु उपयुक्त भूमि की पहचान तथा बायोमेडिकल कचरे के उपचार एवं निस्तारण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक में औद्योगिक अपशिष्ट जल प्रबंधन, गैर-अनुरूप आवासीय क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के नियमन तथा अवैध रेत खनन की रोकथाम से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। इस दौरान पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और समन्वित प्रवर्तन पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा उपायुक्त ने वायु गुणवत्ता, ध्वनि प्रदूषण और जल गुणवत्ता प्रबंधन पर चर्चा की गई। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण समिति को रियल-टाइम वायु एवं ध्वनि निगरानी स्टेशनों, चिन्हित प्रदूषण हॉटस्पॉट्स और शमन उपायों से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन, आर्द्रभूमि व वनों के संरक्षण, भूजल संसाधनों की सुरक्षा, जनभागीदारी के साथ पौधारोपण अभियान को चलाए जाने पर निर्देश दिए गए।
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बैठक में जीएम डीआईसी मुश्ताक चौधरी, अतिरिक्त जिला उपायुक्त विश्वजीत सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल चाढ़क, प्रदूषण नियंत्रण समिति के जिला अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी माैजूद रहे।
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बैठक के दौरान ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा, बाॅयोमेडिकल वेस्ट, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा, खतरनाक अपशिष्ट, ई-वेस्ट तथा घरेलू सीवेज प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर राजेश शर्मा ने प्लास्टिक के विरुद्ध जिला-स्तरीय सघन अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के सख्त क्रियान्वयन और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
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इसके अलावा समिति ने वैज्ञानिक स्लॉटर हाउस की स्थापना हेतु उपयुक्त भूमि की पहचान तथा बायोमेडिकल कचरे के उपचार एवं निस्तारण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक में औद्योगिक अपशिष्ट जल प्रबंधन, गैर-अनुरूप आवासीय क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के नियमन तथा अवैध रेत खनन की रोकथाम से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। इस दौरान पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और समन्वित प्रवर्तन पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा उपायुक्त ने वायु गुणवत्ता, ध्वनि प्रदूषण और जल गुणवत्ता प्रबंधन पर चर्चा की गई। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण समिति को रियल-टाइम वायु एवं ध्वनि निगरानी स्टेशनों, चिन्हित प्रदूषण हॉटस्पॉट्स और शमन उपायों से संबंधित विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन, आर्द्रभूमि व वनों के संरक्षण, भूजल संसाधनों की सुरक्षा, जनभागीदारी के साथ पौधारोपण अभियान को चलाए जाने पर निर्देश दिए गए।
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बैठक में जीएम डीआईसी मुश्ताक चौधरी, अतिरिक्त जिला उपायुक्त विश्वजीत सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल चाढ़क, प्रदूषण नियंत्रण समिति के जिला अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी माैजूद रहे।