{"_id":"67831621236c24b08f06a2a8","slug":"kathua-made-mashroom-city-most-production-in-state-kathua-news-c-201-1-knt1008-116459-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: मशरूम सिटी बना कठुआ, प्रदेश में सबसे ज्यादा पैदावार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: मशरूम सिटी बना कठुआ, प्रदेश में सबसे ज्यादा पैदावार
विज्ञापन
मशरूम ताेड़तीं शक्ति शर्मा। संवाद
-सालाना दस हजार क्विंटल उत्पादन, दस करोड़ कमा रहे उत्पादक
-पंजाब के बाजार में भी बिक रहा कठुआ का मशरूम
खास खबर का लोगो लगाएं
साहिल खजूरिया
कठुआ। मशरूम सिटी बनने के साथ ही कठुआ बटन मशरूम उगाने में प्रदेश का नंबर एक जिला बन गया है। जम्मू और कश्मीर में ही नहीं पंजाब के इलाकों में भी यहां से मशरूम जा रहा है। पांच साल में जिले ने 1800 क्विंटल मशरूम उत्पादन को सालाना दस हजार क्विंटल तक पहुंचाया है। वर्तमान में जिले के मशरूम उत्पादक दस करोड़ से अधिक की उपज बेच रहे हैं।
कठुआ, हीरानगर और कंडी के इलाकों में मशरूम उत्पादन ने पिछले पांच वर्ष में रिकॉर्ड बनाए हैं। पढ़े-लिखे युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी मशरूम उत्पादन में आगे आई हैं। जिले में 1100 किसान मशरूम की खेती से जुड़े हैं। बढ़ती मांग के बीच व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर के बाजार की मांग को ही मशरूम उत्पादक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। बटन के साथ जिले में शिटाके मशरूम की भी पैदावार हो रही है। यह मशरूम औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।
..............
मशरूम ने करवाया पल्ली से कत्वर्यपथ तक का सफर
कठुआ के छोटे से गांव पल्ली की शक्ति शर्मा जिले में बेहतरीन मशरूम उत्पादकों में से एक हैं। मशरूम उत्पादन ने उन्हें ऐसी पहचान दिलाई की आज वे पल्ली से कत्वर्यपथ तक का सफर करने जा रही हैं। उन्हें 23 जनवरी के लिए दिल्ली से न्यौता आया है। गणतंत्र दिवस की परेड में उन्हें आमंत्रित किया गया है। यह शक्ति ही नहीं उनके जैसी इस व्यवसाय से जुड़ी आसपास की 40 और महिलाओं के लिए प्रेरणा है। बकौल शक्ति उन्होंने छह साल पहले चार सौ मशरूम बैग के साथ इस काम की शुरुआत की और अब 4000 बैग मशरूम के स्थापित किए हैं। उन्हें सालाना लगभग चार लाख रुपये का मुनाफा सिर्फ मशरूम उत्पादन से होता है। बताया कि इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ और कृषि विभाग की ओर से तक्नकी सहयोग नियमित रूप से मिल रहा है।
विज्ञापन
.................
जिले में सालाना मशरूम उत्पादन
वर्ष
क्विंटल
2019/20 1773
2020/21
2234
2021/22
2400
2022/23
5038
2023/24
8170
2024 25
10000
कामयाबी का कहानी...एमबीए के बाद मशरूम ने बदली तकदीर
कठुआ के खरोट निवासी और जिले के सबसे बड़े मशरूम उत्पादक अरुण शर्मा ने 2010 में एमबीए के बाद प्रयोग के तौर पर 2011 में घर के एक कमरे में मशरूम उगाया। कामयाबी मिली तो आज सालाना 50 लाख का कारोबार कर रहा है। बकौल अरुण, उन्होंने पढ़ाई करने के बाद अपना कुछ काम करने का मन बनाया जिसमें लागत भी कम हो और नुकसान भी न झेलना पड़े। पहले ट्रायल में ही बाजार की मांग और उपलब्धता का अंदाजा हो गया। आज वह 25 से 30 टन मशरूम पैदा कर रहे हैं।
................
प्रदेश में मशरूम उत्पादन में कठुआ अव्वल है। इस साल दस हजार क्विंटल मशरूम तैयार किया जा रहा है। एचएपीडी के तहत युवाओं और महिलाओं को भी प्रेरित किया गया है जिसके बेहतरीन नतीजे सामने आए हैं।
-संजीव राय, मुख्य कृषि अधिकारी
विज्ञापन
-पंजाब के बाजार में भी बिक रहा कठुआ का मशरूम
खास खबर का लोगो लगाएं
साहिल खजूरिया
कठुआ। मशरूम सिटी बनने के साथ ही कठुआ बटन मशरूम उगाने में प्रदेश का नंबर एक जिला बन गया है। जम्मू और कश्मीर में ही नहीं पंजाब के इलाकों में भी यहां से मशरूम जा रहा है। पांच साल में जिले ने 1800 क्विंटल मशरूम उत्पादन को सालाना दस हजार क्विंटल तक पहुंचाया है। वर्तमान में जिले के मशरूम उत्पादक दस करोड़ से अधिक की उपज बेच रहे हैं।
कठुआ, हीरानगर और कंडी के इलाकों में मशरूम उत्पादन ने पिछले पांच वर्ष में रिकॉर्ड बनाए हैं। पढ़े-लिखे युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी मशरूम उत्पादन में आगे आई हैं। जिले में 1100 किसान मशरूम की खेती से जुड़े हैं। बढ़ती मांग के बीच व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर के बाजार की मांग को ही मशरूम उत्पादक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। बटन के साथ जिले में शिटाके मशरूम की भी पैदावार हो रही है। यह मशरूम औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन
..............
मशरूम ने करवाया पल्ली से कत्वर्यपथ तक का सफर
कठुआ के छोटे से गांव पल्ली की शक्ति शर्मा जिले में बेहतरीन मशरूम उत्पादकों में से एक हैं। मशरूम उत्पादन ने उन्हें ऐसी पहचान दिलाई की आज वे पल्ली से कत्वर्यपथ तक का सफर करने जा रही हैं। उन्हें 23 जनवरी के लिए दिल्ली से न्यौता आया है। गणतंत्र दिवस की परेड में उन्हें आमंत्रित किया गया है। यह शक्ति ही नहीं उनके जैसी इस व्यवसाय से जुड़ी आसपास की 40 और महिलाओं के लिए प्रेरणा है। बकौल शक्ति उन्होंने छह साल पहले चार सौ मशरूम बैग के साथ इस काम की शुरुआत की और अब 4000 बैग मशरूम के स्थापित किए हैं। उन्हें सालाना लगभग चार लाख रुपये का मुनाफा सिर्फ मशरूम उत्पादन से होता है। बताया कि इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ और कृषि विभाग की ओर से तक्नकी सहयोग नियमित रूप से मिल रहा है।
विज्ञापन
.................
जिले में सालाना मशरूम उत्पादन
वर्ष
क्विंटल
2019/20 1773
2020/21
2234
2021/22
2400
2022/23
5038
2023/24
8170
2024 25
10000
कामयाबी का कहानी...एमबीए के बाद मशरूम ने बदली तकदीर
कठुआ के खरोट निवासी और जिले के सबसे बड़े मशरूम उत्पादक अरुण शर्मा ने 2010 में एमबीए के बाद प्रयोग के तौर पर 2011 में घर के एक कमरे में मशरूम उगाया। कामयाबी मिली तो आज सालाना 50 लाख का कारोबार कर रहा है। बकौल अरुण, उन्होंने पढ़ाई करने के बाद अपना कुछ काम करने का मन बनाया जिसमें लागत भी कम हो और नुकसान भी न झेलना पड़े। पहले ट्रायल में ही बाजार की मांग और उपलब्धता का अंदाजा हो गया। आज वह 25 से 30 टन मशरूम पैदा कर रहे हैं।
................
प्रदेश में मशरूम उत्पादन में कठुआ अव्वल है। इस साल दस हजार क्विंटल मशरूम तैयार किया जा रहा है। एचएपीडी के तहत युवाओं और महिलाओं को भी प्रेरित किया गया है जिसके बेहतरीन नतीजे सामने आए हैं।
-संजीव राय, मुख्य कृषि अधिकारी

फाइल फोटो--कल्पना।