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Kathua News: भविष्य की डगर 20 किमी दूर, 10वीं के बाद बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर

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बिलावर। सरकार ने वर्ष 1985 में गवर्नमेंट मिडिल स्कूल गढ़ का दर्जा बढ़ाकर हाई स्कूल बनाया था। इसके बाद कई बार सरकार से स्कूल का दर्जा बढ़ाकर हायर सेकेंडरी करने की मांग की गई, लेकिन आज तक स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया गया। ऐसे में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को 20 किमी दूर हायर सेकेंडरी स्कूल बिलावर जाना पड़ता है। कई विद्यार्थी हायर सेकेंडरी स्कूल दरुंग या फिर हायर सेकेंडरी स्कूल भड्डू में भी पढ़ने के लिए जाते हैं। स्कूल की दूरी की वजह से आने-जाने में खर्च के चलते कई विद्यार्थी 10वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ देते हैं। वहीं दूरी की वजह से तमाम छात्राओं की पढ़ाई उनके अभिभावक छुड़वा देते हैं।
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सरपंच ललित शर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में गवर्नमेंट हाई स्कूल गढ़ में ढाई सौ के करीब विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। ये बच्चे 10वीं के बाद हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने के लिए कई किमी पैदल चलकर पहले सड़क पर पहुंचते हैं। इसके बाद बस से हायर सेकेंडरी स्कूलों में पहुंचते हैं। लोगों ने बताया कि हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग कई बार सरकार से कर चुके हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह को भी सौंपी गई है। इसके बाद भी आज तक स्कूल का दर्जा नहीं बढ़ाया गया। गढ़ गांव के लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द हाईस्कूल गढ़ का दर्जा बढ़ाकर उसे हायर सेकेंडरी किया जाए।
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स्कूल का दर्जा बढ़ाने के लिए इमारत भी है और कई कनाल सरकारी भूमि स्कूल के नाम है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जल्द ही स्कूल का दर्जा बढ़ाना चाहिए। - पूर्ण चंद, स्थानीय
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अगर गांव के स्कूल का दर्जा बढ़ जाए तो गांव के आसपास के करीब 4 गांवों के विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा और विद्यार्थियों को घर के पास ही हायर सेकेंडरी स्कूल की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। - करनैल सिंह
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गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल न होने से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करने के लिए छात्राओं को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। कई छात्र आर्थिक कमजोरी के कारण दसवीं के बाद ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। - पंकज सिंह

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बैक टू विलेज के तहत हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग रखी गई थी, जिसके बाद विभाग की टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया था। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। - चमन लाल, डिप्टी सीईओ बिलावर
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