कठुआ। वैश्विक मत्स्य पालन के स्थायी प्रबंधन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राजकीय डिग्री कॉलेज में विश्व मत्स्य दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज के औद्योगिक मछली और मत्स्य पालन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कॉलेज के सेमेस्टर-1 के विद्यार्थियों ने भाग लेकर जलीय संसाधनों के महत्व और समस्याओं के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से वहां होने वाले पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भाग लिया। इस दौरान शहर के वार्ड 17 स्थित नेशनल फिश सीड फार्म का छात्रों ने फिल्ड ड्रिप भी किया ।
इस मौके पर प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने औद्योगिक मछली और मत्स्य विभाग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मत्स्य पालन इस कॉलेज द्वारा संचालित अद्वितीय विषयों में से एक है। छात्रों द्वारा विशेष रूप से राज्य में हाल ही में शुरू की गई नई शिक्षा नीति में इसे सबसे अधिक पसंद किया जाता है। यह कला वर्ग के छात्रों को भी उनके कौशल और बहु-विषयक पाठ्यक्रम में एक विज्ञान विषय को शामिल करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के अलावा अन्य विषयों के छात्रों ने मत्स्य पालन को चुना है। जो स्पष्ट संकेत देता है कि छात्र आत्म निर्भर और उद्यमी बनने के लिए भविष्य की आवश्यकता को समझते हैं और इस विषय को सीखने से उन्हें न केवल आत्म निर्भर होने का सुनहरा अवसर मिल सकता है बल्कि वे दूसरों के लिए रोजगार भी पैदा कर सकते हैं। इस मौके औद्योगिक मतस्य एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रमुख डॉ. जागेश्वर दत्त सरोच, शुभ कुमार, डॉ. सूर्य प्रताप सिंह, डॉ. राम-कृष्ण, प्रो. राजेश कुमार, प्रो. रीतिका रानी, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. अमरीक सिंह, प्रो. मनमोहन सिंह और प्रो. कौरब सिंह के अलावा नेशनल फिश सीड फार्म के मुख्य परियोजना अधिकारी गोपाल कृष्ण, अपर निदेशक मत्स्य पवन पाल शर्मा, संदीप रैना भी मौजूद रहे।