फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   kathua abvp oppose Jammu Kashmir Public University Bill

Kathua: जम्मू-कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल का किया विरोध

Fri, 18 Nov 2022 12:43 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Fri, 18 Nov 2022 12:43 PM IST
सार

अखिल जसरोटिया ने कहा जम्मू-कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल को सभी विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता को छीन कर नौकरशाहों के अधीन करने वाला बताया।

विज्ञापन
kathua abvp oppose Jammu Kashmir Public University Bill
पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की घोषणा करते अभाविप के कार्यकर्ता। संवाद - फोटो : KATHUA

विस्तार

जम्मू-कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा हमला करार देते हुए बिल के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की हैै। वीरवार को राजकीय डिग्री कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कॉलेज इकाई अध्यक्ष अखिल जसरोटिया ने कहा जम्मू-कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल को सभी विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता को छीन कर नौकरशाहों के अधीन करने वाला बताया।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरे देश में यूनिवर्सिटी यूजीसी की गाइडलाइन पर चलती है और दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर में पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल जैसे काले कानून लाए जा रहे हैं। वर्तमान समय में ही जेके पीएसआई रिक्रूटमेंट स्कैम, फाइनेंसियल अकाउंट असिस्टेंट स्कैम और भी ऐसे कई सारे स्कैम हमें देखने को मिले हैं। अब विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को छीन कर भी उसी स्कैम स्टार जेकेएसएसबी के अंतर्गत करने की बात की जा रही है। विद्यार्थी परिषद की स्पष्ट मांग है की विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को छीनने का षड्यंत्र जो कि पब्लिक यूनिवर्सिटी बिल के माध्यम से सरकार द्वारा किया जा रहा है इसे तत्काल प्रभाव से वापस करना चाहिए। क्योंकि शैक्षणिक व्यवस्था में नौकरशाहों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन


वहीं, नगर मंत्री मन्नत ने प्राध्यापक रिक्रूटमेंट का विषय रखते हुए कहा कि यूजीसी के गाइडलाइन के अंतर्गत देखा जाए तो जिस भी विद्यार्थी ने पीएचडी की है उन्हें 30 अंक दिए जाते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में नई प्राध्यापक रिक्रूटमेंट में उन्हें सिर्फ 2 अंक दिए जाएंगे जो कि विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मानना प्राध्यापक की रिक्रूटमेंट यूजीसी की गाइडलाइन के अंतर्गत ही होनी चाहिए और पीएचडी विद्यार्थियों को 30 अंक ही दिए जाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कॉलेज की इकाई उपाध्यक्ष शिखा ने भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए कहा कि जो लोग यह नारा देते थे की ‘दो विधान दो प्रधान दो सविधान नहीं चलेंगे’ लेकिन आज भी हम देख रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर और जम्मू-कश्मीर की जनता के लिए दो-दो कानून ही बनाए जा रहे हैं। जिसका वह विद्यार्थी समुदाय विरोध करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed