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Kathua News: स्वस्थ जीवन शैली अपना कर बीमारियों से राहत पाएं
Tue, 07 Nov 2023 12:34 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:34 AM IST
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राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में ड्रग डी-एडिक्शन पर हुआ जागरूकता सत्र
डॉक्टरों ने बताया होम्योपैथिक उपचार का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के ड्रग डी-एडिक्शन एंड साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेल और से होम्योपैथी और इसके उपचार पर एक जागरूकता सत्र हुआ। इसका आयोजन सरकारी होम्योपैथिक अस्पताल कठुआ के सहयोग से हुआ, जिसमें डॉक्टर नितिन मगोत्रा, डॉक्टर इफराह दिलनवाज और डॉक्टर रूही रजा ने छात्राओं को जागरूक किया।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सावी बहल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर इफराह ने नशीली दवाओं के व्यापक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के सेवन से अक्सर मनोवैज्ञानिक समस्याएं पैदा होती हैं, जिन पर होम्योपैथिक उपचार से काबू पाया जा सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अवसाद और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे की संभावना 50 फीसदी अधिक है। यह आंशिक रूप से कई जैविक परिवर्तनों के कारण भी हो सकती हैं।
डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी। इसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं के इस्तेमाल न करना शामिल है। चिकित्सा शिविर में आम स्वास्थ्य समस्याओं, विशेष रूप से नशीली दवाओं की लत और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों से जुड़े मुद्दों के इलाज में होम्योपैथिक दवाओं के महत्व के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर डॉ. रेनू, डॉ. दीप्ति सलोत्रा, डॉ. अरुण देव सिंह, प्रो. पल्लवी, डॉ. सुरेखा रानी, डॉ. मुकेश कुमारी, डॉ. अनुपम मनुहार और डॉ. शिवाली आदि मौजूद रहे।
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डॉक्टरों ने बताया होम्योपैथिक उपचार का महत्व
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज के ड्रग डी-एडिक्शन एंड साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेल और से होम्योपैथी और इसके उपचार पर एक जागरूकता सत्र हुआ। इसका आयोजन सरकारी होम्योपैथिक अस्पताल कठुआ के सहयोग से हुआ, जिसमें डॉक्टर नितिन मगोत्रा, डॉक्टर इफराह दिलनवाज और डॉक्टर रूही रजा ने छात्राओं को जागरूक किया।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सावी बहल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर इफराह ने नशीली दवाओं के व्यापक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के सेवन से अक्सर मनोवैज्ञानिक समस्याएं पैदा होती हैं, जिन पर होम्योपैथिक उपचार से काबू पाया जा सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अवसाद और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे की संभावना 50 फीसदी अधिक है। यह आंशिक रूप से कई जैविक परिवर्तनों के कारण भी हो सकती हैं।
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डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी। इसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं के इस्तेमाल न करना शामिल है। चिकित्सा शिविर में आम स्वास्थ्य समस्याओं, विशेष रूप से नशीली दवाओं की लत और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों से जुड़े मुद्दों के इलाज में होम्योपैथिक दवाओं के महत्व के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर डॉ. रेनू, डॉ. दीप्ति सलोत्रा, डॉ. अरुण देव सिंह, प्रो. पल्लवी, डॉ. सुरेखा रानी, डॉ. मुकेश कुमारी, डॉ. अनुपम मनुहार और डॉ. शिवाली आदि मौजूद रहे।
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