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भगवान परशुराम जयंती समारोह : बैंड बाजे के साथ निकली कलशयात्रा
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कठुआ। शहर में भगवान परशुराम जयंती पर समारोह का आगाज हो गया है। ब्राह्मण सभा कठुआ के प्रांगण में होने वाले कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। बैंड बाजे के साथ निकाली गई कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान का भजन कीर्तन करते हुए प्रचीन बावलियों में पहुंचे। जहां पुरोहितों द्वारा विधि विधान से मंत्रोच्चारण और पूजन के उपरांत कलशों को बावली के जल से भरा गया और वापस उसी तरह कथा स्थल पहुंचे। यहां पूजा अर्चना के बाद कलशों की स्थापना की गई। इसके साथ ही सात दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में होने वाले श्रीमद् भगवत कथा ज्ञान यज्ञ का आगाज हो गया है।
शनिवार को कथा के पहले दिन जम्मू संभाग के प्रसिद्ध कथा वाचक सुभाष शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद़् भगवत कथा का महात्म बताया। कहा कि भगवान की यह कथा हमारे समस्त दुखों का नाश करने वाली है। कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य अपने जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति पाता है। कथा के दौरान उन्होंने भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि इस संसार में हमारे सदा दुखी और चिंतित रहने का एकमात्र कारण मोह है। हालांकि हम यह जानते हैं कि जिसने हमें जन्म दिया वह भी एक दिन मृत्यु की गोद में चला जाएगा। फिर भी हम इस संसार और संसार वालों से जुड़ने का हर संभव प्रयास करते हैं।
शास्त्री जी ने कहा कि इस संसार और सांसारिक वस्तुओं से हम जितना मोह रखेंगे वह हमें उतना ही दुख देंगे। मनुष्य का साथ केवल उसका धर्म देता है क्योंकि यही मृत्यु के बाद साथ जाता है। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के प्रधान डॉ. दुष्यंत उब्बट ने कहा कि यह कार्यक्रम 7 दिनों तक चलेगा।
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श्रीकृष्ण की बाल लीला ने किया मंत्रमुग्ध
कठुआ। शहर के वार्ड 17 में जारी श्रीमद्भागवत कथा के छठें दिन कथावाचक अश्विनी शास्त्री ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन सुनाया। उन्होंने भगवान के द्वारा माखन चोरी करने, गोपियों के साथ रास रचाने का मनमोहक वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
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शनिवार को कथा के पहले दिन जम्मू संभाग के प्रसिद्ध कथा वाचक सुभाष शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद़् भगवत कथा का महात्म बताया। कहा कि भगवान की यह कथा हमारे समस्त दुखों का नाश करने वाली है। कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य अपने जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति पाता है। कथा के दौरान उन्होंने भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि इस संसार में हमारे सदा दुखी और चिंतित रहने का एकमात्र कारण मोह है। हालांकि हम यह जानते हैं कि जिसने हमें जन्म दिया वह भी एक दिन मृत्यु की गोद में चला जाएगा। फिर भी हम इस संसार और संसार वालों से जुड़ने का हर संभव प्रयास करते हैं।
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शास्त्री जी ने कहा कि इस संसार और सांसारिक वस्तुओं से हम जितना मोह रखेंगे वह हमें उतना ही दुख देंगे। मनुष्य का साथ केवल उसका धर्म देता है क्योंकि यही मृत्यु के बाद साथ जाता है। इस मौके पर ब्राह्मण सभा के प्रधान डॉ. दुष्यंत उब्बट ने कहा कि यह कार्यक्रम 7 दिनों तक चलेगा।
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श्रीकृष्ण की बाल लीला ने किया मंत्रमुग्ध
कठुआ। शहर के वार्ड 17 में जारी श्रीमद्भागवत कथा के छठें दिन कथावाचक अश्विनी शास्त्री ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन सुनाया। उन्होंने भगवान के द्वारा माखन चोरी करने, गोपियों के साथ रास रचाने का मनमोहक वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।