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हेलिकॉप्टर हादसे के 13वें दिन पायलट का शव मिला
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कठुआ/बसोहली। रंजीत सागर झील में तीन अगस्त को दुर्घटनाग्रस्त हुए सेना के रुद्र हेलिकॉप्टर के दो पायलटों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है। हादसे के 13वें दिन रविवार को शाम छह बजकर 19 मिनट पर झील की 75.9 मीटर गहराई में यह शव बरामद किया गया है।
एसएसपी कठुआ रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल एएस बाथ का शव रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे रंजीत सागर झील से निकाला गया। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि सेना के अधिकारी के शव को शाम छह बजकर 19 मिनट पर झील की 75.9 मीटर की गहराई से निकाला गया। सह पायलट की तलाश सोमवार को भी जारी रही।
इससे पहले वायुसेना ने पानी के नीचे खोज अभियान को तेज करने के लिए विशाखापट्टनम से पठानकोट तक भारी उपकरण पहुंचाए थे। इन उपकरणों से लगातार झील के नीचे हेलिकॉप्टर के मलबे और दूसरे लापता पायलट की तलाश जारी है। हादसे के नौ दिन बाद सेना ने दावा किया था कि विशाल झील में दुर्घटना वाले क्षेत्र के 80 मीटर की गहराई पर हेलिकॉप्टर के मलबे की पहचान की गई है। विशाल उपकरणों से उन्हें निकाला जाएगा।
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एसएसपी कठुआ रमेश चंद्र कोतवाल ने बताया कि पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल एएस बाथ का शव रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे रंजीत सागर झील से निकाला गया। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि सेना के अधिकारी के शव को शाम छह बजकर 19 मिनट पर झील की 75.9 मीटर की गहराई से निकाला गया। सह पायलट की तलाश सोमवार को भी जारी रही।
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इससे पहले वायुसेना ने पानी के नीचे खोज अभियान को तेज करने के लिए विशाखापट्टनम से पठानकोट तक भारी उपकरण पहुंचाए थे। इन उपकरणों से लगातार झील के नीचे हेलिकॉप्टर के मलबे और दूसरे लापता पायलट की तलाश जारी है। हादसे के नौ दिन बाद सेना ने दावा किया था कि विशाल झील में दुर्घटना वाले क्षेत्र के 80 मीटर की गहराई पर हेलिकॉप्टर के मलबे की पहचान की गई है। विशाल उपकरणों से उन्हें निकाला जाएगा।
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