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Kathua News: मोटरसाइकिल चोरी के मामले में आरोपी बरी

Wed, 25 Mar 2026 02:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Wed, 25 Mar 2026 02:56 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। जिला न्यायिक मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक) पूनम गुप्ता ने आठ साल पुराने मोटरसाइकिल चोरी मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता और गवाहों के बयानों में विरोधाभास है तथा बरामदगी और खुलासे के दस्तावेज संदेहास्पद हैं। इस कारण आरोपी को संदेह का लाभ देते उसे बरी करने का फैसला सुनाया गया।


कोर्ट में दायर चालान के अनुसार मोटरसाइकिल चोरी का मामला 28 अगस्त 2017 का है, जब शिकायतकर्ता मोहम्मद नजीर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने अपना मोटरसाइकिल शहर के बीचोबीच हैप्पी पैलेस के पास खड़ी की थी, लेकिन जब डेढ़ घंटे बाद मौके पर वापस आया तो वहां से मोटरसाइकिल गायब थी। इसके बाद पुलिस ने आरपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने जांच में पाया कि मोटरसाइकिल को आरोपी अमन सिंह निवासी चंदवां मढ़ीन ने चोरी किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चालान को 19 सितंबर 2017 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। आरोपी के खिलाफ आरोप 28 अक्टूबर 2017 तय किए गए, जिसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाए जाने की कोर्ट से अपील की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल पांच गवाहों में चार को पेश किया। इसमें शिकायतकर्ता ने कोर्ट में बताया कि उसकी मोटरसाइकिल कोर्ट के बाहर से चोरी हुई थी, जबकि शिकायत में उसने कहा था कि मोटरसाइकिल हैप्पी पैलेस के बाहर से चोरी हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने शिकायतकर्ता के बयान को विरोधाभासी बताया। वहीं, अन्य गवाहों ने कोर्ट को बताया कि मोटरसाइकिल आरोपी के खुलासे के बाद झाड़ियों से बरामद किया था, जबकि किसी ने कहा कि उन्होंने मोटरसाइकिल को पुलिस स्टेशन में देखा था। हालांकि मामले में जांच अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल की बरामदगी आरोपी के खुलासे के बाद की गई थी, परंतु स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति और दस्तावेजी खामियों ने अभियोजन की कहानी को कमजोर कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए उसे बरी करने का फैसला सुनाया।
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