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Kathua News: किन्नरों को किया अधिकारों के प्रति जागरूक
Wed, 21 Jan 2026 01:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:53 AM IST
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डीएलएसए की ओर से किन्नरों को उनके अधिकारों को लेकर किया गया जागरूकसंवाद
वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र में लगाया जागरूकता शिविर
कठुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कठुआ द्वारा किन्नरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पहली बार एक विशेष जागरूकता शिविर वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र में आयोजित हुआ जिसमें शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले किन्नरों ने भाग लिया।
शिविर के दौरान डीएलएसए की ओर से उपस्थित विशेषज्ञ अधिवक्ताओं ने किन्नरों के सांविधानिक और कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किन्नरों के लिए जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से पहचान पत्र बनवाने की प्रक्रिया क्या है और इसके क्या लाभ हैं। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य नागरिकों की तरह सम्मानपूर्वक और समान अधिकारों के साथ जीवन जीने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। इस मौके पर प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, भेदभाव के खिलाफ कानूनी संरक्षण और सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी अवगत कराया गया। शिविर का शुरुआत डीएलएसए के अध्यक्ष सत्र न्यायाधीश जतिंद्र सिंह जम्वाल ने सचिव उर्वशी रैना की उपस्थित में किया गया। डीएलएसए सचिव रैना ने प्रतिभागियों को उनके अधिकारों के बारे में अवगत करवाते हुए कहा कि एनएलएसए बनाम भारत संघ के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद किन्नरों को सारे अधिकार दिए गए जो देश के प्रत्येक नागरिक के होते है। इसी का परिणाम है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक जिले में इनके लिए विशेष शिविर का आयोजन कर उनको जागरूक किया जा रहा है। शिविर में उपस्थित सरोज बाबा और तमन्ना ने डीएलएसए अधिकारियों से विचार साझा करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था कि सार्वजनिक स्थल पर किन्नरों के साथ भेदभाव किया जाता था और उनकी शिकायत पुलिस अधिकारी भी नहीं सुनते थे, लेकिन जब से सरकार ने खासकर न्यायालयों ने इसका संज्ञान लेना शुरू किया तो लोगों की सोच में बदलाव आया है। लेकिन ग्रामीण और छोटे शहरों में अभी भी हमारे साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने जागरूकता शिविर के लिए डीएलएसए का आभार जताया है। इस मौके पर मुख्य कानूनी सहायता रक्षा वकील (एलएडीसी) अरविंद गुप्ता, डिप्टी एलएडीसी सुमित जसरोटिया, सौरव गुप्ता, अंकुश शर्मा, गुलशन सिंह के अलावा पॉक्सो से जुड़े सहायक कर्मचारी मौजूद रहे।
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कठुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कठुआ द्वारा किन्नरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। पहली बार एक विशेष जागरूकता शिविर वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र में आयोजित हुआ जिसमें शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले किन्नरों ने भाग लिया।
शिविर के दौरान डीएलएसए की ओर से उपस्थित विशेषज्ञ अधिवक्ताओं ने किन्नरों के सांविधानिक और कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किन्नरों के लिए जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से पहचान पत्र बनवाने की प्रक्रिया क्या है और इसके क्या लाभ हैं। इसके अलावा शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य नागरिकों की तरह सम्मानपूर्वक और समान अधिकारों के साथ जीवन जीने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। इस मौके पर प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, भेदभाव के खिलाफ कानूनी संरक्षण और सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी अवगत कराया गया। शिविर का शुरुआत डीएलएसए के अध्यक्ष सत्र न्यायाधीश जतिंद्र सिंह जम्वाल ने सचिव उर्वशी रैना की उपस्थित में किया गया। डीएलएसए सचिव रैना ने प्रतिभागियों को उनके अधिकारों के बारे में अवगत करवाते हुए कहा कि एनएलएसए बनाम भारत संघ के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद किन्नरों को सारे अधिकार दिए गए जो देश के प्रत्येक नागरिक के होते है। इसी का परिणाम है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक जिले में इनके लिए विशेष शिविर का आयोजन कर उनको जागरूक किया जा रहा है। शिविर में उपस्थित सरोज बाबा और तमन्ना ने डीएलएसए अधिकारियों से विचार साझा करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था कि सार्वजनिक स्थल पर किन्नरों के साथ भेदभाव किया जाता था और उनकी शिकायत पुलिस अधिकारी भी नहीं सुनते थे, लेकिन जब से सरकार ने खासकर न्यायालयों ने इसका संज्ञान लेना शुरू किया तो लोगों की सोच में बदलाव आया है। लेकिन ग्रामीण और छोटे शहरों में अभी भी हमारे साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने जागरूकता शिविर के लिए डीएलएसए का आभार जताया है। इस मौके पर मुख्य कानूनी सहायता रक्षा वकील (एलएडीसी) अरविंद गुप्ता, डिप्टी एलएडीसी सुमित जसरोटिया, सौरव गुप्ता, अंकुश शर्मा, गुलशन सिंह के अलावा पॉक्सो से जुड़े सहायक कर्मचारी मौजूद रहे।
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