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Kathua News: हाई स्कूल मढ़ीन के तीन कमरे असुरक्षित घोषित, पुस्तकालय और प्रयोगशाला में चल रहीं कक्षाएं
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कठुआ। राजकीय हाई स्कूल मढ़ीन में तीन कमरों को असुरक्षित घोषित करने के बाद स्कूल प्रशासन प्राइमरी बच्चों की कक्षाएं पुस्तकालय और प्रयोगशाला में लगाने के लिए मजबूर हैं। इससे न केवल विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि इससे 9वीं और दसवीं कक्षाओं की प्रायोगिक शिक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
वर्तमान में स्कूल प्रशासन के पास क्लास वर्क के लिए सिर्फ सात कमरे ही उपलब्ध हैं। इसमें एक कमरे में बालवाटिका चल रही है। 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के दो सेक्शन के लिए दो कमरे की व्यवस्था की गई है। वहीं, दो कमरों में 10वीं के विद्यार्थी शिक्षा ले रहे है। जबकि एक-एक कमरे में सातवीं और आठवीं की कक्षाएं लगती हैं। इसके अलावा स्कूल प्रशासन ने एक कमरे में आईसीटी की प्रयोगशाला स्थापित की हुई है और एक कमरे में सोलर पैनल की बैटरी रखी हुई है। प्रयोगशाला और पुस्तकालय के लिए बनाए गए कमरों में दूसरी, तीसरी, चौथी, पांचवीं और छठी की कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान 9वीं और दसवीं के बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इस शैक्षणिक सत्र में राजकीय हाई स्कूल मढ़ीन में कुल 160 विद्यार्थी पंजीकृत है। जिसमें सबसे अधिक संख्या 9वीं और दसवीं के विद्यार्थियों की है। दरअसल, मिडिल स्कूल मढ़ीन को हाई स्कूल के साथ क्लब कर मिडिल स्कूल की इमारत को राजकीय डिग्री कॉलेज को सौंप दिया गया था। जहां वर्तमान में कॉलेज चल रहा है। ऐसे में हाई स्कूल मढ़ीन के पहले से बने तीन कमरों को शिक्षा विभाग ने पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया है। हालांकि एक असुरक्षित कमरे को शिक्षा विभाग ने पहले ही गिरा दिया है और दो अन्य असुरक्षित कमरों को गिराने की तैयारी है। शिक्षकों का कहना है कि सभी कक्षाओं के एक साथ क्लास वर्क के लिए स्कूलों को कम से कम 10 कमरों की जरूरत है, ताकि सभी कक्षाएं सुचारू रूप से चलाई जा सकें।
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कोट
मामला संज्ञान में है। जल्द ही असुरक्षित कमरों को गिराकर उनकी जगह नये कमरों का निर्माण किया जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
-मंगत राम शर्मा, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी।
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वर्तमान में स्कूल प्रशासन के पास क्लास वर्क के लिए सिर्फ सात कमरे ही उपलब्ध हैं। इसमें एक कमरे में बालवाटिका चल रही है। 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के दो सेक्शन के लिए दो कमरे की व्यवस्था की गई है। वहीं, दो कमरों में 10वीं के विद्यार्थी शिक्षा ले रहे है। जबकि एक-एक कमरे में सातवीं और आठवीं की कक्षाएं लगती हैं। इसके अलावा स्कूल प्रशासन ने एक कमरे में आईसीटी की प्रयोगशाला स्थापित की हुई है और एक कमरे में सोलर पैनल की बैटरी रखी हुई है। प्रयोगशाला और पुस्तकालय के लिए बनाए गए कमरों में दूसरी, तीसरी, चौथी, पांचवीं और छठी की कक्षाओं की व्यवस्था की जा रही है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान 9वीं और दसवीं के बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इस शैक्षणिक सत्र में राजकीय हाई स्कूल मढ़ीन में कुल 160 विद्यार्थी पंजीकृत है। जिसमें सबसे अधिक संख्या 9वीं और दसवीं के विद्यार्थियों की है। दरअसल, मिडिल स्कूल मढ़ीन को हाई स्कूल के साथ क्लब कर मिडिल स्कूल की इमारत को राजकीय डिग्री कॉलेज को सौंप दिया गया था। जहां वर्तमान में कॉलेज चल रहा है। ऐसे में हाई स्कूल मढ़ीन के पहले से बने तीन कमरों को शिक्षा विभाग ने पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया है। हालांकि एक असुरक्षित कमरे को शिक्षा विभाग ने पहले ही गिरा दिया है और दो अन्य असुरक्षित कमरों को गिराने की तैयारी है। शिक्षकों का कहना है कि सभी कक्षाओं के एक साथ क्लास वर्क के लिए स्कूलों को कम से कम 10 कमरों की जरूरत है, ताकि सभी कक्षाएं सुचारू रूप से चलाई जा सकें।
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मामला संज्ञान में है। जल्द ही असुरक्षित कमरों को गिराकर उनकी जगह नये कमरों का निर्माण किया जाएगा। ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
-मंगत राम शर्मा, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी।