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Kathua News: मशरूम उत्पादन में महिलाएं अग्रणी
Tue, 20 Jan 2026 01:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:32 AM IST
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कठुआ। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं मशरूम उत्पादन में अहम किरदार निभा रही हैं। मशरूम के उत्पादों को बाजार में उतारकर नवाचार से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। जिले में साल दर साल मशरूम उत्पादन नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। इसमें महिला मशरूम उत्पादकों का रुझान भी बढ़ा है।
बता दें कि 10 साल में मशरूम उत्पादन में रुझान बढ़ा है। मौजूदा समय में जिले की 300 से ज्यादा महिलाएं मशरूम उत्पादन से जुड़ी हैं। जिले के मशरूम बाजार का 30 प्रतिशत हिस्सा महिलाएं संभाल रही हैं। इन महिलाओं ने 1900 क्विंटल मशरूम का उत्पादन कर 2.2 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह सफल मशरूम उत्पादक होने की गवाही देता है।
मशरूम उत्पादन से जुड़े लोगों की मानें तो इसका कारण महिलाओं को स्वरोजगारी बनाने के लिए कृषि विभाग के साथ-साथ, कृषि विज्ञान केंद्र, बागवानी विभाग, भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, कौशल विकास संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें इस रोजगार के रूप में अपनाने के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता भी मिल रही है।
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जिला कृषि विभाग जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान जिले में 598.8 क्विंटल मशरूम का उत्पादन हुआ था लेकिन इसमें महिलाओं की भागीदारी काफी सीमित थी। वर्ष 2022-23 एक बड़ा बदलाव लेकर आया जिसमें 240 नई महिलाएं मशरूम के उत्पादन से जुड़ीं, ऐसे में उत्पादन बढ़कर 919.6 क्विंटल तक पहुंच गया। वर्ष 2023-24 में 290 महिलाएं सक्रिय रूप से मशरूम के क्षेत्र में आगे आई लेकिन इस वर्ष उत्पादन स्थिर ही रहा। बीते वर्ष 2024-25 में 310 महिलाएं मशरूम की खेती के लिए आगे आई जिन्होंने 1900 क्विंटल मशरूम का उत्पादन कर 2.2 करोड़ रुपये की आमदनी अर्पित की है।
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बता दें कि 10 साल में मशरूम उत्पादन में रुझान बढ़ा है। मौजूदा समय में जिले की 300 से ज्यादा महिलाएं मशरूम उत्पादन से जुड़ी हैं। जिले के मशरूम बाजार का 30 प्रतिशत हिस्सा महिलाएं संभाल रही हैं। इन महिलाओं ने 1900 क्विंटल मशरूम का उत्पादन कर 2.2 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह सफल मशरूम उत्पादक होने की गवाही देता है।
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मशरूम उत्पादन से जुड़े लोगों की मानें तो इसका कारण महिलाओं को स्वरोजगारी बनाने के लिए कृषि विभाग के साथ-साथ, कृषि विज्ञान केंद्र, बागवानी विभाग, भारतीय स्टेट बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, कौशल विकास संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें इस रोजगार के रूप में अपनाने के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता भी मिल रही है।
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जिला कृषि विभाग जानकारी के अनुसार वर्ष 2021-22 के दौरान जिले में 598.8 क्विंटल मशरूम का उत्पादन हुआ था लेकिन इसमें महिलाओं की भागीदारी काफी सीमित थी। वर्ष 2022-23 एक बड़ा बदलाव लेकर आया जिसमें 240 नई महिलाएं मशरूम के उत्पादन से जुड़ीं, ऐसे में उत्पादन बढ़कर 919.6 क्विंटल तक पहुंच गया। वर्ष 2023-24 में 290 महिलाएं सक्रिय रूप से मशरूम के क्षेत्र में आगे आई लेकिन इस वर्ष उत्पादन स्थिर ही रहा। बीते वर्ष 2024-25 में 310 महिलाएं मशरूम की खेती के लिए आगे आई जिन्होंने 1900 क्विंटल मशरूम का उत्पादन कर 2.2 करोड़ रुपये की आमदनी अर्पित की है।