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Kathua News: शिव कथा सुनने से मन पवित्र होता है
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कठुआ। बसोहली के सन्ननघाट स्थित शिव मंदिर में शिव पुराण की कथा जारी है। कथाव्यास रामदास अनुरागी ने शिव पुराण के महात्म्य पर प्रकाश डाला। कहा कि शिव कथा सुनने से मन पवित्र होता है और विषय-विकारों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि शिव को प्रसन्न करने के लिए कर्मकांड से अधिक भावनाओं की शुद्धता आवश्यक है। कथा श्रवण से पापों का नाश होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
प्रवचन के दौरान उन्होंने पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार महापापी राक्षस बिंदुग ने शिव कथा सुनकर हृदय परिवर्तन किया और शिवलोक में नंदिकेश्वर के रूप में स्थान पाया। इसी तरह अनजाने में भी शिव कथा सुनने वाले अधर्मी ब्राह्मण का उद्धार हुआ।
रामदास ने शिवलिंग की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए कहा कि ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता विवाद को शांत करने के लिए भगवान शिव अनंत अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। इस दिव्य ज्योतिर्लिंग का न कोई आदि था और न अंत, जो शिव की सर्वोच्च शक्ति का प्रतीक है। इसी प्रसंग से शिवरात्रि का महत्व जुड़ा है, जिसे भगवान शंकर का प्राकट्य दिवस माना जाता है।
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प्रवचन के दौरान उन्होंने पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार महापापी राक्षस बिंदुग ने शिव कथा सुनकर हृदय परिवर्तन किया और शिवलोक में नंदिकेश्वर के रूप में स्थान पाया। इसी तरह अनजाने में भी शिव कथा सुनने वाले अधर्मी ब्राह्मण का उद्धार हुआ।
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रामदास ने शिवलिंग की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए कहा कि ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता विवाद को शांत करने के लिए भगवान शिव अनंत अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। इस दिव्य ज्योतिर्लिंग का न कोई आदि था और न अंत, जो शिव की सर्वोच्च शक्ति का प्रतीक है। इसी प्रसंग से शिवरात्रि का महत्व जुड़ा है, जिसे भगवान शंकर का प्राकट्य दिवस माना जाता है।
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