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Kathua News: होली को लेकर सजे बाजार, हर्बल रंगों की बढ़ी मांग
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कठुआ। शहर का बाजार आगामी होली पर्व के लिए सज गया है। पर्व से करीब दस दिन पहले ही शहर का बाजार इस समय रंगों, पिचकारियों और उत्साह से सराबोर है।
दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ सालों के दौरान लोग रंगों के चयन में विशेष सतर्कता दिखा रहे हैं। अब लोगों का रुझान केमिकल से बने रंगों की बजाय नॉन-टॉक्सिक और हर्बल रंगों की ओर बढ़ा है, जो महंगे होने के बावजूद ये रंग ग्राहकों की पहली पसंद बन चुके हैं। ऐसे में दुकानों पर भी उन्ही रंगो की भरमार है क्योंकि लोग स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं।
दुकानदार अश्विनी कुमार ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में रंगों के चयन को लेकर लोगों में गंभीरता बढ़ी है। अब रंगों को घोलने की बजाय स्प्रे कंटेनर में आने वाले स्प्रे कलर और फॉग अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए बाजार में कार्टूनों से सजी पिचकारियों और बंदूकनुमा पिचकारियों की भरमार है, जो छोटे बच्चों को खूब भा रही हैं।
सबसे अहम बात यह है कि इस बार बाजार में उपलब्ध सभी उत्पाद भारत में निर्मित हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह न केवल ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है बल्कि वोकल फॉर लोकल अभियान को भी मजबूती दे रहा है।
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हालांकि इस बार होली का पर्व बोर्ड परीक्षाओं के बीच आ रहा है, जिससे थोड़ी चिंता है। उम्मीद जताई जा रही है कि लोग एक दिन के इस पर्व को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगे।
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दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ सालों के दौरान लोग रंगों के चयन में विशेष सतर्कता दिखा रहे हैं। अब लोगों का रुझान केमिकल से बने रंगों की बजाय नॉन-टॉक्सिक और हर्बल रंगों की ओर बढ़ा है, जो महंगे होने के बावजूद ये रंग ग्राहकों की पहली पसंद बन चुके हैं। ऐसे में दुकानों पर भी उन्ही रंगो की भरमार है क्योंकि लोग स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं।
दुकानदार अश्विनी कुमार ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में रंगों के चयन को लेकर लोगों में गंभीरता बढ़ी है। अब रंगों को घोलने की बजाय स्प्रे कंटेनर में आने वाले स्प्रे कलर और फॉग अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए बाजार में कार्टूनों से सजी पिचकारियों और बंदूकनुमा पिचकारियों की भरमार है, जो छोटे बच्चों को खूब भा रही हैं।
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सबसे अहम बात यह है कि इस बार बाजार में उपलब्ध सभी उत्पाद भारत में निर्मित हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह न केवल ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है बल्कि वोकल फॉर लोकल अभियान को भी मजबूती दे रहा है।
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हालांकि इस बार होली का पर्व बोर्ड परीक्षाओं के बीच आ रहा है, जिससे थोड़ी चिंता है। उम्मीद जताई जा रही है कि लोग एक दिन के इस पर्व को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगे।