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Kathua News: तरनाह नाले के किनारे अवैध कब्जे हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
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छपाकी में प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : kathua news
हीरानगर। छपाकी में स्थानीय लोगों ने चड़वाल-सांझी मोड़ सड़क अवरुद्ध कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तरनाह नाले के किनारे घास चराई भूमि से समुदाय विशेष के लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे हटाने, चिट्टा और पशु तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, इस मांग को लेकर पहले भी प्रदर्शन किया था। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। प्रदर्शन में शामिल स्थानीय पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा ने कहा, तरनाह नाले के किनारे समुदाय विशेष के लोगों ने वाटर बॉडी और घास चराई भूमि पर पक्के निर्माण कर अवैध कब्जे किए हुए हैं। अवैध कब्जे के बाद अब यहां पशु तस्करी और नशा तस्करी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इसलिए लोग बार-बार प्रशासन से अवैध कब्जे हटाने की गुजारिश कर रहे हैं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा, इन पर कार्रवाई बेहद जरूरी है अन्यथा इलाके में नशा और पशु तस्करी और बढ़ेगी।
युवा नेता अजय भारती ने कहा, बिलावर क्षेत्र में अपनी जमीनों को छोड़कर समुदाय विशेष के लोग यहां अवैध कब्जा किए हुए हैं और यह सब किसी एजेंडे के तहत हो रहा है। बार-बार मांग करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिससे लगातार माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा, प्रशासन का अगर यही रवैया रहा तो लोगों की ओर से किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन उग्र हो सकते हैं।
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चड़वाल व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम सुंदर ने कहा, हमारे बुजुर्गों ने पशुओं के चारे के लिए जमीन छोड़ी थी जिसे घास चराई कहा जाता है, लेकिन अब उन पर समुदाय विशेष के लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। यहां से पशु तस्करी और नशा तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले कि लोगों का रोष और बढ़े, ऐसे लोगों पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
करीब आधे घंटे के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की और एक सप्ताह का समय मांगते हुए आश्वासन दिया कि कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग सड़क से हट गए। चेतावनी दी कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो अगला प्रदर्शन इससे भी बड़ा होगा। प्रदर्शन में पूर्व सरपंच सीमांत शर्मा, सन्नी गरोच, बालकृष्ण शर्मा, विशाल शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा, इस मांग को लेकर पहले भी प्रदर्शन किया था। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। प्रदर्शन में शामिल स्थानीय पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा ने कहा, तरनाह नाले के किनारे समुदाय विशेष के लोगों ने वाटर बॉडी और घास चराई भूमि पर पक्के निर्माण कर अवैध कब्जे किए हुए हैं। अवैध कब्जे के बाद अब यहां पशु तस्करी और नशा तस्करी का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। इसलिए लोग बार-बार प्रशासन से अवैध कब्जे हटाने की गुजारिश कर रहे हैं। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा, इन पर कार्रवाई बेहद जरूरी है अन्यथा इलाके में नशा और पशु तस्करी और बढ़ेगी।
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युवा नेता अजय भारती ने कहा, बिलावर क्षेत्र में अपनी जमीनों को छोड़कर समुदाय विशेष के लोग यहां अवैध कब्जा किए हुए हैं और यह सब किसी एजेंडे के तहत हो रहा है। बार-बार मांग करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिससे लगातार माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा, प्रशासन का अगर यही रवैया रहा तो लोगों की ओर से किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन उग्र हो सकते हैं।
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चड़वाल व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम सुंदर ने कहा, हमारे बुजुर्गों ने पशुओं के चारे के लिए जमीन छोड़ी थी जिसे घास चराई कहा जाता है, लेकिन अब उन पर समुदाय विशेष के लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। यहां से पशु तस्करी और नशा तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले कि लोगों का रोष और बढ़े, ऐसे लोगों पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
करीब आधे घंटे के बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की और एक सप्ताह का समय मांगते हुए आश्वासन दिया कि कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोग सड़क से हट गए। चेतावनी दी कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो अगला प्रदर्शन इससे भी बड़ा होगा। प्रदर्शन में पूर्व सरपंच सीमांत शर्मा, सन्नी गरोच, बालकृष्ण शर्मा, विशाल शर्मा आदि भी मौजूद रहे।