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Kathua News: उज्ज दरिया की बाढ़ में फंसे 11 लोगों को बचाया
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कठुआ। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में मौसम विभाग के ओरेंज अलर्ट के बीच नदी-दरिया उफान पर आ गए हैं। उज्ज दरिया में वीरवार की देर रात अचानक आई बाढ़ में 11 मजदूर फंस गए। उन्हें सचेत करने गया सिक्योरिटी गार्ड भी फंसकर रह गया। लगभग चार घंटे के बाद एसडीआरएफ, पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसी की मदद से फंसे हुए लोगों को दरिया से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
देर रात से ही उज्ज दरिया में पानी का बहाव बढ़ने लगा। दरिया के बीच ही दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही कंपनी ने स्टोर बना रखा है जहां दो दर्जन से अधिक मजदूर सोए थे। खतरा भांपते हुए सिक्योरिटी गार्ड दरिया के बीचोंबीच बने कैंप की ओर दौड़ा और मजदूरों को जगाया। वह खुद भी वहीं फंस गया। निजी सुरक्षा एजेंसी के चीफ अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि वह देर रात स्टाफ को जांचने पहुंचे तो दरिया का जलस्तर बढ़ रहा था। इसके बाद नजदीक के कैंप से लगभग 15 मजदूरों को निकाल लिया गया। लेकिन कुछ ही देर में जलस्तर इतना बढ़ गया कि दरिया के बीच में दूसरे कैंप तक पहुंचना मुश्किल हो गया। शुक्रवार को सुबह लगभग छह बजे पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एक जेसीबी की मदद से दरिया की गहराई नापते हुए मजदूरों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फंसे हुए सभी मजदूर झारखंड और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं जो पुल पर सरिया बांधने का काम करते हैं। दरिया का जलस्तर 70 हजार क्यूसेक के पार हो गया है। निर्माण कंपनी की शटरिंग भी बाढ़ की चपेट में आकर बहने की जानकारी सामने आई है।
.................
रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान
1) विनोद गोफा (झारखंड)
2) शौइद कुमार (सहारनपुर)
3) मौसिन मलिक (सहारनपुर)
4) सोनू मलिक (सहारनपुर)
5) सरवर मलिक (सहारनपुर)
6) नसीर खुर्शीद (सहारनपुर)
7) सुनील कसान (झारखंड)
8) अनूप बोहरा (झारखंड)
9) फरमान अहमद (सहारनपुर)
10) जस्सन मलिक (सहारनपुर)
11) सुरक्षा गार्ड बाबू राम निवासी खानपुर
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देर रात से ही उज्ज दरिया में पानी का बहाव बढ़ने लगा। दरिया के बीच ही दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही कंपनी ने स्टोर बना रखा है जहां दो दर्जन से अधिक मजदूर सोए थे। खतरा भांपते हुए सिक्योरिटी गार्ड दरिया के बीचोंबीच बने कैंप की ओर दौड़ा और मजदूरों को जगाया। वह खुद भी वहीं फंस गया। निजी सुरक्षा एजेंसी के चीफ अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि वह देर रात स्टाफ को जांचने पहुंचे तो दरिया का जलस्तर बढ़ रहा था। इसके बाद नजदीक के कैंप से लगभग 15 मजदूरों को निकाल लिया गया। लेकिन कुछ ही देर में जलस्तर इतना बढ़ गया कि दरिया के बीच में दूसरे कैंप तक पहुंचना मुश्किल हो गया। शुक्रवार को सुबह लगभग छह बजे पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। एक जेसीबी की मदद से दरिया की गहराई नापते हुए मजदूरों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फंसे हुए सभी मजदूर झारखंड और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं जो पुल पर सरिया बांधने का काम करते हैं। दरिया का जलस्तर 70 हजार क्यूसेक के पार हो गया है। निर्माण कंपनी की शटरिंग भी बाढ़ की चपेट में आकर बहने की जानकारी सामने आई है।
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रेस्क्यू किए गए लोगों की पहचान
1) विनोद गोफा (झारखंड)
2) शौइद कुमार (सहारनपुर)
3) मौसिन मलिक (सहारनपुर)
4) सोनू मलिक (सहारनपुर)
5) सरवर मलिक (सहारनपुर)
6) नसीर खुर्शीद (सहारनपुर)
7) सुनील कसान (झारखंड)
8) अनूप बोहरा (झारखंड)
9) फरमान अहमद (सहारनपुर)
10) जस्सन मलिक (सहारनपुर)
11) सुरक्षा गार्ड बाबू राम निवासी खानपुर