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Kathua News: चेक बाउंस मामले में आरोपी 1.50 लाख चुकाने को राजी
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दो साल पुराने मामले में दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने चेक बाउंस के करीब दो साल पुराने मामले में दो पक्षों के बीच समझौता होने के बाद मामले का निपटारा कर दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी मोहम्मद लतीफ शिकायतकर्ता संजय सिंह को कुल डेढ़ लाख रुपये देने पर सहमत हुआ है। तय शर्तों के मुताबिक यदि आरोपी किसी भी किस्त का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसे चेक की पूरी राशि साढ़े चार लाख रुपये चुकानी होगी। इसके अलावा शिकायतकर्ता को कानूनी प्रक्रिया के तहत वसूली के लिए कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्य बडयाल की अदालत में गत 23 अक्तूबर को की गई। सुनवाई के दिन दौरान दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। अदालत के समक्ष दोनों पक्षों ने बताया कि उनके बीच समझौता हो गया है। इसके तहत आरोपी 10 नवंबर 2026 तक 10 हजार रुपये और इसके बाद प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक 7 हजार रुपये की 20 मासिक किस्तों में भुगतान करेगा। यह भुगतान अगस्त 2028 तक पूरा किया जाना है। समझौते के तहत कुल राशि 1.50 लाख रुपये तय की गई है। दोनों पक्षों ने समझौते की शर्तों को सही मानते हुए हस्ताक्षर किए। इसके बाद अदालत ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दायर शिकायत का निपटारा समझौते के आधार पर कर दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने चेक बाउंस के करीब दो साल पुराने मामले में दो पक्षों के बीच समझौता होने के बाद मामले का निपटारा कर दिया है। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी मोहम्मद लतीफ शिकायतकर्ता संजय सिंह को कुल डेढ़ लाख रुपये देने पर सहमत हुआ है। तय शर्तों के मुताबिक यदि आरोपी किसी भी किस्त का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसे चेक की पूरी राशि साढ़े चार लाख रुपये चुकानी होगी। इसके अलावा शिकायतकर्ता को कानूनी प्रक्रिया के तहत वसूली के लिए कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्य बडयाल की अदालत में गत 23 अक्तूबर को की गई। सुनवाई के दिन दौरान दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। अदालत के समक्ष दोनों पक्षों ने बताया कि उनके बीच समझौता हो गया है। इसके तहत आरोपी 10 नवंबर 2026 तक 10 हजार रुपये और इसके बाद प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक 7 हजार रुपये की 20 मासिक किस्तों में भुगतान करेगा। यह भुगतान अगस्त 2028 तक पूरा किया जाना है। समझौते के तहत कुल राशि 1.50 लाख रुपये तय की गई है। दोनों पक्षों ने समझौते की शर्तों को सही मानते हुए हस्ताक्षर किए। इसके बाद अदालत ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दायर शिकायत का निपटारा समझौते के आधार पर कर दिया गया।
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