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Kathua News: वन भूमि की हदबंदी के लिए डीसी से मिला धार डूगनु का शिष्टमंडल
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। धार डूगनु क्षेत्र में वन भूमि की हदबंदी को लेकर उपजे विवाद के बीच स्थानीय लोगों के शिष्टमंडल ने एडीसी बिलावर से मंगलवार को मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई। शिष्टमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि वन भूमि की हदबंदी राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में करवाई जाए, ताकि भूमि की वास्तविक सीमाओं को लेकर किसी प्रकार का असमंजस न रहे।
शिष्टमंडल ने कहा कि हाल ही में वन विभाग की टीम हदबंदी करने के लिए धार डूगनु पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की। लोगों का कहना है कि जमीन की सीमाएं निर्धारित करने के लिए संबंधित राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करना जरूरी है। केवल एक विभाग की ओर से हदबंदी किए जाने से भूमि की वास्तविक स्थिति कब सही पता नहीं चल पाता है। शिष्टमंडल में शामिल पूर्व सरपंच कुलदीप कुमार शर्मा, मदन लाल, बिशन दास, विजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि क्षेत्र के कई किसान पिछले करीब 70 वर्षों से वन क्षेत्र के साथ लगती जमीन पर खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। इसी जमीन पर खेती करके अनेक परिवार अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। ऐसे में हदबंदी की प्रक्रिया को लेकर किसानों में चिंता बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करें तथा राजस्व रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर भूमि की सीमाएं निर्धारित की जाएं। इस अवसर पर इलाके के कई पूर्व पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। एडीसी ने आश्वासन दिया के मामले का संज्ञान लिया जाएगा।
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बिलावर। धार डूगनु क्षेत्र में वन भूमि की हदबंदी को लेकर उपजे विवाद के बीच स्थानीय लोगों के शिष्टमंडल ने एडीसी बिलावर से मंगलवार को मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई। शिष्टमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि वन भूमि की हदबंदी राजस्व विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में करवाई जाए, ताकि भूमि की वास्तविक सीमाओं को लेकर किसी प्रकार का असमंजस न रहे।
शिष्टमंडल ने कहा कि हाल ही में वन विभाग की टीम हदबंदी करने के लिए धार डूगनु पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाने की मांग की। लोगों का कहना है कि जमीन की सीमाएं निर्धारित करने के लिए संबंधित राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करना जरूरी है। केवल एक विभाग की ओर से हदबंदी किए जाने से भूमि की वास्तविक स्थिति कब सही पता नहीं चल पाता है। शिष्टमंडल में शामिल पूर्व सरपंच कुलदीप कुमार शर्मा, मदन लाल, बिशन दास, विजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि क्षेत्र के कई किसान पिछले करीब 70 वर्षों से वन क्षेत्र के साथ लगती जमीन पर खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। इसी जमीन पर खेती करके अनेक परिवार अपना गुजर-बसर कर रहे हैं। ऐसे में हदबंदी की प्रक्रिया को लेकर किसानों में चिंता बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करें तथा राजस्व रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर भूमि की सीमाएं निर्धारित की जाएं। इस अवसर पर इलाके के कई पूर्व पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। एडीसी ने आश्वासन दिया के मामले का संज्ञान लिया जाएगा।
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