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जम्मू-कश्मीर को राज्य होने का पूरा अधिकार : मुख्यमंत्री

Sun, 17 Aug 2025 01:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sun, 17 Aug 2025 01:22 AM IST
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Jammu and Kashmir has full right to be a state: Chief Minister
श्रीनगर। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को बख्शी स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जम्मू-कश्मीर के लोगों को संबोधित करते हुए एकता, न्याय और राज्य की सांविधानिक स्थिति की बहाली का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण भी किया और जम्मू-कश्मीर पुलिस, सुरक्षा बलों, स्कूली छात्रों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के ब्रास और पाइप बैंड और स्कूली छात्रों की टुकड़ियों के प्रभावशाली मार्च पास्ट की सलामी ली।
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किश्तवाड़ के चिशोती गांव में आई आपदा के मद्देनजर मुख्यमंत्री उमर ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सुबह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला किया। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने किश्तवाड़ में बादल फटने की त्रासदी से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा हम स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहे हैं और साथ ही किश्तवाड़ में बादल फटने से हुई अनमोल जानें जाने पर शोक भी मना रहे हैं। मैं किश्तवाड़ के लोगों और इस आपदा से प्रभावित लोगों से कहना चाहता हूं कि मेरी सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। सरकार उनका पूरा समर्थन करेगी।
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उन्होंने कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि क्या प्रशासन सक्रिय होकर इन अनमोल जानें बचाने के लिए और कुछ कर सकता था, क्योंकि मौसम संबंधी पहले से ही चेतावनी जारी कर दी गई थी। आने वाले दिनों में, हम किसी भी चूक की ज़िम्मेदारी तय करेंगे।
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उन्होंने कहा कि इस मंच से जम्मू-कश्मीर के लोगों को संबोधित करते हुए मुझे 11 साल हो गए हैं। उस समय, हमारी अपनी पहचान, अपना विशेष दर्जा, अपना झंडा और अपना संविधान था। आज, इनमें से कुछ भी नहीं बचा है। यहां तक कि राज्य होने का दर्जा भी अब हमारा नहीं रहा। हमारे कुछ दोस्त और रिश्तेदार मुझसे कहते रहे कि इस साल दिल्ली से कोई घोषणा होगी। हमने इंतजार किया। ऐसा नहीं हुआ। सच तो यह है कि जिस उम्मीद की मैं अक्सर बात करता था, वह अब थोड़ी धुंधली पड़ गई है, लेकिन मैं अब भी हार मानने या यह मानने को तैयार नहीं हूं कि कुछ नहीं बदलेगा।
उमर अब्दुल्ला ने पूछा कि क्या जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह और समान रूप से एकीकृत करने का घोषित उद्देश्य वास्तव में हासिल हुआ है। क्या समानता आ गई है, क्या हम वाकई देश के बाकी हिस्सों के बराबर हैं, क्या हमने वाकई सुधार किया है, अगर हां, तो मैं चुप रहूंगा। लेकिन अगर नहीं, तो मुझे बताइए कि हमारी क्या गलती थी कि हम आज यहां हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा परिकल्पित समावेशी और समतावादी भारत को पुनः प्राप्त करने की एक प्रेरक अपील के साथ समापन किया। उन्होंने कहा, हमें वह भारत प्राप्त करना है जिसके लिए महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस और अनगिनत अन्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। एक ऐसा भारत जहां समानता, भाईचारा और लोकतांत्रिक संघर्ष में भाग लेने का अधिकार सभी के लिए सुनिश्चित हो।

मैं नहीं चाहता कि कोई केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री बने
एक केंद्र शासित प्रदेश की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि कोई भी केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री बने। यह शासन प्रणाली कागजों पर तो अच्छी लगती है, लेकिन हकीकत में विफल हो जाती है। यह शासन व्यवस्था विफलता के लिए ही बनाई गई है। किसी को भी केंद्र शासित प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश नहीं रखनी चाहिए। लोग पूछेंगे कि आपने केंद्र शासित प्रदेश की चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा क्यों लिया, लेकिन मुझे नहीं पता था कि इसे इतना मुश्किल बना दिया जाएगा। हालात ऐसे हो गए हैं कि कैबिनेट के फैसले रोक दिए जाते हैं और जारी नहीं किए जाते। अगर चुनी हुई सरकार के हाथ बंधे हों तो वह क्या करेगी। मुख्यमंत्री ने मौजूदा प्रशासन के कामकाज की तुलना घोड़े के अगले पैर बांधकर उसे दौड़ने को कहने से की, और ऐसे उदाहरणों का हवाला दिया जहां कैबिनेट के फैसले रोक दिए गए, बदले गए या बिना मंज़ूरी के छोड़ दिए गए।

जवाबदेही की त्रिस्तरीय शृंखला बहाल हो
वह सर्वोच्च न्यायालय की पीठ द्वारा की गई टिप्पणियों और पहलगाम घटना को राज्य का दर्जा देने में देरी के बहाने के रूप में इस्तेमाल किए जाने से निराश हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मजबूत जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए राज्य का दर्जा बहाल करना पहला कदम होना चाहिए। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए जहां नौकरशाही निर्वाचित सरकार के प्रति जवाबदेह न हो। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा परिकल्पित जवाबदेही की त्रिस्तरीय शृंखला को बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि नौकरशाही निर्वाचित सरकार के प्रति और निर्वाचित सरकार विधानसभा के प्रति जवाबदेह हो।

पाकिस्तान तय नहीं करेगा राज्य का दर्जा कब मिले
मुख्यमंत्री ने कहा, हमें पहलगाम हमले की सजा मिल रही है। एक ऐसा हमला जिसकी जम्मू-कश्मीर के लोगों ने कठुआ से लेकर कुपवाड़ा तक निंदा की थी। राज्य का दर्जा पहलगाम के पीछे के लोगों द्वारा तय नहीं किया जाना चाहिए। क्या हमले के जिम्मेदार पाकिस्तान को तय करना चाहिए कि राज्य का दर्जा कब मिलेगा। जब भी हालात सामान्य हो रहे होंगे, राज्य के दर्जे की मांग उठेगी तो इस तरह के हमले हमारे हक का फैसला करेंगे। उस जुर्म की सजा दी जाएगी जिसमें हम शामिल नहीं थे। क्या यह न्याय है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली निर्वाचित सरकारों के दौरान, उग्रवाद संबंधी घटनाओं में लगातार कमी आई थी और निर्वाचित नेतृत्व ने शांति बनाए रखने की अपनी क्षमता साबित की है। एक बार हम पर भरोसा कीजिए - हम पहले भी असफल नहीं हुए, और ईश्वर की इच्छा से, हम भविष्य में भी असफल नहीं होंगे।

आठ हफ्ते बाद लोगों के हस्ताक्षर देंगे सुप्रीम कोर्ट को
राज्य के दर्जे के मामले की फिर से सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा आठ हफ़्ते की समय-सीमा तय किए जाने के बाद, उमर अब्दुल्ला ने एक जन आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा, हम चुप नहीं बैठेंगे। अगले आठ हफ़्तों में, हम सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों, हर गांव, हर घर तक पहुंचेंगे और लोगों से हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान इकट्ठा करेंगे कि क्या वे जम्मू-कश्मीर को फिर से एक राज्य बनाना चाहते हैं। अगर लोग कहते हैं कि वे मौजूदा स्थिति से संतुष्ट हैं, तो मैं हार मान लूंगा। लेकिन मेरा दिल कहता है कि हम केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करने के लिए लाखों हस्ताक्षर इकट्ठा करेंगे।

10 महीनों की उपलब्धियां बताईं
- जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विशेष दर्जा और राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए प्रस्ताव पारित करना।
- राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए कैबिनेट की मंज़ूरी।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, परिवहन, पर्यटन और कृषि को लाभ पहुंचाने वाले बजटीय फैसले।
- सर्दियों में बिजली कटौती के दौरान बिजली की त्वरित बहाली।
- समग्र कृषि विकास कार्यक्रम का विस्तार।
- 4 से 4.5 लाख युवाओं के लिए आजीविका सृजन हेतु मिशन युवा का शुभारंभ।
- निर्वाचित प्रतिनिधियों को सशक्त बनाने के लिए विधायकों के निर्वाचन क्षेत्र विकास कोष में वृद्धि।
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