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महंगाई से गरीबों का गुजारा करना हुआ मुश्किल
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नगरी में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करते नेकां के कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : KATHUA
कठुआ। देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोध में नेकां ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को नगरी में नेकां के एससी सेल द्वारा महंगाई पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महंगाई से गरीबों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
इस मौके पर नेकां एससी सेल के जिला प्रधान सुभाष चंद्र आजाद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत के साथ अब खाने-पीने की वस्तुओं के दाम जिस तरह से बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में गरीब आदमी रोटी के लिए तरस जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में आने के बाद भाजपा द्वारा घोषणा की गई थी कि जो कांग्रेस देश में पिछले 70 सालों में नही कर सकी भाजपा उसे पांच सालों में करके दिखाएगी। शायद उन्होंने यह घोषणा गरीबों के मुंह से निवाला छीनने को ध्यान में रख कर कही थी। महगांई का ऐसा आलम है कि दिहाड़ी लगाने वाला मजदूर जब पूरे दिन काम करने के बाद अपनी मजदूरी लेकर घर वापस आता है तो उसकी एक दिन की कमाई से परिवार का दो वक्त का गुजारा नही हो पा रहा है।
वहीं ब्लॉक प्रधान बसंत राम ने सब्जियों के दाम का हवाला देते हुए कहा कि पहले ही गरीब की थाली से दालें गायब थी अब सब्जियां भी उसकी पहुंच से देर होती जा रही है। ऐसे हालात में रोटी कैसे खाई जाए यह समझ में नही आ रहा है। सरकार देश को विकास के हाइवे पर दौड़ाने की बात कर रही है, लेकिन देश की बहुसंख्यक आबादी जिसके पेट ही खाली हैं वह इस दौड़ में कैसे शामिल होगा? उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि सरकार जनहित को ध्यान में रख महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए ठोस उपाय करे। अन्यथा कोरोना की महामारी के बाद से आर्थिक तंगी से जूझ रही जनता उसे खुद गद्दी से उतार फेंकेगी। इस मौके पर मनोहर लाल, यशपाल, रंदीप कुमार, सुरेंद्र सिंह, सिकंदर सिंह के अलावा कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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इस मौके पर नेकां एससी सेल के जिला प्रधान सुभाष चंद्र आजाद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत के साथ अब खाने-पीने की वस्तुओं के दाम जिस तरह से बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में गरीब आदमी रोटी के लिए तरस जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में आने के बाद भाजपा द्वारा घोषणा की गई थी कि जो कांग्रेस देश में पिछले 70 सालों में नही कर सकी भाजपा उसे पांच सालों में करके दिखाएगी। शायद उन्होंने यह घोषणा गरीबों के मुंह से निवाला छीनने को ध्यान में रख कर कही थी। महगांई का ऐसा आलम है कि दिहाड़ी लगाने वाला मजदूर जब पूरे दिन काम करने के बाद अपनी मजदूरी लेकर घर वापस आता है तो उसकी एक दिन की कमाई से परिवार का दो वक्त का गुजारा नही हो पा रहा है।
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वहीं ब्लॉक प्रधान बसंत राम ने सब्जियों के दाम का हवाला देते हुए कहा कि पहले ही गरीब की थाली से दालें गायब थी अब सब्जियां भी उसकी पहुंच से देर होती जा रही है। ऐसे हालात में रोटी कैसे खाई जाए यह समझ में नही आ रहा है। सरकार देश को विकास के हाइवे पर दौड़ाने की बात कर रही है, लेकिन देश की बहुसंख्यक आबादी जिसके पेट ही खाली हैं वह इस दौड़ में कैसे शामिल होगा? उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि सरकार जनहित को ध्यान में रख महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए ठोस उपाय करे। अन्यथा कोरोना की महामारी के बाद से आर्थिक तंगी से जूझ रही जनता उसे खुद गद्दी से उतार फेंकेगी। इस मौके पर मनोहर लाल, यशपाल, रंदीप कुमार, सुरेंद्र सिंह, सिकंदर सिंह के अलावा कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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