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हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा दिया जाए
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रामकोट। रामकोट तहसील की पंचायत उच्चा पिंड में हाई स्कूल को लोगों ने हायर सेकेंडरी का दर्जा देने की मांग की। पंच सुरेश गुप्ता ने बताया कि 1942 में शुरू हुए मिडिल स्कूल को 1963 में हाई स्कूल का दर्जा दिया गया था। शुरुआत में रामकोट में केवल 3 स्कूल ही हुआ करते थे, जिनमें उच्चा पिंड, रामकोट और बड्डू थे।
उन्होंने बताया कि रामकोट के लोगों के लिए अपनी पढ़ाई दसवीं कक्षा में करने के लिए केवल बड्डू हाई स्कूल, रामकोट हाई स्कूल, और उच्चा पिंड हाई स्कूल ही थे। उच्चापिंड मिडिल स्कूल 1942 में शुरू हुआ था। 65 वर्ष उच्चा पिंड को हाई स्कूल बने हुए हो गए हैं। पिछले 50 वर्षों से लगातार उच्चापिंड को हायर सेकेंडरी बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। सेवानिवृत्त सुभाष कुमार ने बताया कि उच्चा पिंड हाई स्कूल के नाम पर 19 कनाल जमीन है, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक चारदीवारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि उच्चापिंड हायर सेकेंडरी बन जाने से करीब 7 गांवों के लोगों को फायदा होगा। दुकानदार विनीत गुप्ता ने बताया कि चुनाव के समय उपमुख्यमंत्री डॉक्टर निर्मल सिंह से भी उच्चा पिंड को अपग्रेड करने की मांग की गई थी, उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द उच्चा पिंड पिंड हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। लोगों ने मांग करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से जल्द से जल्द उच्चा पिंड हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा दिया जाए।
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उन्होंने बताया कि रामकोट के लोगों के लिए अपनी पढ़ाई दसवीं कक्षा में करने के लिए केवल बड्डू हाई स्कूल, रामकोट हाई स्कूल, और उच्चा पिंड हाई स्कूल ही थे। उच्चापिंड मिडिल स्कूल 1942 में शुरू हुआ था। 65 वर्ष उच्चा पिंड को हाई स्कूल बने हुए हो गए हैं। पिछले 50 वर्षों से लगातार उच्चापिंड को हायर सेकेंडरी बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। सेवानिवृत्त सुभाष कुमार ने बताया कि उच्चा पिंड हाई स्कूल के नाम पर 19 कनाल जमीन है, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक चारदीवारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि उच्चापिंड हायर सेकेंडरी बन जाने से करीब 7 गांवों के लोगों को फायदा होगा। दुकानदार विनीत गुप्ता ने बताया कि चुनाव के समय उपमुख्यमंत्री डॉक्टर निर्मल सिंह से भी उच्चा पिंड को अपग्रेड करने की मांग की गई थी, उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द उच्चा पिंड पिंड हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। लोगों ने मांग करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से जल्द से जल्द उच्चा पिंड हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी का दर्जा दिया जाए।
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