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Kathua News: नदी-नालों में जलस्तर बढ़ा, भूमि कटाव का खतरा
Wed, 23 Jul 2025 01:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 23 Jul 2025 01:46 AM IST
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कोटपुन्नू के पास अब तक 1100 कनाल उपजाऊ भूमि चढ़ चुकी है बाढ़ की भेंट
हीरानगर। नदी-नालों में जलस्तर बढ़ते ही किसानों को भूमि कटाव की चिंता सताने लगी है। प्रशासन ने इस बार भी कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं।
उज्ज दरिया के किनारे बसे लोग भूमि कटाव को रोकने के लिए पिछले कई वर्षों से लोग तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। कुछ गांवों में पानी घुसने का डर भी बना हुआ है। पिछले साल बरसात में सलालपुर गांव में लोगों के घरों में पानी घुसा था और खेतों में लगी धान की फसल को भी भारी नुकसान हुआ था।
दो दिन लगातार हुई बारिश से गांव सलाल पुर, खंदवाल, चक छिब्बा, कोटपुन्नू, खंदवाल के लोगों बाढ़ का पानी खेतों और घरों में घुसने का डर है। स्थानीय पूर्व सरपंच विनय शर्मा ने कहा करीब 4 से 5 वर्षों में उज्ज दरिया में आई बाढ़ ने इस क्षेत्र की 1100 कनाल से अधिक भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है। गांवों को बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए कई वर्ष पहले 11 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई गई थी लेकिन जमीनी स्तर पर काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।
विपिन शर्मा ने कहा कि जब लोगों के घरों में पानी आता है तभी प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचती है जबकि उसके बाद अगली बरसात से पहले लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीरता से काम नहीं किया जाता है।
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हीरानगर। नदी-नालों में जलस्तर बढ़ते ही किसानों को भूमि कटाव की चिंता सताने लगी है। प्रशासन ने इस बार भी कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए हैं।
उज्ज दरिया के किनारे बसे लोग भूमि कटाव को रोकने के लिए पिछले कई वर्षों से लोग तटबंध बनाने की मांग कर रहे हैं। कुछ गांवों में पानी घुसने का डर भी बना हुआ है। पिछले साल बरसात में सलालपुर गांव में लोगों के घरों में पानी घुसा था और खेतों में लगी धान की फसल को भी भारी नुकसान हुआ था।
दो दिन लगातार हुई बारिश से गांव सलाल पुर, खंदवाल, चक छिब्बा, कोटपुन्नू, खंदवाल के लोगों बाढ़ का पानी खेतों और घरों में घुसने का डर है। स्थानीय पूर्व सरपंच विनय शर्मा ने कहा करीब 4 से 5 वर्षों में उज्ज दरिया में आई बाढ़ ने इस क्षेत्र की 1100 कनाल से अधिक भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है। गांवों को बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए कई वर्ष पहले 11 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई गई थी लेकिन जमीनी स्तर पर काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।
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विपिन शर्मा ने कहा कि जब लोगों के घरों में पानी आता है तभी प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचती है जबकि उसके बाद अगली बरसात से पहले लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीरता से काम नहीं किया जाता है।
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