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Kathua News: 10 साल में सुधरे आंकड़े, गूंज रही बेटियों की किलकारियां
Sat, 12 Oct 2024 04:33 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 12 Oct 2024 04:33 AM IST
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पहल योजना ने निभाई अहम भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि लाडलियों का लिंगानुपात पिछले 10 साल में तेजी से घटा है। इस साल जिले में प्रति एक हजार बेटों के मुकाबले 905 बेटियों का लिंगानुपात दर्ज किया गया है।
दस साल पहले जिले में शुरू हुई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पहल योजना ने इसमें अहम भूमिका निभाई। सामूहिक प्रयासों से अब जिले के कई आंगन बेटियों की किलकारियों से गूंजने लगे हैं। वर्ष 2015 में इसे प्रति एक हजार बेटों पर 862 दर्ज किया गया था। इसके बाद देश के पहले 100 जिलों में कठुआ जिले को भी चुनकर केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शुरू की थी। वर्ष 2016 में दर बढ़कर 873 पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में इसे सराहा चुके हैं। इसके बाद व्यापक स्तर पर जिला प्रशासन ने पहल, एक कदम नारी सम्मान की ओर चलाते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को मिशन मोड़ पर ला दिया। इसके अब दस साल सामूहिक जिम्मेदारी से सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं।
बदलते दौर के साथ कभी बोझ समझी जाने वाली बेटियां ही अब घर के आंगन को खुशियों से भर रही हैं। आसमान की ऊंचाइयों को जीतने की बात हो या फिर शिक्षा के क्षेत्र में जिले का डंका बजाने की। हर कदम पर बेटियां ही सबसे आगे हैं। बेटियों के प्रति सोच बदलते ही सारा परिदृश्य बदल गया। इस साल कठुआ की बेटी सुमन वर्मा ने विश्व की ऊंचाइयों को छूकर कीर्तिमान स्थापित किया।
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लिंगानुपात दर
2015 में 862
2016 में 873
2024 में 905
...............
ये चलाए जा रहे अभियान
-भ्रूण हत्या रोकने को अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कसा शिकंजा
-गर्भवती महिलाओं की हो रही मॉनिटरिंग
-बालिकाओं को बांटा जा रहा पौष्टिक आहार
-बेटियों को शिक्षा के लिए किया जा रहा प्रेरित
स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी माह में करवाया बेस लाइन सर्वे
जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस साल फरवरी महीने में चलाए गए पल्स पोलियो अभियान के साथ ही लिंगानुपात को लेकर बेस लाइन सर्वे करवाया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह जमीनी स्तर का सर्वे है। चूंकि इसमें पांच साल तक के सभी नौनिहालों को जब पोलियो बूंदें पिलाने के लिए नजदीकी बूथ पर लाया गया और इसके बाद डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया तो यह जानकारियां जुटाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिला बेहतर आंकड़ों की ओर बढ़ रहा है। इसमें समाज के हर वर्ग का योगदान शामिल है।
कोट्स
जिले में बेटियों के लिंगानुपात में बेहतरीन नतीजे सामने आए हैं। प्रशासन और सरकार के अभियान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को अन्य विभागों की मदद से गांव-गांव तक पहुंचाया। इससे आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। समाज भी इस बेहतरी के लिए आगे आया है। अब बेटी और बेटों में अंतर को भूलकर लोग बच्चों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य आदि पर ध्यान दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी निगरानी रखी और गर्भवती महिलाओं की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
डॉ. विजय रैना, सीएमओ कठुआ
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि लाडलियों का लिंगानुपात पिछले 10 साल में तेजी से घटा है। इस साल जिले में प्रति एक हजार बेटों के मुकाबले 905 बेटियों का लिंगानुपात दर्ज किया गया है।
दस साल पहले जिले में शुरू हुई बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पहल योजना ने इसमें अहम भूमिका निभाई। सामूहिक प्रयासों से अब जिले के कई आंगन बेटियों की किलकारियों से गूंजने लगे हैं। वर्ष 2015 में इसे प्रति एक हजार बेटों पर 862 दर्ज किया गया था। इसके बाद देश के पहले 100 जिलों में कठुआ जिले को भी चुनकर केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना शुरू की थी। वर्ष 2016 में दर बढ़कर 873 पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में इसे सराहा चुके हैं। इसके बाद व्यापक स्तर पर जिला प्रशासन ने पहल, एक कदम नारी सम्मान की ओर चलाते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को मिशन मोड़ पर ला दिया। इसके अब दस साल सामूहिक जिम्मेदारी से सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं।
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बदलते दौर के साथ कभी बोझ समझी जाने वाली बेटियां ही अब घर के आंगन को खुशियों से भर रही हैं। आसमान की ऊंचाइयों को जीतने की बात हो या फिर शिक्षा के क्षेत्र में जिले का डंका बजाने की। हर कदम पर बेटियां ही सबसे आगे हैं। बेटियों के प्रति सोच बदलते ही सारा परिदृश्य बदल गया। इस साल कठुआ की बेटी सुमन वर्मा ने विश्व की ऊंचाइयों को छूकर कीर्तिमान स्थापित किया।
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लिंगानुपात दर
2015 में 862
2016 में 873
2024 में 905
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ये चलाए जा रहे अभियान
-भ्रूण हत्या रोकने को अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कसा शिकंजा
-गर्भवती महिलाओं की हो रही मॉनिटरिंग
-बालिकाओं को बांटा जा रहा पौष्टिक आहार
-बेटियों को शिक्षा के लिए किया जा रहा प्रेरित
स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी माह में करवाया बेस लाइन सर्वे
जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस साल फरवरी महीने में चलाए गए पल्स पोलियो अभियान के साथ ही लिंगानुपात को लेकर बेस लाइन सर्वे करवाया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि यह जमीनी स्तर का सर्वे है। चूंकि इसमें पांच साल तक के सभी नौनिहालों को जब पोलियो बूंदें पिलाने के लिए नजदीकी बूथ पर लाया गया और इसके बाद डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया तो यह जानकारियां जुटाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिला बेहतर आंकड़ों की ओर बढ़ रहा है। इसमें समाज के हर वर्ग का योगदान शामिल है।
कोट्स
जिले में बेटियों के लिंगानुपात में बेहतरीन नतीजे सामने आए हैं। प्रशासन और सरकार के अभियान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को अन्य विभागों की मदद से गांव-गांव तक पहुंचाया। इससे आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। समाज भी इस बेहतरी के लिए आगे आया है। अब बेटी और बेटों में अंतर को भूलकर लोग बच्चों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य आदि पर ध्यान दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी निगरानी रखी और गर्भवती महिलाओं की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
डॉ. विजय रैना, सीएमओ कठुआ