{"_id":"6acbf3bd6e7cb55b7b04ec70","slug":"gst-me-cchoot-news-kathua-news-c-10-jam1028-1036656-2026-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: कारोबारियों को छूट देने में आसानी, फंसे जीएसटी के रिफंड का रास्ता भी साफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: कारोबारियों को छूट देने में आसानी, फंसे जीएसटी के रिफंड का रास्ता भी साफ
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जीएसटी से जुड़े नियमों में बदलाव से कारोबारियों के लिए बिक्री के बाद ग्राहकों को छूट देना आसान होगा। कुछ उद्योगों को जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट पर शुरुआती तौर पर रिफंड मिल सकेगा। वहीं जीएसटी चुकाकर सामान का निर्यात करने वाले कारोबारियों को कम रकम के रिफंड के लिए न्यूनतम सीमा की बाधा से राहत मिलेगी। दूसरी ओर खुद घोषित टैक्स या ग्राहक से वसूली गई टैक्स की रकम तय तारीख से 30 दिन के भीतर जमा नहीं करने पर जुर्माना देना होगा।
जम्मू-कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन लागू होने के बाद कारोबारियों के लिए यह बदलाव हुआ हैं। कारोबारी सामान बेचने के बाद भी ग्राहकों को अतिरिक्त छूट देते हैं। अब ऐसी छूट का हिसाब जीएसटी में करने के लिए पहले से हुए समझौते में संबंधित बिल का जिक्र होना जरूरी नहीं होगा।
इसके लिए कारोबारी को क्रेडिट नोट जारी करना होगा। साथ ही, ग्राहक को उस छूट से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट को वापस करना होगा। इससे बिक्री के बाद छूट देने वाले कारोबारियों के लिए जीएसटी का हिसाब रखना आसान हो सकता है। खुद घोषित टैक्स या ग्राहक से टैक्स के रूप में वसूली गई रकम तय तारीख से 30 दिन के भीतर जमा नहीं करने पर संबंधित नियम के अनुसार जुर्माना देना होगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स तो रिफंड में राहत
सीए सौरव परगाल बताते हैं कि कुछ उद्योगों में कच्चा माल खरीदते समय चुकाया गया जीएसटी, तैयार सामान बेचने पर लगने वाले टैक्स से ज्यादा होता है। ऐसे में खरीद पर चुकाए गए टैक्स का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता और कुछ रकम इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में जमा रह जाती है। संशोधन में ऐसे मामलों में भी शुरुआती तौर पर रिफंड देने की सुविधा का प्रावधान है। इससे उन उद्योगों को राहत मिल सकती है जिनका पैसा इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में जमा रहता है।
-- -
निर्यातकों को छोटी रकम के रिफंड में राहत
सीए अमित गुप्ता के अनुसार जीएसटी चुकाकर सामान का निर्यात करने वाले कारोबारियों के लिए रिफंड के नियमों में भी बदलाव किया गया है। ऐसे निर्यात से जुड़े रिफंड दावों पर न्यूनतम रकम की सीमा हटा दी गई है। इससे कम रकम का रिफंड लेने के लिए भी दावा किया जा सकेगा। यह बदलाव जीएसटी चुकाकर किए गए निर्यात से जुड़े रिफंड पर लागू है। इसे सभी तरह के निर्यात या हर प्रकार के रिफंड पर लागू नहीं माना जाना चाहिए।
-- -
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जीएसटी से जुड़े नियमों में बदलाव से कारोबारियों के लिए बिक्री के बाद ग्राहकों को छूट देना आसान होगा। कुछ उद्योगों को जमा इनपुट टैक्स क्रेडिट पर शुरुआती तौर पर रिफंड मिल सकेगा। वहीं जीएसटी चुकाकर सामान का निर्यात करने वाले कारोबारियों को कम रकम के रिफंड के लिए न्यूनतम सीमा की बाधा से राहत मिलेगी। दूसरी ओर खुद घोषित टैक्स या ग्राहक से वसूली गई टैक्स की रकम तय तारीख से 30 दिन के भीतर जमा नहीं करने पर जुर्माना देना होगा।
जम्मू-कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन लागू होने के बाद कारोबारियों के लिए यह बदलाव हुआ हैं। कारोबारी सामान बेचने के बाद भी ग्राहकों को अतिरिक्त छूट देते हैं। अब ऐसी छूट का हिसाब जीएसटी में करने के लिए पहले से हुए समझौते में संबंधित बिल का जिक्र होना जरूरी नहीं होगा।
विज्ञापन
इसके लिए कारोबारी को क्रेडिट नोट जारी करना होगा। साथ ही, ग्राहक को उस छूट से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट को वापस करना होगा। इससे बिक्री के बाद छूट देने वाले कारोबारियों के लिए जीएसटी का हिसाब रखना आसान हो सकता है। खुद घोषित टैक्स या ग्राहक से टैक्स के रूप में वसूली गई रकम तय तारीख से 30 दिन के भीतर जमा नहीं करने पर संबंधित नियम के अनुसार जुर्माना देना होगा।
विज्ञापन
कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स तो रिफंड में राहत
सीए सौरव परगाल बताते हैं कि कुछ उद्योगों में कच्चा माल खरीदते समय चुकाया गया जीएसटी, तैयार सामान बेचने पर लगने वाले टैक्स से ज्यादा होता है। ऐसे में खरीद पर चुकाए गए टैक्स का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता और कुछ रकम इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में जमा रह जाती है। संशोधन में ऐसे मामलों में भी शुरुआती तौर पर रिफंड देने की सुविधा का प्रावधान है। इससे उन उद्योगों को राहत मिल सकती है जिनका पैसा इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में जमा रहता है।
निर्यातकों को छोटी रकम के रिफंड में राहत
सीए अमित गुप्ता के अनुसार जीएसटी चुकाकर सामान का निर्यात करने वाले कारोबारियों के लिए रिफंड के नियमों में भी बदलाव किया गया है। ऐसे निर्यात से जुड़े रिफंड दावों पर न्यूनतम रकम की सीमा हटा दी गई है। इससे कम रकम का रिफंड लेने के लिए भी दावा किया जा सकेगा। यह बदलाव जीएसटी चुकाकर किए गए निर्यात से जुड़े रिफंड पर लागू है। इसे सभी तरह के निर्यात या हर प्रकार के रिफंड पर लागू नहीं माना जाना चाहिए।