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अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहा जीएमसी: डॉ अंजलि
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कठुआ। चिकित्सा शिक्षण और स्वास्थ्य देखभाल को बेहतर बनाने के लिए जीएमसी कठुआ में तीन दिवसीय ऑफलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम को योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा में बदल दिया है। इसके लिए मेडिकल फैकल्टी को फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स द्वारा प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता है। जीएमसी कठुआ 2019 में अपनी स्थापना के बाद से शिक्षाविदों और स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा है। पहले एमबीबीएस बैच ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छी शुरुआत की है ताकि चिकित्सा शिक्षा के स्तर में और सुधार हो सके।
इस कार्यशाला का आयोजन 2 से 4 सितंबर के बीच पहली बार ऑफ़लाइन किया गया था। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पर्यवेक्षक डॉ अजय कुमार एसोसिएट प्रो. सीएमसी लुधियाना भी इस दौरान मौजूद रहे। जीएमसी मेडिकल एजुकेशन यूनिट की समन्वयक डॉ. सबिता योगराज प्रोफेसर और हेड, फिजियोलॉजी विभाग के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में डॉ अनिल मेहता प्रमुख ओब्स्ट और ज्ञान विभाग, डॉ राजऋषि शर्मा, सर्जरी विभाग डॉ संजय कलसोत्रा, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ सुरिंदर अत्री, पैथोलॉजी विभाग के डॉ बीएन बौगल, मेडिसिन विभाग के डॉ रविंदर कुमार, सर्जरी विभाग के डॉ मेनाकेशी राणा समेत 29 संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग दिशानिर्देशों के अनुसार सीबीएमई पाठ्यक्रम में सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया।
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इस अवसर पर जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम को योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा में बदल दिया है। इसके लिए मेडिकल फैकल्टी को फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स द्वारा प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता है। जीएमसी कठुआ 2019 में अपनी स्थापना के बाद से शिक्षाविदों और स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा है। पहले एमबीबीएस बैच ने विश्वविद्यालय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अच्छी शुरुआत की है ताकि चिकित्सा शिक्षा के स्तर में और सुधार हो सके।
इस कार्यशाला का आयोजन 2 से 4 सितंबर के बीच पहली बार ऑफ़लाइन किया गया था। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पर्यवेक्षक डॉ अजय कुमार एसोसिएट प्रो. सीएमसी लुधियाना भी इस दौरान मौजूद रहे। जीएमसी मेडिकल एजुकेशन यूनिट की समन्वयक डॉ. सबिता योगराज प्रोफेसर और हेड, फिजियोलॉजी विभाग के नेतृत्व में आयोजित कार्यशाला में डॉ अनिल मेहता प्रमुख ओब्स्ट और ज्ञान विभाग, डॉ राजऋषि शर्मा, सर्जरी विभाग डॉ संजय कलसोत्रा, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ सुरिंदर अत्री, पैथोलॉजी विभाग के डॉ बीएन बौगल, मेडिसिन विभाग के डॉ रविंदर कुमार, सर्जरी विभाग के डॉ मेनाकेशी राणा समेत 29 संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग दिशानिर्देशों के अनुसार सीबीएमई पाठ्यक्रम में सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया।
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