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Kathua News: ज्यादा दवाएं न खाएं, एहतियात बरतें, लिवर रहेगा सुरक्षित
Sat, 19 Apr 2025 01:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:46 AM IST
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जीएमसी कठुआ के आर्युेवद विशेषज्ञ डाॅ. दीपक शर्मा ने दी सावधानी बरतने की सलाह
कठुआ। यकृत, लिवर हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। इसका स्वस्थ होने स्वस्थ जीवनशैली पर निर्भर करता है। दवाओं से ज्यादा एहतियात बरतकर लिवर की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है, चूंकि इसमें प्राथमिक चरणों में एहतियात बरतने से इसके स्वस्थ होने के मामले आम हैं। यह बातें जीएमसी कठुआ के आर्युेवद विशेषज्ञ डाॅ. दीपक शर्मा ने बताईं।
उन्होंने बताया कि आप जो भी घूंट पीते हैं और जो भी खाना खाते हैं, वह आपके लिवर के स्वास्थ्य को आकार देता है। स्वस्थ लिवर स्वस्थ जीवन की नींव है। लिवर का स्वास्थ्य आपके पर्यावरण के स्वास्थ्य को दर्शाता है। आप अपने लिवर को शरीर को स्वस्थ बनाने और खुद को स्वस्थ बनाने में सहायता कर सकते हैं। यहां तक कि सालों से खराब हुए नुकसान को भी ठीक किया जा सकता है। आज से किए गए स्वस्थ बदलाव लिवर की बीमारी के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। शरीर के वजन में सिर्फ पांच प्रतिशत की कमी लिवर के स्वास्थ्य में बड़ा अंतर ला सकती है। सही खान-पान और सक्रिय रहने से स्टेटोटिक लिवर रोग को रोकने, प्रबंधित करने और संभावित रूप से इसे उलटने में मदद मिल सकती है।
डॉ. दीपक ने बताया कि लिवर का सही उपचार आर्युवेद में है। लाइफस्टाइल में पित्त बढ़ाने वाली चीजों ने बीमारियों को न्यौता दिया है। हमने खेलना, सैर करना छोड़ दिया। जो खा रहे हैं वो पचा नहीं पा रहा। ऐसे में लिवर पर बोझ बढ़ता है और वो अपच के चलते अन्य बीमारियों को बढ़ाने का काम करता है। पहले यह समझा जाता था कि केवल शराब पीने से लिवर खराब होता है, लेकिन अब शराब का सेवन न करने वालों में भी लिवर की बीमारी के मामले ज्यादा आ रहे हैं। साफ है कि यह लाइफस्टाइल पर निर्भर है। इसके लिए पौष्टिक आहार लेना, हल्का व्यायाम करना और नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद में गुटकी, भू आमलकी से लिवर का इलाज किया जा सकता है बशर्त इसे डॉक्टरी सलाह पर सही मात्रा में लिया जाए।
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उपाय
स्वस्थ खानपान अपनाएं : अत्यधिक तली-भुनी और वसायुक्त चीजों से बचें। ताजे फल, सब्जियां, और फाइबरयुक्त भोजन का सेवन करें।
शराब का सेवन सीमित करें : शराब का अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे कम मात्रा में या पूरी तरह से छोड़ने की कोशिश करें।
वजन नियंत्रित रखें : शरीर के वजन में केवल पांच कमी भी लिवर स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती है।
नियमित व्यायाम करें : शारीरिक गतिविधि और व्यायाम से वसायुक्त लिवर रोग को रोकने और ठीक करने में मदद मिलती है।
विषाक्त पदार्थों से बचाव : तंबाकू, ड्रग्स, और अन्य हानिकारक पदार्थों से बचें।
स्वास्थ्य जांच : नियमित रूप से अपने लिवर का मेडिकल चेकअप कराएं।
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कठुआ। यकृत, लिवर हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है। इसका स्वस्थ होने स्वस्थ जीवनशैली पर निर्भर करता है। दवाओं से ज्यादा एहतियात बरतकर लिवर की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है, चूंकि इसमें प्राथमिक चरणों में एहतियात बरतने से इसके स्वस्थ होने के मामले आम हैं। यह बातें जीएमसी कठुआ के आर्युेवद विशेषज्ञ डाॅ. दीपक शर्मा ने बताईं।
उन्होंने बताया कि आप जो भी घूंट पीते हैं और जो भी खाना खाते हैं, वह आपके लिवर के स्वास्थ्य को आकार देता है। स्वस्थ लिवर स्वस्थ जीवन की नींव है। लिवर का स्वास्थ्य आपके पर्यावरण के स्वास्थ्य को दर्शाता है। आप अपने लिवर को शरीर को स्वस्थ बनाने और खुद को स्वस्थ बनाने में सहायता कर सकते हैं। यहां तक कि सालों से खराब हुए नुकसान को भी ठीक किया जा सकता है। आज से किए गए स्वस्थ बदलाव लिवर की बीमारी के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। शरीर के वजन में सिर्फ पांच प्रतिशत की कमी लिवर के स्वास्थ्य में बड़ा अंतर ला सकती है। सही खान-पान और सक्रिय रहने से स्टेटोटिक लिवर रोग को रोकने, प्रबंधित करने और संभावित रूप से इसे उलटने में मदद मिल सकती है।
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डॉ. दीपक ने बताया कि लिवर का सही उपचार आर्युवेद में है। लाइफस्टाइल में पित्त बढ़ाने वाली चीजों ने बीमारियों को न्यौता दिया है। हमने खेलना, सैर करना छोड़ दिया। जो खा रहे हैं वो पचा नहीं पा रहा। ऐसे में लिवर पर बोझ बढ़ता है और वो अपच के चलते अन्य बीमारियों को बढ़ाने का काम करता है। पहले यह समझा जाता था कि केवल शराब पीने से लिवर खराब होता है, लेकिन अब शराब का सेवन न करने वालों में भी लिवर की बीमारी के मामले ज्यादा आ रहे हैं। साफ है कि यह लाइफस्टाइल पर निर्भर है। इसके लिए पौष्टिक आहार लेना, हल्का व्यायाम करना और नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद में गुटकी, भू आमलकी से लिवर का इलाज किया जा सकता है बशर्त इसे डॉक्टरी सलाह पर सही मात्रा में लिया जाए।
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उपाय
स्वस्थ खानपान अपनाएं : अत्यधिक तली-भुनी और वसायुक्त चीजों से बचें। ताजे फल, सब्जियां, और फाइबरयुक्त भोजन का सेवन करें।
शराब का सेवन सीमित करें : शराब का अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे कम मात्रा में या पूरी तरह से छोड़ने की कोशिश करें।
वजन नियंत्रित रखें : शरीर के वजन में केवल पांच कमी भी लिवर स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती है।
नियमित व्यायाम करें : शारीरिक गतिविधि और व्यायाम से वसायुक्त लिवर रोग को रोकने और ठीक करने में मदद मिलती है।
विषाक्त पदार्थों से बचाव : तंबाकू, ड्रग्स, और अन्य हानिकारक पदार्थों से बचें।
स्वास्थ्य जांच : नियमित रूप से अपने लिवर का मेडिकल चेकअप कराएं।