{"_id":"6553d58b4002850f280a97a6","slug":"garbage-collection-project-kathua-news-c-201-1-knt1007-4400-2023-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: घर-घर से कचरा उठाने का काम एक से, पहले \nचरण में 15 वार्डों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: घर-घर से कचरा उठाने का काम एक से, पहले चरण में 15 वार्डों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
विज्ञापन
-हरियाणा की कंपनी को मिला टेंडर, कर्मचारियों ने शुरू किया सर्वे
-घरेलू व व्यावसायिक अदारों से ली जाएगी फीस, रेट तय करने के लिए कमेटी बनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में घर-घर से कचरा उठाने के प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। एक दिसंबर से निजी कंपनी के लोग घर-घर जाकर कचरा लेना शुरू कर देंगे। इसके लिए नगर परिषद ने हरियाणा की कंपनी को टेंडर जारी कर दिया है। कंपनी के कर्मचारी शहर के सर्वे में जुटे हैं ताकि, मशीनरी और मैन पॉवर का इंतजाम कर 1 दिसंबर से काम शुरू किया जा सके।
हालांकि, पहले फेज में 15 के करीब वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू किया जाएगा। उसके बाद जल्द सभी 21 वार्डों से कचरा उठाने का काम शुरू होगा। वहीं, वहीं, डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए नगर परिषद लोगों से फीस भी लेगा। इसके रेट निर्धारित करने के लिए नगर परिषद ने कमेटी का गठन किया है। इसमें घरेलू, व्यावसायिक और बल्क गार्बेज जेनरेटर को अलग-अलग केटेगरी में बांटा गया। सभी की फीस अलग-अलग होगी। बता दें, नगर परिषद ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत यह टेंडर जारी किया है।
हर वार्ड में हर महीने 47,200 खर्च करेगा नगर परिषद
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में यह प्रावधान किया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए ठेकेदार अपने स्तर पर गाड़ियों का इंतजाम करेगा। उनकी मरम्मत भी वही करवाएगा। इसके अलावा गाड़ियों के ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर समेत मुकम्मल मैन पावर का जिम्मा ठेकेदार का होगा। हर गाड़ी पर जीपीएस सिस्टम लगा होगा। इसकी सुपरविजन नगर परिषद के अधिकारी करेंगे। लोगों से एकत्रित फीस को नगर परिषद रखेगी और उसी से ही ठेकेदार को 47,200 रुपए प्रति वार्ड भुगतान भी किया जाएगा।
विज्ञापन
शहर को मिलेगी कचरे से आजादी
बता दें, मौजूदा समय में नगर परिषद कार्यालय कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। स्टाफ की कमी के चलते कचरा प्रबंधन के लिए खरीदे कई वाहन जंग खा रहे हैं। दोपहर बाद तक शहर से कचरे की लिफ्टिंग की जा रही है। लेकिन, अब जिम्मा प्राइवेट हाथों में होगा तो जिम्मेदारी से शहर की सफाई हो सकेगी। लोगों को कचरे के ढेरों से मुक्ति मिलेगी।
जल्द निर्धारित होंगे रेट : सीईओ
नगर परिषद कठुआ के सीईओ जोधराज ने बताया कि डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का ठेका हरियाणा की कंपनी को आवंटित कर दिया गया है। कंपनी की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। रेट निर्धारित करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। एक दिसंबर से कंपनी घर-घर से कचरा कलेक्ट करना शुरू कर देगी।
विज्ञापन
-घरेलू व व्यावसायिक अदारों से ली जाएगी फीस, रेट तय करने के लिए कमेटी बनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में घर-घर से कचरा उठाने के प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। एक दिसंबर से निजी कंपनी के लोग घर-घर जाकर कचरा लेना शुरू कर देंगे। इसके लिए नगर परिषद ने हरियाणा की कंपनी को टेंडर जारी कर दिया है। कंपनी के कर्मचारी शहर के सर्वे में जुटे हैं ताकि, मशीनरी और मैन पॉवर का इंतजाम कर 1 दिसंबर से काम शुरू किया जा सके।
हालांकि, पहले फेज में 15 के करीब वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू किया जाएगा। उसके बाद जल्द सभी 21 वार्डों से कचरा उठाने का काम शुरू होगा। वहीं, वहीं, डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए नगर परिषद लोगों से फीस भी लेगा। इसके रेट निर्धारित करने के लिए नगर परिषद ने कमेटी का गठन किया है। इसमें घरेलू, व्यावसायिक और बल्क गार्बेज जेनरेटर को अलग-अलग केटेगरी में बांटा गया। सभी की फीस अलग-अलग होगी। बता दें, नगर परिषद ने स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत यह टेंडर जारी किया है।
विज्ञापन
हर वार्ड में हर महीने 47,200 खर्च करेगा नगर परिषद
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि टेंडर में यह प्रावधान किया गया है कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए ठेकेदार अपने स्तर पर गाड़ियों का इंतजाम करेगा। उनकी मरम्मत भी वही करवाएगा। इसके अलावा गाड़ियों के ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर समेत मुकम्मल मैन पावर का जिम्मा ठेकेदार का होगा। हर गाड़ी पर जीपीएस सिस्टम लगा होगा। इसकी सुपरविजन नगर परिषद के अधिकारी करेंगे। लोगों से एकत्रित फीस को नगर परिषद रखेगी और उसी से ही ठेकेदार को 47,200 रुपए प्रति वार्ड भुगतान भी किया जाएगा।
विज्ञापन
शहर को मिलेगी कचरे से आजादी
बता दें, मौजूदा समय में नगर परिषद कार्यालय कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। स्टाफ की कमी के चलते कचरा प्रबंधन के लिए खरीदे कई वाहन जंग खा रहे हैं। दोपहर बाद तक शहर से कचरे की लिफ्टिंग की जा रही है। लेकिन, अब जिम्मा प्राइवेट हाथों में होगा तो जिम्मेदारी से शहर की सफाई हो सकेगी। लोगों को कचरे के ढेरों से मुक्ति मिलेगी।
जल्द निर्धारित होंगे रेट : सीईओ
नगर परिषद कठुआ के सीईओ जोधराज ने बताया कि डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन का ठेका हरियाणा की कंपनी को आवंटित कर दिया गया है। कंपनी की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। रेट निर्धारित करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। एक दिसंबर से कंपनी घर-घर से कचरा कलेक्ट करना शुरू कर देगी।