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पतंगों के खूब लड़े पेंच, दिन भर गूंजा चल गयाइयो..
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शहर में पतंगबाजी का लुत्फ लेते युवा। संवाद
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। जिला में वसंत पंचमी का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। शनिवार को पर्व के चलते सुबह से ही पतंगबाजी का दौर शुरू हो गया और दिन भर पूरे उत्साह के साथ लोग पतंग उड़ाते रहे। वहीं, दिनभर पतंग कटने पर चल गयाइयो...की आवाज से गली, मोहल्ले गूंजते रहे। इस दौरान कुछ लोगों ने मंदिरों में जाकर अपनी आस्था के अनुसार वसंत पंचमी का पर्व मनाया तो शहर में कई स्थानों पर स्टॉल लगाकर लोगों में हलवे का प्रसाद बांटा गया।
पर्व के चलते युवाओं के उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह 5 बजने के साथ घरों की छतों पर डीजे की धुन पर झूमते नाचते युवाओं ने दिनभर जमकर पतंगबाजी की। सुबह से शुरू हुआ पतंगबाजी का दौर दिन चढ़ने के साथ-साथ अपने शबाब पर आ गया और एक वक्त आसमान की स्थिति ऐसी हो गई के चारों ओर सिर्फ रंग-बिरंगी पतंगें ही दिखाई देने लगी। पतंगबाजी में युवाओं के अतिरिक्त बच्चे बुजुर्ग और महिलाएं भी कई स्थानों पर शामिल रहे। इस दौरान लोगों ने परिवार के साथ पूरा दिन छतों पर गुजारी और एक पतंग के कटने के बाद यह काटा और वह काटा की आवाजें गूंजती रही। वहीं, आबादी का एक बड़ा हिस्सा जहां पतंगबाजी में मशगूल रहा। वहीं, कुछ लोग इस दौरान कटी हुई पतंग को लूटने में ही व्यस्त रहें। जिनमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल रहे। दिनभर की इस भाग दौड़ में बच्चों ने कई-कई दर्जन पतंग एकत्र की। ताकि वह अगले दिन अपनी पतंगबाजी की हसरत पूरी कर सके।
खूब हुआ चीन निर्मित डोर का इस्तेमाल
शहर में होने वाली पतंगबाजी में प्रतिबंध के बावजूद चीन निर्मित डोर का ही बोलबाला देखने को मिला। इस दौरान उड़ने वाली 80 प्रतिशत पतंगे सिर्फ चीन निर्मित डोर के सहारे आसमान को चूमती नजर आई। वही, दिन भर शहर में भी दुकानों में खुलेआम चीन निर्मित डोर का कारोबार होता रहा। सुबह कुछ दुकानदारों ने पहले तो छुपा कर प्रतिबंधित डोर बेंची, लेकिन दोपहर होने तक किसी भी अधिकारी की ओर से जांच के लिए न आने के बाद उन्होंने सरेआम डोर को बेचना शुरू कर दिया। ऐसे में युवाओं ने सबसे ज्यादा चीन निर्मित डोर खरीदी।
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पर्व के चलते युवाओं के उत्साह देखते ही बन रहा था। सुबह 5 बजने के साथ घरों की छतों पर डीजे की धुन पर झूमते नाचते युवाओं ने दिनभर जमकर पतंगबाजी की। सुबह से शुरू हुआ पतंगबाजी का दौर दिन चढ़ने के साथ-साथ अपने शबाब पर आ गया और एक वक्त आसमान की स्थिति ऐसी हो गई के चारों ओर सिर्फ रंग-बिरंगी पतंगें ही दिखाई देने लगी। पतंगबाजी में युवाओं के अतिरिक्त बच्चे बुजुर्ग और महिलाएं भी कई स्थानों पर शामिल रहे। इस दौरान लोगों ने परिवार के साथ पूरा दिन छतों पर गुजारी और एक पतंग के कटने के बाद यह काटा और वह काटा की आवाजें गूंजती रही। वहीं, आबादी का एक बड़ा हिस्सा जहां पतंगबाजी में मशगूल रहा। वहीं, कुछ लोग इस दौरान कटी हुई पतंग को लूटने में ही व्यस्त रहें। जिनमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल रहे। दिनभर की इस भाग दौड़ में बच्चों ने कई-कई दर्जन पतंग एकत्र की। ताकि वह अगले दिन अपनी पतंगबाजी की हसरत पूरी कर सके।
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खूब हुआ चीन निर्मित डोर का इस्तेमाल
शहर में होने वाली पतंगबाजी में प्रतिबंध के बावजूद चीन निर्मित डोर का ही बोलबाला देखने को मिला। इस दौरान उड़ने वाली 80 प्रतिशत पतंगे सिर्फ चीन निर्मित डोर के सहारे आसमान को चूमती नजर आई। वही, दिन भर शहर में भी दुकानों में खुलेआम चीन निर्मित डोर का कारोबार होता रहा। सुबह कुछ दुकानदारों ने पहले तो छुपा कर प्रतिबंधित डोर बेंची, लेकिन दोपहर होने तक किसी भी अधिकारी की ओर से जांच के लिए न आने के बाद उन्होंने सरेआम डोर को बेचना शुरू कर दिया। ऐसे में युवाओं ने सबसे ज्यादा चीन निर्मित डोर खरीदी।
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