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Kathua News: जिलेभर में गहराया चारे का संकट, पशुपालक मुश्किल में
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कठुआ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने न सिर्फ जनजीवन, बल्कि पशुओं को भी मुश्किल में डाल दिया है। पिछले पांच दिनों से कठुआ शहर और आसपास के इलाकों में पशुओं के लिए चारे, खासकर भूसे की गंभीर कमी हो गई है। इस स्थिति ने पशुपालकों को बुरी तरह से परेशान कर दिया है। पशुपालकों का कहना है कि अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में शहर व आसपास के इलाकों में डेयरी उत्पादों के समक्ष संकट बढ़ जाएगा।
मौजूदा सूरत-ए-हाल ये है कि कठुआ शहर व आसपास के इलाके में पशु चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले भूसे ही दुकानों में झाडू लग गया है। एक सप्ताह से पशुपालक जहां दिनभर भूसे के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान पर धक्के खा रहे हैं। वहीं उन्हें कहीं भी भूसा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि यही स्थिति बनी रही तो डेयरी उत्पाद जहां एक ओर महंगे होंगे। वहीं उनके सामने गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित वह पशुपालक होंगे जो व्यावसायिक रूप से इससे जुड़े हैं। हालांकि सामान्य पशुपालकों के सामने भी कमोबेश हालात यही हैं।
चारे की कमी ने जिले में कालाबाजारी को भी बढ़ावा दिया है। कठुआ शहर में तीन दिनों के दौरान भूसे का रेट ढाई रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है। जबकि हरे चारे के रेट में भी एक रुपया प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। पशुपालकों ने जिला प्रशासन से चारे की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की मांग की है।
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मौजूदा सूरत-ए-हाल ये है कि कठुआ शहर व आसपास के इलाके में पशु चारे के रूप में इस्तेमाल होने वाले भूसे ही दुकानों में झाडू लग गया है। एक सप्ताह से पशुपालक जहां दिनभर भूसे के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान पर धक्के खा रहे हैं। वहीं उन्हें कहीं भी भूसा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि यही स्थिति बनी रही तो डेयरी उत्पाद जहां एक ओर महंगे होंगे। वहीं उनके सामने गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित वह पशुपालक होंगे जो व्यावसायिक रूप से इससे जुड़े हैं। हालांकि सामान्य पशुपालकों के सामने भी कमोबेश हालात यही हैं।
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चारे की कमी ने जिले में कालाबाजारी को भी बढ़ावा दिया है। कठुआ शहर में तीन दिनों के दौरान भूसे का रेट ढाई रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है। जबकि हरे चारे के रेट में भी एक रुपया प्रति किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। पशुपालकों ने जिला प्रशासन से चारे की उपलब्धता को सुनिश्चित करने की मांग की है।
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