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Kathua News: कंट्रोल रूम सक्रिय, बाढ़ पर रहेगी पैनी नजर
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कठुआ। बरसात में नदी नाले उफान पर रहते हैं, इसलिए इनके पास जाने से परहेज करें, क्योंकि बढ़ता जलस्तर आपकी जिंदगी खतरे में डाल सकता है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने उज्ज, भिनी, नाज, तरनाह, रावी और सेवा दरिया में बरसात के दौरान बाढ़ की आशंका पर अलर्ट जारी किया है।
जिले में संयुक्त कंट्रोल रूम भी सक्रिय हो गया है। इसमें कर्मचारियों की तैनाती से लेकर आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंट्रोल रूम में तत्काल सूचना पहुंचे, इसके लिए वायरलेस सुविधा दरिया-नदियों के विभिन्न प्वाइंट पर पहुंचाई गई है। यहां पुलिस और संबंधित विभागों की मदद से स्ट्रेस कॉल पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
उज्ज दरिया हर साल कहर बरपाता है। बीते साल दरिया खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए रिकाॅर्ड दो लाख 80 हजार क्यूसेक के बहाव को भी पार कर गया था। ऐसे में बाढ़ से कई गांवों में पानी घुस गया। राजबाग के निचले इलाकों में कोट पुन्नू तक कहर बरपा। इस साल समय से मानसून ने जहां दस्तक दे दी है, वहीं मौसम विशेषज्ञों ने अगले 48 घंटे में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अभी से लोगों को अलर्ट कर दिया है।
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जखोल और उज्ज बैराज का हूटर करेगा लोगों को अलर्ट
बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यकारी अभियंता मदन लाल शर्मा ने बताया कि संयुक्त कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया है। जखोल और उज्ज बैराज पर हूटर लगाया गया है, जो निचले इलाकों में तेजी से बढ़ते पानी को लेकर लोगों को अलर्ट जारी करेगा। उन्होंने बताया कि पंजतीर्थी में जलस्तर रिकार्ड होने के बाद बाढ़ को उज्ज पुल तक पहुंचने में लगभग दो घंटे से अधिक का समय लगता है। लिहाजा निचले इलाकों में समय रहते सूचना पहुंचे, इसके लिए विभागीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लगातार निगरानी रखी जा रही है। वायरलेस से बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाके से तुरंत जलस्तर बढ़ने की जानकारी प्रेषित की जाएगी। रावी, तरनाह और उज्ज के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लोगों को पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी गई है कि वे खुद और अपने मवेशियों को लेकर दरिया के किनारे न जाएं।
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जिले में संयुक्त कंट्रोल रूम भी सक्रिय हो गया है। इसमें कर्मचारियों की तैनाती से लेकर आपसी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कंट्रोल रूम में तत्काल सूचना पहुंचे, इसके लिए वायरलेस सुविधा दरिया-नदियों के विभिन्न प्वाइंट पर पहुंचाई गई है। यहां पुलिस और संबंधित विभागों की मदद से स्ट्रेस कॉल पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
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उज्ज दरिया हर साल कहर बरपाता है। बीते साल दरिया खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए रिकाॅर्ड दो लाख 80 हजार क्यूसेक के बहाव को भी पार कर गया था। ऐसे में बाढ़ से कई गांवों में पानी घुस गया। राजबाग के निचले इलाकों में कोट पुन्नू तक कहर बरपा। इस साल समय से मानसून ने जहां दस्तक दे दी है, वहीं मौसम विशेषज्ञों ने अगले 48 घंटे में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अभी से लोगों को अलर्ट कर दिया है।
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जखोल और उज्ज बैराज का हूटर करेगा लोगों को अलर्ट
बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यकारी अभियंता मदन लाल शर्मा ने बताया कि संयुक्त कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया है। जखोल और उज्ज बैराज पर हूटर लगाया गया है, जो निचले इलाकों में तेजी से बढ़ते पानी को लेकर लोगों को अलर्ट जारी करेगा। उन्होंने बताया कि पंजतीर्थी में जलस्तर रिकार्ड होने के बाद बाढ़ को उज्ज पुल तक पहुंचने में लगभग दो घंटे से अधिक का समय लगता है। लिहाजा निचले इलाकों में समय रहते सूचना पहुंचे, इसके लिए विभागीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। लगातार निगरानी रखी जा रही है। वायरलेस से बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाके से तुरंत जलस्तर बढ़ने की जानकारी प्रेषित की जाएगी। रावी, तरनाह और उज्ज के इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लोगों को पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी गई है कि वे खुद और अपने मवेशियों को लेकर दरिया के किनारे न जाएं।