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वजू नाले में फिर मरीं मछलियां, जैव विविधता पर संकट
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:48 PM IST
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वजू नाले की जैव विविधता पर संकट के बादल फिर घिरते नजर आ रहे हैं। नाले में एक बार फिर मछलियों के मरने का मामला सामने आया है। जिले में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के आंकड़ों के बीच इस मामले ने फिर से खतरे की घंटी बजा दी है।
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पिछले साल भी इसी नाले में मछलियों समेत अन्य जलीय जीवों के मरने का मामला सामने आया था। तब वजू की जैव विविधता पूरी तरह नष्ट हो गई थी। अब मंगलवार को खोख्याल इलाके में वजू नाले में मछलियां मरी मिली हैं। इसको लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।
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यहां तक कि उन्होंने औद्योगिक प्रदूषण को मछलियों के मरने का कारण बताया। लोगों ने प्रदर्शन भी किया। ग्रामीण अर्पण वर्मा ने बताया कि बीते साल की घटना से मछुआरे और स्थानीय लोग अब तक उबर नहीं पाए थे कि वजू में फिर मछलियां मरने लगीं। इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जिम्मेदार है।
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पिछले साल मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। संदेहास्पद रूप से मामले को दबाने की कोशिश की गई। चेतावनी दी है कि यदि इस बार कार्रवाई करने से प्रशासन ने परहेज किया तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पिछली जांच में मिला था एंडोसल्फानः बीते वर्ष वजू नाले में मछलियां और जलीय जीवों के मरने के बाद जांच टीम ने सैंपल लिए थे। जब इसकी रिपोर्ट आई तो इसमें एंडोसल्फान नामक घातक रसायन पाया गया था।
भारत सहित दुनिया के कई देशों में प्रतिबंधित इस दवा की मौजूदगी वजू में संदिग्ध थी। इसके बावजूद इस मामले की न तो उचित जांच की गई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
मत्स्य पालन विभाग ने भी दावा किया था कि बीते साल हुई घटना से वजू की जैव विविधता ही नष्ट हो गई है, जिससे अभी उबरने में समय लग सकता है। अब फिर संदिग्ध रूप से मछलियों के मरने का मामला सामने आना चिंतनीय है। साथ ही प्रशासन की गंभीरता पर भी सवाल है।
कारखानों से निकला पानी गिरता है नाले मेंः प्रदर्शनकारियों में शामिल पांडू शर्मा, पवन कुमार पप्पू, दर्शन वर्मा, सुशील शर्मा आदि ने कहा कि इस मामले से पचास से अधिक मछुआरों के सामने एक बार फिर भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।
पिछली बार भी उनकी रोजीरोटी पर नजर लग गई थी। इस बार भी ऐसा लग रहा है। उन्होंने कहा कि कारखानों का दूषित पानी वूमेन चिल्ड्रेन पार्क कठुआ से होते हुए वजू में आकर मिल रहा है, जिससे फिर मछलियां मरने लगी हैं।
वजू नाले में मछलियों के मरने को लेकर जानकारी मिली है। जल्द ही टीम सहित मौके का जायजा लिया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी को पहले ही मग्गर खड्ड की ओर डायवर्ट कर दिया गया है।
-अंग्रेज सिंह, जिला अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
वजू में मछलियों के मरने की जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया है। विभागीय इंस्पेक्टर मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे।
-पवन शर्मा, सहायक निदेशक, मछली पालन विभाग