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पहली अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब जल्द बनेगी
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कठुआ। उत्तर भारत की पहली अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैब इसी साल के अंत तक सक्रिय होने जा रही है। कठुआ के खरोट मोड़ के नजदीक तैयार हो रही इस टेस्टिंग लैब का 75 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। अगले कुछ महीने में सिविल कार्यों के पूरा होते ही उच्च तकनीक की जांच मशीनें कठुआ की इस लैब में पहुंचना शुरू हो जाएंगी। सक्रिय होने के साथ ही यह लैब प्रदेश में वर्ष 2023 के आगाज के साथ ही आयात होने वाली दवाओं की जांच दोगुणी हो सकेगी। इसके साथ साथ प्रदेश में ड्रग कंट्रोल विभाग की ओर से उठाए जाने वाले सैंपलों की जांच भी की जा सकेगी। अबतक जम्मू और कश्मीर की लैब में दवाओं की जांच की जाती थी लेकिन कई मॉलीक्यूल की जांच के लिए सैंपल रीजन लैब चंडीगढ़ भेजे जाते थे।
अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी कठुआ के शुरू होने के बाद समय बचाए जाने के साथ-साथ दवाओं के लगभग नए मॉलीक्यूल की जांच कठुआ में ही संभव हो जाएगी। 3.1 कनाल जमीन पर तैयार हो रही यह लैब राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त होगी। फिलहाल जम्मू और कश्मीर के बाद प्रदेश की यह तीसरी मान्यता प्राप्त लैब बनने जा रही है। ड्रग कंट्रोल विभाग के सहायक नियंत्रक राजेश अंगुराना ने बताया कि लगभग 34 करोड़ की लागत से इस परियोजना का पूरा किया जाना है, जिसका काम तेजी से जारी है। बताया कि 31 जुलाई 2020 को इसकी आधारशीला रखी गई थी। कोरोना महामारी के चलते यह परियोजना कुछ हद तक प्रभावित हुई लेकिन अब एक बार फिर तेजी से काम जारी है और इसी वर्ष के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि यह लैब उत्तर भारत में अपनी ही तरह की पहली नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित लैब बनने जा रही है, जिसका प्रदेश को लाभ मिलेगा।
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अत्याधुनिक ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी कठुआ के शुरू होने के बाद समय बचाए जाने के साथ-साथ दवाओं के लगभग नए मॉलीक्यूल की जांच कठुआ में ही संभव हो जाएगी। 3.1 कनाल जमीन पर तैयार हो रही यह लैब राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त होगी। फिलहाल जम्मू और कश्मीर के बाद प्रदेश की यह तीसरी मान्यता प्राप्त लैब बनने जा रही है। ड्रग कंट्रोल विभाग के सहायक नियंत्रक राजेश अंगुराना ने बताया कि लगभग 34 करोड़ की लागत से इस परियोजना का पूरा किया जाना है, जिसका काम तेजी से जारी है। बताया कि 31 जुलाई 2020 को इसकी आधारशीला रखी गई थी। कोरोना महामारी के चलते यह परियोजना कुछ हद तक प्रभावित हुई लेकिन अब एक बार फिर तेजी से काम जारी है और इसी वर्ष के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि यह लैब उत्तर भारत में अपनी ही तरह की पहली नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित लैब बनने जा रही है, जिसका प्रदेश को लाभ मिलेगा।
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