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पाकिस्तान गोलाबारी से सीमावर्ती किसानों में दहशत
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कठुआ। भारत पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा पर सतपाल पोस्ट के नजदीक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन से हीरानगर सेक्टर में लोगों फिर सहमे हुए हैं। सीमा पर तारबंदी से पिछले कई दशकों से जहां आठ सौ एकड़ भूमी पर सीमावर्ती किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं वहीं सीमा से सटे इलाके के बाईस गांव में दस हजार हेक्टेयर से ज्यादा पर लगी फसल इस बाद भी दांव पर लग गई है। पाकिस्तान की गोलाबारी का पिछले एक दशक में दर्जन से भी अधिक बार दंश झेल चुके किसानों के माथे पर जहां चिंता की लकीरें हैं वहीं सीमा से सटे 22 गांव में लोगों के दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। सीमावर्ती किसानों की मानें तो उनकी रोजी रोटी का जरिया उनके खेत हैं। पाकिस्तान हर बार फसल पसकने के समय आग उगलता है।
लहलहाती फसल पर हर साल बारूद की दुर्गंध आती है और लोग जान पर खेलकर इन इलाकों में खेती करते हैं। सीमावर्ती कई इलाकों में जहां फसल पक चुकी है तो वहीं कई जगह पकने की कगार पर पहुंच चुकी है। पाकिस्तानी गोलाबारी जारी रहती है तो फसल की कटाई कैसे होगी इसकी उन्हें चिंता सता रही है। उन्होंने बताया कि एक ओर फसल व दूसरी ओर जिंदगियां दांव पर हैं।
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लहलहाती फसल पर हर साल बारूद की दुर्गंध आती है और लोग जान पर खेलकर इन इलाकों में खेती करते हैं। सीमावर्ती कई इलाकों में जहां फसल पक चुकी है तो वहीं कई जगह पकने की कगार पर पहुंच चुकी है। पाकिस्तानी गोलाबारी जारी रहती है तो फसल की कटाई कैसे होगी इसकी उन्हें चिंता सता रही है। उन्होंने बताया कि एक ओर फसल व दूसरी ओर जिंदगियां दांव पर हैं।
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