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Kathua News: बारिश से किसानों को राहत, बर्फबारी से बनी-भद्रवाह मार्ग पर यातायात ठप
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- लोआंग, ढग्गर, भंडार, डंडी गुट्टू में आधा फुट, छत्रगलां टॉप में डेढ़ फुट तक बर्फबारी
- कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू, चौबीस घंटे में बरसा 26 एमएम पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में बिगड़े मौसम का सबसे ज्यादा असर शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर तक देखने को मिला। दूरदराज के पहाड़ों के बाद बनी सब डिवीजन के कई रिहायशी इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
दोपहर तक कई इलाकों में पहाड़ों पर बर्फ गिरने का सिलसिला जारी रहा। बनी और मल्हार के कई इलाकों में दो फुट तक बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। ढग्गर में छह इंच तक बर्फ जमा हो गई तो वहीं डुग्गन, भंडार, डंडी गुट्टू, रौलका, दौलका, छत्रगलां, सरथल, खुडवा, कमलोगलां, मधोता, दौले माता, जोडेयां माता, कोटी चंडियार, दुलंगल, टिटवा आदि में भी आधा फुट तक बर्फ की परत जम गई है। बिलावर के उच्च पवर्तीय इलाकों लोहाई, मल्हार, डुगैनी आदि में भी छह इंच तक बर्फबारी हुई है।
जिले के पहाड़ी इलाकों में इस बार बर्फबारी की संभावना नहीं थी लेकिन मौसम की करवट ने बागवानों और किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लोहड़ी से पहले की बर्फबारी को कुदरत की नेमत माना जाता है। चिलिंग आवर में जहां सेब की पैदावार बेहतर होती है वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में यह बर्फ फसल के लिए खाद का काम करती है।
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तहसीलदार बनी प्रद्यमन अत्री ने बताया कि बनी-भद्रवाह मार्ग बर्फबारी के चलते बंद हो गया है। बनी के ढग्गर, लोआंग सहित अन्य लिंक मार्ग पर यातायात बहाल है। तहसीलदार बनी की ओर से लोगों को आवाजाही के दौरान एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
मैदानों में बढ़ी ठिठुरन, सरथल में पारा माइनस दस डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का
साल के आखिरी दिनों में पहाड़ी इलाकों में अच्छा हिमपात देखने को मिल रहा है तो वहीं मैदानी इलाकों में दोपहर तक बारिश की झड़ी थम गई। पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। कठुआ, हीरानगर, बसोहली, महानपुर और बिलावर में मूसलाधार बारिश शुक्रवार देर रात से सुबह तक जारी रही। कई इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को खासी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। बारिश ने सामान्य जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। राजमार्ग पर भी जगह-जगह बने गड्ढों से हादसे की आशंका बनी हुई है।
कठुआ के पहाड़ी इलाकों में हिमपात का दौर रूक रूक कर देर शाम तक जारी रहा है। जिले के पर्यटन स्थल सरथल में दिन में जहां अधिकतम पारा माइनस 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं रात का पारा माइनस 10 डिग्री सेलिस्यस तक गिर गया है। ढग्गर, रौलका, डंडी गुट्टू और लोआंग में दिन भर पारा शून्य के आसपास रहा। वहीं शाम बढ़ने के बाद सर्दी का सितम और भी बढ़ गया। कठुआ में मौसम खुलने के बाद पारा 17 डिग्री सेलिसयस दर्ज किया गया।
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24 घंटे में आसमान से बरसा 26 एमएम पानी, कंडी में किसानों ने फसल लगाने की शुरू की तैयारी
... कृषि विभाग की एडवाइजरी, 3 जनवरी तक करें इंतजार
कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र की एग्रोमेट यूनिट के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में कठुआ में 26 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार रात 11 बजे से लेकर शनिवार सुबह के बीच बारिश का पैमाना 25 एमएम तक रहा है। ऐसे में किसानों को फसल लगाने के लिए फिलहाल खेतों में नमी मिल गई है जिसका वे पिछले 106 दिन से इंतजार कर रहे थे। केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि गैर सिंचित इलाकों में बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है। देरी से ही सही लेकिन किसानों को अब फसल लगाने के लिए खेतों में नमीं मिल गई है। हालांकि वैदर मॉडल के अनुसार अभी एक जनवरी की रात से फिर बारिश की संभावना है। तीन जनवरी तक यदि मौसम खुलता है तो ही किसानों को फसल लगाने का काम करना चाहिए। इससे पहले बोए गए बीज जमीन में नमी अधिक होने और धूप न लगने से सड़ने की संभावना है।
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बिजली तंत्र का बुरा हाल, पेयजल सप्लाई भी हुई ठप
बारिश, बर्फबारी से जिले में बिजली तंत्र भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बिजली की आंख मिचौनी का खेल शुक्रवार से जारी रहा। जिले में विभाग के 158 फीडर में से 58 के लगभग में फाल्ट आने से बिजली गुल रही। शहर और आसपास के फीडरों में भी रात भर बिजली गुल रही। सुबह विभागीय टीमों ने बिजली बहाली का काम शुरू किया। विभाग ने शनिवार शाम तक सभी फीडरों को सुचारू कर दिया था। हालांकि इसमें कई इलाकों में लगातार आ रहे फाल्ट वाले हिस्सों को हटाकर बिजली बहाल की गई है। जिन क्षेत्रों में लाइनों में अभी भी फाल्ट है वहां ट्रांस्फार्मरों की जांच जारी है।
बसोहली क्षेत्र में एक तरफ यहां बारिश शुरू हुई तो वहीं दूसरी तरफ बिजली भी गुल हो गई बीती रात से गुल हुई बिजली शनिवार दोपहर करीब एक बजे तक बहाल नहीं हो सकी। बिजली न होने की सूरत में बिजली के उपकरणों से रोजगार कमाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वह अपने काम नहीं कर पा रहे हैं । दोपहर तक लोगों के घरों और दुकानों में लगाए गए इनवर्टर भी जवाब दे चुके थे।
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- कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू, चौबीस घंटे में बरसा 26 एमएम पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में बिगड़े मौसम का सबसे ज्यादा असर शुक्रवार रात और शनिवार दोपहर तक देखने को मिला। दूरदराज के पहाड़ों के बाद बनी सब डिवीजन के कई रिहायशी इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई।
दोपहर तक कई इलाकों में पहाड़ों पर बर्फ गिरने का सिलसिला जारी रहा। बनी और मल्हार के कई इलाकों में दो फुट तक बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। ढग्गर में छह इंच तक बर्फ जमा हो गई तो वहीं डुग्गन, भंडार, डंडी गुट्टू, रौलका, दौलका, छत्रगलां, सरथल, खुडवा, कमलोगलां, मधोता, दौले माता, जोडेयां माता, कोटी चंडियार, दुलंगल, टिटवा आदि में भी आधा फुट तक बर्फ की परत जम गई है। बिलावर के उच्च पवर्तीय इलाकों लोहाई, मल्हार, डुगैनी आदि में भी छह इंच तक बर्फबारी हुई है।
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जिले के पहाड़ी इलाकों में इस बार बर्फबारी की संभावना नहीं थी लेकिन मौसम की करवट ने बागवानों और किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लोहड़ी से पहले की बर्फबारी को कुदरत की नेमत माना जाता है। चिलिंग आवर में जहां सेब की पैदावार बेहतर होती है वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में यह बर्फ फसल के लिए खाद का काम करती है।
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तहसीलदार बनी प्रद्यमन अत्री ने बताया कि बनी-भद्रवाह मार्ग बर्फबारी के चलते बंद हो गया है। बनी के ढग्गर, लोआंग सहित अन्य लिंक मार्ग पर यातायात बहाल है। तहसीलदार बनी की ओर से लोगों को आवाजाही के दौरान एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
मैदानों में बढ़ी ठिठुरन, सरथल में पारा माइनस दस डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का
साल के आखिरी दिनों में पहाड़ी इलाकों में अच्छा हिमपात देखने को मिल रहा है तो वहीं मैदानी इलाकों में दोपहर तक बारिश की झड़ी थम गई। पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। कठुआ, हीरानगर, बसोहली, महानपुर और बिलावर में मूसलाधार बारिश शुक्रवार देर रात से सुबह तक जारी रही। कई इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को खासी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। बारिश ने सामान्य जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। राजमार्ग पर भी जगह-जगह बने गड्ढों से हादसे की आशंका बनी हुई है।
कठुआ के पहाड़ी इलाकों में हिमपात का दौर रूक रूक कर देर शाम तक जारी रहा है। जिले के पर्यटन स्थल सरथल में दिन में जहां अधिकतम पारा माइनस 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं रात का पारा माइनस 10 डिग्री सेलिस्यस तक गिर गया है। ढग्गर, रौलका, डंडी गुट्टू और लोआंग में दिन भर पारा शून्य के आसपास रहा। वहीं शाम बढ़ने के बाद सर्दी का सितम और भी बढ़ गया। कठुआ में मौसम खुलने के बाद पारा 17 डिग्री सेलिसयस दर्ज किया गया।
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24 घंटे में आसमान से बरसा 26 एमएम पानी, कंडी में किसानों ने फसल लगाने की शुरू की तैयारी
... कृषि विभाग की एडवाइजरी, 3 जनवरी तक करें इंतजार
कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र की एग्रोमेट यूनिट के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में कठुआ में 26 एमएम बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार रात 11 बजे से लेकर शनिवार सुबह के बीच बारिश का पैमाना 25 एमएम तक रहा है। ऐसे में किसानों को फसल लगाने के लिए फिलहाल खेतों में नमी मिल गई है जिसका वे पिछले 106 दिन से इंतजार कर रहे थे। केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि गैर सिंचित इलाकों में बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है। देरी से ही सही लेकिन किसानों को अब फसल लगाने के लिए खेतों में नमीं मिल गई है। हालांकि वैदर मॉडल के अनुसार अभी एक जनवरी की रात से फिर बारिश की संभावना है। तीन जनवरी तक यदि मौसम खुलता है तो ही किसानों को फसल लगाने का काम करना चाहिए। इससे पहले बोए गए बीज जमीन में नमी अधिक होने और धूप न लगने से सड़ने की संभावना है।
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बिजली तंत्र का बुरा हाल, पेयजल सप्लाई भी हुई ठप
बारिश, बर्फबारी से जिले में बिजली तंत्र भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बिजली की आंख मिचौनी का खेल शुक्रवार से जारी रहा। जिले में विभाग के 158 फीडर में से 58 के लगभग में फाल्ट आने से बिजली गुल रही। शहर और आसपास के फीडरों में भी रात भर बिजली गुल रही। सुबह विभागीय टीमों ने बिजली बहाली का काम शुरू किया। विभाग ने शनिवार शाम तक सभी फीडरों को सुचारू कर दिया था। हालांकि इसमें कई इलाकों में लगातार आ रहे फाल्ट वाले हिस्सों को हटाकर बिजली बहाल की गई है। जिन क्षेत्रों में लाइनों में अभी भी फाल्ट है वहां ट्रांस्फार्मरों की जांच जारी है।
बसोहली क्षेत्र में एक तरफ यहां बारिश शुरू हुई तो वहीं दूसरी तरफ बिजली भी गुल हो गई बीती रात से गुल हुई बिजली शनिवार दोपहर करीब एक बजे तक बहाल नहीं हो सकी। बिजली न होने की सूरत में बिजली के उपकरणों से रोजगार कमाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वह अपने काम नहीं कर पा रहे हैं । दोपहर तक लोगों के घरों और दुकानों में लगाए गए इनवर्टर भी जवाब दे चुके थे।