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Kathua News: शव सड़क पर रख हाईवे किया जाम, प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
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मृतक के शव से लिपटकर विलाप करते परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। भागथली में टिप्पर की चपेट में आए 40 वर्षीय हरप्रीत सिंह पुत्र कुलवीर सिंह निवासी वार्ड 12 कठुआ की मौत को लेकर लोगों का रोष दूसरे दिन भी जारी रहा।
वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही पुलिस ने शव को परिजन को सौंपा, वे शव लेकर जम्मू-पठानकोट हाईवे पर आ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजकर दस मिनट पर जैसे प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर शव रखकर नारेबाजी शुरू की तो हालात से पहले वाकिफ तहसीलदार विक्रम कुमार डीएसपी मुख्यालय रविंदर सिंह और कठुआ सिटी थाना प्रभारी के साथ वहां पहुंचे। सवा घंटे तक हाईवे जाम रहा। तहसीलदार ने प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। लेकिन प्रदर्शनकारियों नहीं माने।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर हर बार वादा खिलाफी किए जाने का आरोप लगाया। उधर, हाईवे के दो छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने दिन के समय टिप्परों व डंपरों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल विशु शर्मा ने कहा कि आए दिन बेलगाम दौड़ने वाले टिप्पर लोगों को मौत के घाट उतार रहे हैं। इन पर कार्रवाई करना तो दूर प्रशासन पीड़ित परिवारों के घाव पर हमदर्दी का मरहम लगाने के लिए भी आगे नहीं आ रहा। हरप्रीत सिंह की मौत हुए आज तीसरा दिन है, लोग लगातार रोष जता रहे हैं। अभी तक न तो प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पहल की और न ही पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जतानी मुनासिब समझी। वे लोग कैसे विश्वास कर सकते हैं।
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वहीं, निखिल शर्मा ने कहा कि शहर के बीच गुजरने वाले बेलगाम टिप्परों को बंद करने की मांग वह कई बार मांग कर चुके हैं और आज कुछ नहीं हुआ।
लिहाजा आज जब तक प्रशासन की ओर टिप्परों को बंद करने के साथ पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने का लिखित वादा नहीं किया जाता, वे लोग हाईवे से नही हटेंगे। विनोद कुमार शिंदा का कहना था कि पेशे से ट्रक ड्राइवर मृतक हरप्रीत सिंह कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। जिसकी मौत के बाद उसके परिवार में एक बहन और पत्नी ही रह गए हैं। जिनका कोई सहारा अब नहीं बचा है। प्रशासन को बताना चाहिए कि अब उनका घर कैसे चलेगा।
सवा घंटे चले प्रदर्शन के बाद जब लोगों ने हाईवे नहीं खोला तो तहसीलदार ने दोबारा लोगों के बीच जाकर उन्हें बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जो भी मुआवजा बनता है उसे तत्काल दिलाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन परिवार के सदस्य को सरकार की किसी ऐसी योजना से जोड़ने का प्रयास करेगा जिसके माध्यम से परिवार का भविष्य में भी गुजारा चलता रहे। साथ ही कहा कि दिन के समय डंपरों के परिचालन पर प्रतिबंध को लेकर उच्च अधिकारियों से जल्द बात की जाएगी। इस पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।
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कठुआ। भागथली में टिप्पर की चपेट में आए 40 वर्षीय हरप्रीत सिंह पुत्र कुलवीर सिंह निवासी वार्ड 12 कठुआ की मौत को लेकर लोगों का रोष दूसरे दिन भी जारी रहा।
वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही पुलिस ने शव को परिजन को सौंपा, वे शव लेकर जम्मू-पठानकोट हाईवे पर आ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजकर दस मिनट पर जैसे प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर शव रखकर नारेबाजी शुरू की तो हालात से पहले वाकिफ तहसीलदार विक्रम कुमार डीएसपी मुख्यालय रविंदर सिंह और कठुआ सिटी थाना प्रभारी के साथ वहां पहुंचे। सवा घंटे तक हाईवे जाम रहा। तहसीलदार ने प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। लेकिन प्रदर्शनकारियों नहीं माने।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर हर बार वादा खिलाफी किए जाने का आरोप लगाया। उधर, हाईवे के दो छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने दिन के समय टिप्परों व डंपरों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल विशु शर्मा ने कहा कि आए दिन बेलगाम दौड़ने वाले टिप्पर लोगों को मौत के घाट उतार रहे हैं। इन पर कार्रवाई करना तो दूर प्रशासन पीड़ित परिवारों के घाव पर हमदर्दी का मरहम लगाने के लिए भी आगे नहीं आ रहा। हरप्रीत सिंह की मौत हुए आज तीसरा दिन है, लोग लगातार रोष जता रहे हैं। अभी तक न तो प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पहल की और न ही पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जतानी मुनासिब समझी। वे लोग कैसे विश्वास कर सकते हैं।
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वहीं, निखिल शर्मा ने कहा कि शहर के बीच गुजरने वाले बेलगाम टिप्परों को बंद करने की मांग वह कई बार मांग कर चुके हैं और आज कुछ नहीं हुआ।
लिहाजा आज जब तक प्रशासन की ओर टिप्परों को बंद करने के साथ पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने का लिखित वादा नहीं किया जाता, वे लोग हाईवे से नही हटेंगे। विनोद कुमार शिंदा का कहना था कि पेशे से ट्रक ड्राइवर मृतक हरप्रीत सिंह कुमार अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। जिसकी मौत के बाद उसके परिवार में एक बहन और पत्नी ही रह गए हैं। जिनका कोई सहारा अब नहीं बचा है। प्रशासन को बताना चाहिए कि अब उनका घर कैसे चलेगा।
सवा घंटे चले प्रदर्शन के बाद जब लोगों ने हाईवे नहीं खोला तो तहसीलदार ने दोबारा लोगों के बीच जाकर उन्हें बताया कि इस मामले में पीड़ित परिवार को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जो भी मुआवजा बनता है उसे तत्काल दिलाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन परिवार के सदस्य को सरकार की किसी ऐसी योजना से जोड़ने का प्रयास करेगा जिसके माध्यम से परिवार का भविष्य में भी गुजारा चलता रहे। साथ ही कहा कि दिन के समय डंपरों के परिचालन पर प्रतिबंध को लेकर उच्च अधिकारियों से जल्द बात की जाएगी। इस पर लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।