{"_id":"654fd92e03b90a23450be68a","slug":"express-way-slow-construction-kathua-news-c-201-1-knt1002-4346-2023-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: धीमी गति से चल रहे एक्सप्रेस-वे के निर्माण से चड़वाल के दुकानदार परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: धीमी गति से चल रहे एक्सप्रेस-वे के निर्माण से चड़वाल के दुकानदार परेशान
विज्ञापन
बोले-जगह-जगह खोद दिए गड्ढे, सात महीने में एक भी पूरा पिलर नहीं तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। एक्सप्रेस-वे का काम धीमी गति से चलने के कारण आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कर रही कंपनियों ने काम जगह-जगह शुरू कर दिया है, लेकिन पूरा होता कहीं नहीं दिख रहा। चौक-चौराहों पर फ्लाईओवर बनाने का काम 7 से 8 महीने पहले शुरू हुआ, लेकिन अभी तक एक पिलर तक तैयार नहीं हो पाया है। इससे लंबा जाम लग रहा है।
लोगों का कहना है कि धूल-मिट्टी से लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान हो रहा है। कुछ जगहों पर निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग की गई है, जिसकी वजह से हाईवे की ट्रैफिक सर्विस लेन से चलाई जा रही है, लेकिन सर्विस लेन की हालत भी बदतर होने से वाहन चालकों और आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। चड़वाल में करीब 7 महीने पहले फ्लाईओवर बनाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन काम इतनी धीमी गति से चल रहा है कि अभी तक एक पिलर तक तैयार नहीं हो पाया है। इससे मुख्य चौक में जाम के कारण व्यापार घटता जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते दुकानदारों को दिन भर मास्क पहनना पड़ रहा है। जो लोग बिना मास्क के यहां से गुजरते हैं उन्हें गले की बीमारियां चपेट में ले रही हैं। लोगों की मांग है कि हाईवे अथॉरिटी काम कर रही कंपनियों पर सख्ती बरतकर काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दे।
दुकानदार दीपक शर्मा ने कहा कि फ्लाईओवर बनाने का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। दिन भर धूल उड़ती रहती है। कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी का छिड़काव दिन में कभी कबार एक बार किया जाता है। दिनभर मास्क पहनना पड़ता है। न पहनें तो शाम को गला खराब हो जाता है। कंपनी के पास सभी पिलर पर काम करने की क्षमता नहीं है तो एक-एक कर तैयार करना चाहिए था। गड्ढे सभी जगह खोद दिए हैं, लेकिन अब तक एक भी तैयार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
वहीं, कमल किशोर ने कहा कि फ्लाईओवर बनाने का काम करीब 7 महीने पहले शुरू हुआ था। तब से ही बाजार में जाम की समस्या शुरू हो गई थी। समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन काम पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी वजह से लोगों के स्वास्थ्य को तो हानि हो ही रही है। व्यापार भी बेहद घट गया है। ज्यादातर लोग धूल-मिट्टी और जाम से बचने के लिए इस बाजार में आने से परहेज करते हैं। दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। एक्सप्रेस-वे का काम धीमी गति से चलने के कारण आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण कर रही कंपनियों ने काम जगह-जगह शुरू कर दिया है, लेकिन पूरा होता कहीं नहीं दिख रहा। चौक-चौराहों पर फ्लाईओवर बनाने का काम 7 से 8 महीने पहले शुरू हुआ, लेकिन अभी तक एक पिलर तक तैयार नहीं हो पाया है। इससे लंबा जाम लग रहा है।
लोगों का कहना है कि धूल-मिट्टी से लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान हो रहा है। कुछ जगहों पर निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग की गई है, जिसकी वजह से हाईवे की ट्रैफिक सर्विस लेन से चलाई जा रही है, लेकिन सर्विस लेन की हालत भी बदतर होने से वाहन चालकों और आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। चड़वाल में करीब 7 महीने पहले फ्लाईओवर बनाने का काम शुरू हुआ था, लेकिन काम इतनी धीमी गति से चल रहा है कि अभी तक एक पिलर तक तैयार नहीं हो पाया है। इससे मुख्य चौक में जाम के कारण व्यापार घटता जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते दुकानदारों को दिन भर मास्क पहनना पड़ रहा है। जो लोग बिना मास्क के यहां से गुजरते हैं उन्हें गले की बीमारियां चपेट में ले रही हैं। लोगों की मांग है कि हाईवे अथॉरिटी काम कर रही कंपनियों पर सख्ती बरतकर काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दे।
विज्ञापन
दुकानदार दीपक शर्मा ने कहा कि फ्लाईओवर बनाने का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। दिन भर धूल उड़ती रहती है। कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी का छिड़काव दिन में कभी कबार एक बार किया जाता है। दिनभर मास्क पहनना पड़ता है। न पहनें तो शाम को गला खराब हो जाता है। कंपनी के पास सभी पिलर पर काम करने की क्षमता नहीं है तो एक-एक कर तैयार करना चाहिए था। गड्ढे सभी जगह खोद दिए हैं, लेकिन अब तक एक भी तैयार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
वहीं, कमल किशोर ने कहा कि फ्लाईओवर बनाने का काम करीब 7 महीने पहले शुरू हुआ था। तब से ही बाजार में जाम की समस्या शुरू हो गई थी। समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन काम पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी वजह से लोगों के स्वास्थ्य को तो हानि हो ही रही है। व्यापार भी बेहद घट गया है। ज्यादातर लोग धूल-मिट्टी और जाम से बचने के लिए इस बाजार में आने से परहेज करते हैं। दुकानदारी प्रभावित हो रही है।