फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   express way

Kathua News: समय पर पूरा नहीं हो पाएगा दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का काम, करना होगा इंतजार

विज्ञापन
express way
कठुआ। कठुआ से होकर गुजरने वाले दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है लेकिन उसके बावजूद इसका काम सितंबर 2024 में पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा। दरअसल, एक्सप्रेस निर्माण में लगी कंपनियों को माइनिंग मैटेरियल की भारी कमी से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा, अदालत में विचाराधीन मामलों के कारण जमीन अधिग्रहण का काम भी अभी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। एक्सप्रेस वे बनने से लोगों को दिल्ली व अन्य शहरों को जाने के लिए कम समय लगना था, लेकिन उन्हें अभी इंतजार करना पड़ेगा। मार्ग निर्माण की जद में आने वाले स्थायी व अस्थायी निर्माण को हटाने के लिए अभी सभी मालिकों को मुआवजा वितरण किया जाना है। कई निर्माण तोड़े जाने बाकी हैं। इसके चलते प्रोजेक्ट में कुछ देरी हो सकती है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के विभागीय अधिकारी भी इन मसलों से देरी होने की संभावना जता रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि भले ही उक्त एक्सप्रेस-वे समयावधि में पूरा न हो पाए लेकिन इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। 2024 में ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन


एक्सप्रेस-वे निर्माण एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कंपनियों को कच्चे माइनिंग मैटेरियल की कमी पेश आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस समय निर्माण का काम युद्ध स्तर पर जारी है। माइनिंग मैटेरियल की मांग अपने चरम पर है लेकिन जम्मू-कश्मीर में अधिकतर क्रशर उद्योग चलाने वालों की दाे साल की एन्वायरमेंट क्लीयरेंस खत्म हो चुकी है। अब दोबारा क्लीयरेंस मिल नहीं रही। जहां काम चल रहा है, उतने काम से मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते मांग के मुताबिक कच्चा माल नहीं मिल रहा। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से अन्य विकल्पों से माइनिंग मैटेरियल उपलब्ध करवाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

अदालत की शरण में पहुंचे कई लोग
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के अधिकारी ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के कई मामले अभी सिर्फ इसलिए लंबित हैं कि जमीनों पर किसी और का कब्जा है और कागजों में मालिक कोई और है। ऐसे में उक्त कुछ मामले रुके पड़े हैं। कुछ लोग अदालत की शरण में हैं, जिसके चलते अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अधिकारियों का कहना है कि निकट भविष्य में ऐसे सारे मामले हल हो जाएंगे। इसको लेकर कठुआ प्रशासन हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई ढांचे गिराने हैं, पुलों का काम भी जारी
बता दें कि 600 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे की लगभग 43.4 किलोमीटर लंबी सड़क कठुआ जिले के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरेगी। इस 43.4 किलोमीटर सड़क की जद में 61 गांव आ रहे हैं। कठुआ में कई मंदिर, पुल, निजी दुकानें, मकान व अन्य इमारतें एक्सप्रेस-वे की जद में आई हैं। इन्हें तोड़ा जा रहा है लेकिन, इसमें काफी समय लग रहा है। इनमें से एक उज्ज दरिया पर बने 70 साल पुराने पुल को भी अभी तोड़ा जा रहा है, जिसके निर्माण में समय लगेगा। अधिकारियों के मुताबिक सभी गांवों में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जारी है। कुल 992 करोड़ रुपये जिले में बतौर मुआवजा वितरित किया जाना है, जिसमें से अधिकतर लोगों को मुआवजा बांटा जा चुका है।

-एक्सप्रेस-वे का काम युद्धस्तर पर जारी है लेकिन कुछ चुनौतियां हैं। इनके कारण काम प्रभावित हो रहा है। माइनिंग मैटेरियल की कमी मुख्य है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण के कुछ मामले में अदालत में हैं और ढांचों को तोड़ने का काम भी बकाया है। ऐसे में संभावना है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण डेडलाइन से कुछ पिछड़ जाए लेकिन इसे इसी साल पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
-ईश गुप्ता, तकनीकी मैनेजर, नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed