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Kathua News: बाहरी क्षेत्रों के ई-रिक्शा से कठुआ के चालकों को नुकसान, रूट तय करने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा के संचालन को लेकर स्थानीय चालकों में नाराजगी बढ़ रही है। शुक्रवार को शहर के कॉलेज रोड पर श्री परशुराम जी चौक पर जमा हुए कठुआ ई-रिक्शा यूनियन के सदस्यों ने वहां से गुजरने वाले सभी ई-रिक्शा चालकों से अपने-अपने क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने की अपील की है।
यूनियन के प्रधान संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि राजबाग, लखनपुर और गाटी समेत आसपास के क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा भी कठुआ और कालीबाड़ी में सवारियां उठा रहे हैं। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ स्थानीय चालकों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से सभी ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित करने की मांग की है।
संदीप सिंह ने बताया कि कठुआ शहर में करीब 250 से 300 ई-रिक्शा ऐसे हैं, जिनके चालक स्थानीय स्तर पर सवारियां ढोकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि जब दूसरे क्षेत्रों के ई-रिक्शा भी शहर में आकर सवारियां उठाने लगते हैं तो स्थानीय चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र के ई-रिक्शा के लिए अलग रूट तय होना चाहिए, ताकि स्थानीय चालकों के हित सुरक्षित रहें और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
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उन्होंने ई-रिक्शा चलाने वाले नाबालिगों और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे चालकों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने पुलिस से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ई-रिक्शा यूनियन के प्रधान ने प्रशासन से मांग की कि बुद्धि, राजबाग, घाटी और लखनपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों के ई-रिक्शा के लिए स्पष्ट रूट निर्धारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा अपने निर्धारित क्षेत्र में सवारियां उठाएं, जबकि कठुआ शहर में पंजीकृत और संचालित ई-रिक्शा के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।
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कठुआ। शहर में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा के संचालन को लेकर स्थानीय चालकों में नाराजगी बढ़ रही है। शुक्रवार को शहर के कॉलेज रोड पर श्री परशुराम जी चौक पर जमा हुए कठुआ ई-रिक्शा यूनियन के सदस्यों ने वहां से गुजरने वाले सभी ई-रिक्शा चालकों से अपने-अपने क्षेत्र में ई-रिक्शा चलाने की अपील की है।
यूनियन के प्रधान संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि राजबाग, लखनपुर और गाटी समेत आसपास के क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा भी कठुआ और कालीबाड़ी में सवारियां उठा रहे हैं। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ स्थानीय चालकों के रोजगार पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से सभी ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारित करने की मांग की है।
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संदीप सिंह ने बताया कि कठुआ शहर में करीब 250 से 300 ई-रिक्शा ऐसे हैं, जिनके चालक स्थानीय स्तर पर सवारियां ढोकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि जब दूसरे क्षेत्रों के ई-रिक्शा भी शहर में आकर सवारियां उठाने लगते हैं तो स्थानीय चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र के ई-रिक्शा के लिए अलग रूट तय होना चाहिए, ताकि स्थानीय चालकों के हित सुरक्षित रहें और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
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उन्होंने ई-रिक्शा चलाने वाले नाबालिगों और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे चालकों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने पुलिस से नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ई-रिक्शा यूनियन के प्रधान ने प्रशासन से मांग की कि बुद्धि, राजबाग, घाटी और लखनपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों के ई-रिक्शा के लिए स्पष्ट रूट निर्धारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शा अपने निर्धारित क्षेत्र में सवारियां उठाएं, जबकि कठुआ शहर में पंजीकृत और संचालित ई-रिक्शा के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।