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Kathua News: प्राथमिक शिक्षा के लिए ई-कंटेंट और बाल साहित्य निर्माण पर जोर
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डाइट बसोहली की ओर से संपन्न हुआ शिक्षकों का प्रशिक्षण शिविर विभाग
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बसोहली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। इसमें शामिल शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षा के लिए शिक्षण-सामग्री की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान स्थानीय भाषा में प्राथमिक कक्षाओं के लिए ई-कंटेंट निर्माण के साथ अंग्रेजी में बाल साहित्य निर्माण जिसमें कविताएं, कहानियां, बिग बुक्स, चार्ट्स और पोस्टर्स पर कार्यशाला केंिद्रत रही।
डाइट बसोहली के प्रधानाचार्य भूषण कुमार पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली कार्यशाला के स्थानीय भाषा में ई-कंटेंट निर्माण सत्र का समन्वय लाली शर्मा, विभागाध्यक्ष डाइट बसोहली ने किया। जबकि, अंग्रेजी बाल साहित्य कार्यशाला का समन्वय सुदर्शन कुमार ने किया। जिन्होंने नवाचार, रचनात्मकता और स्थानीय संस्कृति को शिक्षा में समाहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए शिक्षा को आनंददायक और अर्थपूर्ण बनाने हेतु स्थानीय भाषा और संस्कृति का समावेश आवश्यक है।
कार्यशाला में दलीप कुमार, संतुष्टा डोगरा, विशाल आनंद, मोनू देवी, हरदेव कुमार, पंकज शर्मा, विनी कुमार, और राकेश कुमार ने सहभागियों को इंटरैक्टिव सत्रों, प्रदर्शनियों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया। ताकि कार्यशाला में शामिल शिक्षकों को डिजिटल और प्रिंट आधारित ऐसी शिक्षण सामग्री विकसित करने में सक्षम बयया जा सके। जो कि विद्यार्थियों के अनुकूल, स्थानीय सन्दर्भों से जुड़ी और शैक्षिक दृष्टि से प्रभावी हो। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने भी इस पहल की सराहना की और अपने विद्यालयों में इन नवाचारों को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
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कार्यशाला में प्रधानाचार्य डाइट ने सभी समन्वयकों, संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मकता और सहयोग के लिए बधाई दी। उन्होंने डाइट बसोहली की प्रतिबद्धता दोहराई कि संस्थान शिक्षकों में रचनात्मकता, डिजिटल दक्षता और भाषाई समृद्धि को बढ़ावा देता रहेगा ताकि प्राथमिक स्तर पर आनंददायक शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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डाइट बसोहली के प्रधानाचार्य भूषण कुमार पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली कार्यशाला के स्थानीय भाषा में ई-कंटेंट निर्माण सत्र का समन्वय लाली शर्मा, विभागाध्यक्ष डाइट बसोहली ने किया। जबकि, अंग्रेजी बाल साहित्य कार्यशाला का समन्वय सुदर्शन कुमार ने किया। जिन्होंने नवाचार, रचनात्मकता और स्थानीय संस्कृति को शिक्षा में समाहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए शिक्षा को आनंददायक और अर्थपूर्ण बनाने हेतु स्थानीय भाषा और संस्कृति का समावेश आवश्यक है।
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कार्यशाला में दलीप कुमार, संतुष्टा डोगरा, विशाल आनंद, मोनू देवी, हरदेव कुमार, पंकज शर्मा, विनी कुमार, और राकेश कुमार ने सहभागियों को इंटरैक्टिव सत्रों, प्रदर्शनियों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया। ताकि कार्यशाला में शामिल शिक्षकों को डिजिटल और प्रिंट आधारित ऐसी शिक्षण सामग्री विकसित करने में सक्षम बयया जा सके। जो कि विद्यार्थियों के अनुकूल, स्थानीय सन्दर्भों से जुड़ी और शैक्षिक दृष्टि से प्रभावी हो। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों ने भी इस पहल की सराहना की और अपने विद्यालयों में इन नवाचारों को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
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कार्यशाला में प्रधानाचार्य डाइट ने सभी समन्वयकों, संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मकता और सहयोग के लिए बधाई दी। उन्होंने डाइट बसोहली की प्रतिबद्धता दोहराई कि संस्थान शिक्षकों में रचनात्मकता, डिजिटल दक्षता और भाषाई समृद्धि को बढ़ावा देता रहेगा ताकि प्राथमिक स्तर पर आनंददायक शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।