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Kathua News: 36 घंटे बंद रही बिजली, एईई से मिला प्रतिनिधिमंडल
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हीरानगर। बुधवार शाम को आंधी की वजह से सीमावर्ती गांव बोबिया और उसके आसपास के इलाके में ठप हुई बिजली आपूर्ति करीब 36 घंटे के बाद बहाल हुई। इसके बाद स्थानीय लोगों ने विभाग से नए रिसिविंग स्टेशन से बिजली सप्लाई देने की मांग की है।
शुक्रवार को एक शिष्टमंडल पूर्व सरपंच एवं बॉर्डर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा के नेतृत्व में विद्युत विभाग के एईई से मिला। उन्होंने कहा कि 36 घंटे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह पहली बार नहीं, पहले भी ऐसा होता रहा है लेकिन अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हीरानगर से उन्हें बिजली सप्लाई होती है। उनके इलाके से रिसिविंग स्टेशन की दूरी काफी ज्यादा है, जिसकी वजह से बीच में अगर कोई फाल्ट पड़ता है तो उसे ठीक करने में कई दिन लग जाते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि उन्हें नजदीकी रिसिविंग स्टेशन से बिजली सप्लाई की जाए। उन्होंने कहा कि मथुरा चक में नया रिसिविंग स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन बार-बार कहने के बावजूद आसपास के गांवों को इससे नहीं जोड़ा जा रहा है। अगर इस नए रिसिविंग स्टेशन से गांव को सप्लाई शुरू होती है तो काफी हद तक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर जल्द नए रिसिविंग स्टेशन के साथ सीमावर्ती गांवों को नहीं जोड़ा गया तो मजबूरन उन्हें धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। एईई भरत शर्मा ने उन्हें आश्वासन दिया कि एक सप्ताह तक नए रिसिविंग स्टेशन से सप्लाई दे दी जाएगी। शिष्टमंडल में अजीत कुमार और रतनलाल आदि भी शामिल रहे।
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शुक्रवार को एक शिष्टमंडल पूर्व सरपंच एवं बॉर्डर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण शर्मा के नेतृत्व में विद्युत विभाग के एईई से मिला। उन्होंने कहा कि 36 घंटे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यह पहली बार नहीं, पहले भी ऐसा होता रहा है लेकिन अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि हीरानगर से उन्हें बिजली सप्लाई होती है। उनके इलाके से रिसिविंग स्टेशन की दूरी काफी ज्यादा है, जिसकी वजह से बीच में अगर कोई फाल्ट पड़ता है तो उसे ठीक करने में कई दिन लग जाते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि उन्हें नजदीकी रिसिविंग स्टेशन से बिजली सप्लाई की जाए। उन्होंने कहा कि मथुरा चक में नया रिसिविंग स्टेशन बनकर तैयार है लेकिन बार-बार कहने के बावजूद आसपास के गांवों को इससे नहीं जोड़ा जा रहा है। अगर इस नए रिसिविंग स्टेशन से गांव को सप्लाई शुरू होती है तो काफी हद तक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर जल्द नए रिसिविंग स्टेशन के साथ सीमावर्ती गांवों को नहीं जोड़ा गया तो मजबूरन उन्हें धरना प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। एईई भरत शर्मा ने उन्हें आश्वासन दिया कि एक सप्ताह तक नए रिसिविंग स्टेशन से सप्लाई दे दी जाएगी। शिष्टमंडल में अजीत कुमार और रतनलाल आदि भी शामिल रहे।
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