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साहब! मास्टर जी महीने में तीन-चार दिन ही आते हैं स्कूल
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कठुआ। जिले का दूरदराज बनी उपमंडल की संदरूण पंचायत के प्राइमरी स्कूल हाथन में मास्टर जी महीने में तीन-चार दिन ही स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। अपना दुखड़ा लेकर जोनल शिक्षा अधिकारी (जेईओ) के कार्यालय में पहुंचे ग्रामीणों ने जेईओ से कार्रवाई की गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राइमरी स्कूल नेशनल यूथ कॉर्प्स (एनवाईसी) के एक वॉलंटियर के सहारे चल रहा है, जबकि यहां तैनात एकमात्र शिक्षक महीने में तीन-चार दिन ही स्कूल आते हैं। आते भी हैं तो सुबह 11 बजे के बाद। बार-बार ग्रामीणों ने की गुहार पर समस्या का समाधान नहीं निकला गया है, न ही इलाके में मोबाइल सिग्नल है, जहां से मौके पर ही अधिकारी से मास्टर जी की बात करवा दी जाए। लिहाजा वे दुखी होकर कई किलोमीटर पैदल सफर तय कर बनी पहुंचे हैं।
शिष्टमंडल में शामिल प्यार सिंह, खजान चंद, वार्ड सदस्य अंग्रेज सिंह, सुदेश कुमार, शर्मा, कमल सिंह, नरेंद्र कुमार, विक्की ठाकुर आदि ने बताया कि मामला पहले भी कई बार शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन इलाके के इस स्कूल में पढ़ रहे 35 विद्यार्थियों की शिक्षा की ओर कोई भी अधिकारी सुध नहीं लेता है। दूर-दराज इलाके में शिक्षा को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। शिक्षक केवल महीने के बाद वेतन पाने के लिए समय व्यतीत करते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने में तीन से चार दिन स्कूल आने वाले शिक्षक पर यदि अब भी कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे मामला मुख्य शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाएंगे। उन्होंने डीसी कठुआ से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।
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अधिकारी बोले-जांच करेंगे
जोनल शिक्षा अधिकारी हेमराज ने बताया कि ग्रामीणों से समस्या को लेकर लिखित शिकायत मांगी गई है। दूर-दराज का इलाका है। फोन से संपर्क नहीं होता है। मामले की जांच की जाएगी, यदि शिक्षक दोषी पाया जाएगा तो कार्रवाई भी की जाएगी।
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शिष्टमंडल में शामिल प्यार सिंह, खजान चंद, वार्ड सदस्य अंग्रेज सिंह, सुदेश कुमार, शर्मा, कमल सिंह, नरेंद्र कुमार, विक्की ठाकुर आदि ने बताया कि मामला पहले भी कई बार शिक्षा विभाग के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन इलाके के इस स्कूल में पढ़ रहे 35 विद्यार्थियों की शिक्षा की ओर कोई भी अधिकारी सुध नहीं लेता है। दूर-दराज इलाके में शिक्षा को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। शिक्षक केवल महीने के बाद वेतन पाने के लिए समय व्यतीत करते हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने में तीन से चार दिन स्कूल आने वाले शिक्षक पर यदि अब भी कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे मामला मुख्य शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाएंगे। उन्होंने डीसी कठुआ से भी मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।
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अधिकारी बोले-जांच करेंगे
जोनल शिक्षा अधिकारी हेमराज ने बताया कि ग्रामीणों से समस्या को लेकर लिखित शिकायत मांगी गई है। दूर-दराज का इलाका है। फोन से संपर्क नहीं होता है। मामले की जांच की जाएगी, यदि शिक्षक दोषी पाया जाएगा तो कार्रवाई भी की जाएगी।