{"_id":"654e8e0a42f85182b608dac7","slug":"eco-friendly-diwali-kathua-news-c-201-1-knt1007-4327-2023-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: विद्यार्थियों ने ली ग्रीन दिवाली मनाने की शपथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: विद्यार्थियों ने ली ग्रीन दिवाली मनाने की शपथ
विज्ञापन
जीएमसी के सहयोग से टायनी स्कॉलर स्कूल में करवाया ग्रीन दीवाली कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए अमर उजाला ने ग्रीन दीवाली अभियान के तहत टायनी स्कॉलर स्कूल लोगेट मोड़ में कार्यक्रम करवाया। विद्यार्थियों को ग्रीन दिवाली मनाने की शपथ दिलाई गई।
जीएमसी कठुआ के सहयोग से करवाए कार्यक्रम में पहुंचे जीएमसी के सीनियर रेजीडेंट डॉ. साहिल लंगेह का स्कूल चेयरपर्सन मनीषा गुप्ता और प्रिंसिपल रीना खजूरिया ने स्वागत किया। डॉ. साहिल ने विद्यार्थियों को आतिशबाजी से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। कहा कि पटाखों में इस्तेमाल कैडमियम से अनीमिया और चमड़ी के रोग हो सकते हैं। डॉ. साहिल ने बच्चों से कहा कि शहर को प्रदूषण और कचरे से मुक्त रखना जरूरी है। इसलिए केवल ग्रीन दिवाली मनाएं। तेज आवाज व प्रदूषण वाले पटाखों से बेजुबान जानवर, बुजूर्ग, बच्चे, पक्षी, पर्यावरण प्रभावित होते हैं। पटाखों से बचे पैसों से गरीब की मदद करें। बिजली से चलने वाली लाइटों की बजाय दीये जलाएं। विद्यार्थियों ने कहा कि वे ईको फ्रेंडली दिवाली मनाएंगे। तेज आवाज, प्रदूषण पैदा करने वाले पटाखें और सिंथेटिक रंगोंं का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए अमर उजाला ने ग्रीन दीवाली अभियान के तहत टायनी स्कॉलर स्कूल लोगेट मोड़ में कार्यक्रम करवाया। विद्यार्थियों को ग्रीन दिवाली मनाने की शपथ दिलाई गई।
जीएमसी कठुआ के सहयोग से करवाए कार्यक्रम में पहुंचे जीएमसी के सीनियर रेजीडेंट डॉ. साहिल लंगेह का स्कूल चेयरपर्सन मनीषा गुप्ता और प्रिंसिपल रीना खजूरिया ने स्वागत किया। डॉ. साहिल ने विद्यार्थियों को आतिशबाजी से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। कहा कि पटाखों में इस्तेमाल कैडमियम से अनीमिया और चमड़ी के रोग हो सकते हैं। डॉ. साहिल ने बच्चों से कहा कि शहर को प्रदूषण और कचरे से मुक्त रखना जरूरी है। इसलिए केवल ग्रीन दिवाली मनाएं। तेज आवाज व प्रदूषण वाले पटाखों से बेजुबान जानवर, बुजूर्ग, बच्चे, पक्षी, पर्यावरण प्रभावित होते हैं। पटाखों से बचे पैसों से गरीब की मदद करें। बिजली से चलने वाली लाइटों की बजाय दीये जलाएं। विद्यार्थियों ने कहा कि वे ईको फ्रेंडली दिवाली मनाएंगे। तेज आवाज, प्रदूषण पैदा करने वाले पटाखें और सिंथेटिक रंगोंं का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
विज्ञापन