फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Echo sensitive zone

जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य ईको सेंसिटिव जोन घोषित

विज्ञापन
Echo sensitive zone
कठुआ। 10.02 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य के आसपास के क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन नोटिफाई कर दिया गया है। साथ ही सुरूईंसर-मानसर वन्यजीव अभ्यारण्य को लेकर भी कवायद तेज हो गई है। नोटिफिकेशन प्रक्रिया के तहत सुरूईंसर-मानसर वन्यजीव के आसपास ईको सेंसिटिव जोन में प्रस्तावित क्षेत्र के लिए अधिसूचित इलाकों से लोगों की आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं।
विज्ञापन

वन्यजीव वार्डन कठुआ के अधीन आने वाले सुरूईंसर-मानसर वन्यजीव अभ्यारण्य के आसपास के क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन बनाए जाने को लेकर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से इसी वर्ष 13 जनवरी को ड्राफ्ट पर गजट अधिसूचना जारी कर दी गई थी। इसके बाद वन्यजीव विभाग कठुआ की ओर से आपत्तियां, सुझाव आदि के लिए 21 दिन का समय दिया गया है। प्रक्रिया के दौरान आपत्तियों और सुझावों का निपटारा करने के बाद इसकी अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन

जारी मसौदे के अनुसार सुरूईंसर-मानसर के आसपास के ईको सेेंसिटिव जोन में कुल 30 गांव शामिल होंगे, जिसमें से तड़ा और पंजोआ गांव आंशिक, तो वहीं दोया, कीड़ियां चोआ, बर्नी, छन्नी, पड़े, ककरिया, बट्टल, बरियाल्ता, परड़े, कैथल, कले, दून, पयाम, काथर, पटेडी, सरसीकाथर, सड़ी, सौडला, जंबल, पजाना, बथूना, नगौना, सरैल, टन्न, बराल, दियोल, पलोनी और जांडली पूरी तरह से शामिल होंगे। ड्राफ्ट के अनुसार सुरूईंसर-मानसर वन्यजीव अभ्यारण्य के आसपास शून्य से 3.459 किलोमीटर का क्षेत्र ईको सेंसेटिव जोन घोषित किया जाएगा। कुल 72.42 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र ईको सेंसिटिव क्षेत्र ईको सेंसिटिव जोन होगा। इनमें कई गतिविधियों पर रोक लगेगी, जिससे वन्यजीव क्षेत्र पर प्रभाव पड़ता है। इससे अभ्यारण्य में पाए जाने वाले जलीय जीवों तथा वन्यजीवों के संरक्षण में सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

...........
जसरोटा के दो किमी का दायरा घोषित हो चुका है ईको सेंसिटिव जोन
दस वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले जसरोटा अभ्यारण्य के आसपास के दो किमी क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया जा चुका है। इसका कुल 12.56 वर्ग किमी क्षेत्र ईको सेेंसिटिव जोन है, जिसमें छह गांव दनोह, लडोली, गूडा सूरजां, मोनी, चन्नपुरा और देवल शामिल हैं। वर्ष 1945 में आधिकारिक तौर पर जसरोटा को संरक्षित वन क्षेत्र की मान्यता मिली थी। इसके बाद 19 मार्च 1987 को जम्मू-कश्मीर सरकार ने इसे वन्य जीव अभ्यारण्य घोषित कर दिया था। अभ्यारण्य को खास तौर पर चीतल के संरक्षण के लिए तैयार किया गया है। तीन दशक बीतने के बाद अब यह अभ्यारण्य जंगली जानवरों की दर्जनों और विलुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण का केंद्र भी बन चुका है। अभ्यारण्य में सियार, नीलगाय, नेवला, साही, खरगोश, लंगूर, बार्किंग डियर, गोरल, तेंदुआ, सांभर, जंगली सूअर, मुश्कबिलाव, लोमड़ियों के अलावा कई लुप्त प्रजातियां और प्रदेश में पहली बार देखे गए पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं।
................
इन गतिविधियों पर रहेगा पूरी तरह से प्रतिबंध
ईको सेंसिटिव जोन घोषित होने के क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन, मिलों, उद्योगों के कारण प्रदूषण (वायु, जल, मिट्टी, शोर आदि), प्रमुख जल-विद्युत परियोजनाओं की स्थापना, लकड़ी का व्यावसायिक उपयोग, राष्ट्रीय उद्यान के ऊपर गर्म हवा के गुब्बारे जैसी पर्यटन गतिविधियां, अपशिष्ट या किसी भी ठोस अपशिष्ट एवं खतरनाक पदार्थों का उत्पादन आदि गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
..............
यह गतिविधियां रहेंगी नियंत्रित
पेड़ों की कटाई, होटल और रिसोर्ट की स्थापना, प्राकृतिक पानी का व्यावसायिक उपयोग, बिजली के तारों का निर्माण, कृषि प्रणाली का व्यापक परिवर्तन, भारी प्रौद्योगिकी, कीटनाशक आदि को अपनाना, सड़कों का चौड़ाईकरण, आदि गतिविधियां नियंत्रित रहेंगी।

........
इन गतिविधियों को दिया जाएगा बढ़ावा
ईको सेंसिटिव जोन में कृषि या बागवानी, वर्षा जल संचयन, जैविक खेती एवं हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जाएगा।
.............
जसरोटा वन्यजीव अभ्यारण्य के आसपास के क्षेत्र को ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया जा चुका है। और सुरूईंसर-मानसर वन्यजीव क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। ईको सेंसिटिव जोन तैयार होने से पर्यावरण पर प्रभाव कम होगा, और वन्यजीव संरक्षण में भी मदद मिलेगी। मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी इसमें मॉनिटरिंग कमेटी होगी। इसके बाद इसका जोनल मास्टर प्लान तैयार होगा और उस पर काम होगा।
- विजय कुमार वर्मा
वन्यजीव वार्डन कठुआ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed