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Kathua News: मुख्य सड़कों तक सीमित ई-रिक्शा, नए विकसित क्षेत्र निजी वाहनों पर आश्रित

Thu, 24 Apr 2025 01:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Thu, 24 Apr 2025 01:27 AM IST
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E-rickshaws limited to main roads of the city, newly developed areas dependent on private vehicles
- पिछले पांच साल के दौरान शहर में आए 500 नए ई-रिक्शा, लोगों को नहीं मिल रहा लाभ
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कठुआ। पिछले दो दशक में शहरी क्षेत्र का विस्तार तो हुआ, लेकिन नए विकसित रिहायशी इलाकों को परिवहन की सुविधा नहीं मिल पाई है। इन इलाकों में रहने वाले लोग निजी वाहनों पर ही आश्रित हैं।

हालांकि पिछले पांच साल के दौरान शहर में 500 नए ई-रिक्शा आ गए हैं, मगर यह भी शहर की मुख्य सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जहां पहले से ही डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा के साथ मिनी बस की सुविधा है। ऐसे में नए आए ई-रिक्शा लोगों को सुविधा देने बजाय असुविधा का कारण बन रहे हैं। क्योंकि सवारियों के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर इनकी होड़ कई बार जाम व दुर्घटना का कारण बन रही है।
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वर्ष 2020 के बाद से शहर में तेजी से बढ़े ई-रिक्शा के कारण पहले चलने वाले डीजल ऑटो चालकों और मिनी बस चालकों को मंदी की मार का सामना भी करना पड़ा। इसके खिलाफ जब उन्होंने कई बार आवाज उठाई तो प्रशासन और परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा चालकों को लास्ट मील कनेक्टिविटी तक चलने का आदेश तो जारी किया। मगर इसे लागू करने के लिए आज तक प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण इतनी बड़ी तादाद में मौजूद ई-रिक्शा का लोगों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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इस बारे में स्थानीय संजय कुमार, विशाल शर्मा, सुभाष सिंह और रोहित का कहना है कि कभी थोड़े से इलाके में सिमटा कठुआ शहर आज सहार खड्ड से लेकर मग्गर खड्ड तक फैल गया है। इस दौरान दो बार हुए परिसीमन के बाद 13 वार्ड वाले शहर का विस्तार 21 वार्ड तक हो चुका है। मगर परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बनाए गए नियम पुराने ही चल रहे हैं। इस कारण नए वार्ड में जाने के लिए लोगों के पास अपने निजी वाहन के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। परिवहन विभाग को इस पर विचार करने की जरूरत है। संवाद
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