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बनी-बसोहली और बिलावर-डुग्गन में पर्यटन को लगेंगे पंख
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कठुआ। जिले में पर्यटन विकास को लेकर कवायद तेज हो गई है। वर्षों बाद जहां दोनों प्राधिकरणों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिल गए हैं, वहीं इन दोनों प्राधिकरणों के बीच क्षेत्र अधिकार और पर्यटन क्षेत्रों को लेकर मुद्दे भी सुलझा लिए गए हैं। होटार, धार डुगनू, ध्यौता, सुरजन चलोग, हटली और जांडी क्षेत्रों को दोनों प्राधिकरणों ने बैठक कर क्षेत्र निर्धारित करने के लिए मसौदा तैयार कर लिया है। अब इसे सरकार को अधिसूचना के लिए भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया के बाद बनी-बसोहली और बिलावर-डुग्गन में पर्यटन को गति मिलेगी।
दरअसल, दोनों पर्यटन विकास प्राधिकरणों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिलने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया है कि होटार को बिलावर विकास प्राधिकरण के साथ जोड़ा जाए, चूंकि इस क्षेत्र का सड़क से सीधा संपर्क बिलावर के साथ है। इसी मार्ग पर धार डुगनू भी पड़ता है, जिसे भी बिलावर डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया है। ध्यौता की भी बिलावर से कम दूरी को देखते हुए इसे बिलावर डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण में रखने का मसौदा तय हुआ है। वहीं, दियालाचक तक बिलावर डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण की हद को देखते हुए जांडी को भी बिलावर के अधीन रखने पर सहमति बनी है। बैठक में हटली और सुरजन चलोग को बनी-बसोहली पर्यटन विकास प्राधिकरण के साथ रखने को लेकर सहमति बनी है। अब इन दोनों के क्षेत्र अधिकार को लेकर प्रशासनिक विभाग की ओर से अधिसूचना मिलने का इंतजार है। हाल ही में मुख्य सचिव को इन दोनों विकास प्राधिकरणों का चेयरमैन बनाया गया है। ऐसे में मुख्य सचिव भी इन क्षेत्रों को विकसित करने के लिए नई योजनाओं पर काम करने को लेकर जोर दे रहे हैं।
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सरकार को अधिसूचना के लिए मसौदा बनाकर भेज दिया गया है। बनी-बसोहली पर्यटन विकास प्राधिकरण में बीते साल निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर इस साल अंजाम दिया जा रहा है। इसमें टीआरसी से जेट्टी तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण, पुरथू मार्ग पर पलाही में कैफेटेरिया का काम, बारला चौगान के पास पार्क, साइनेज लगाने का काम और अटल सेतु के नजदीक महाकाली मंदिर से सटकर जेट्टी का निर्माण शामिल है।
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अजीत सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
बनी बसोहली पर्यटन विकास प्राधिकरण
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बनी बसोहली विकास प्राधिकरण इन परियोजनाओं पर करेगा काम
- अटल सेतु से टीआरसी तक रोशन वॉक वे बनाने का काम
- विभाग की नावों की आउट सोर्सिंग करवाना
- पर्यटन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी
- चला, धार महानपुर और सरथल में पर्यटन शिविर लगाना
- रंजीत सागर झील में फ्लोटिंग स्ट्रक्चर के साथ-साथ फेरी सर्विस शुरू करना
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बिलावर-डुग्गन में पर्यटन की असीम संभावनाएं
अब तक रहा है दुनिया की नजरों से दूर
बिलावर-डुग्गन के इलाके कुदरती खूबसूरती और पर्यटकों का आकर्षण बनने के बाद भी सुविधाओं को तरसते रहे हैं। न तो पर्याप्त सड़कें हैं, न ही खान-पान की व्यवस्था और न ठहरने के इंतजाम। बीते वर्ष बदनोता, किंडली, मछेडी, मल्हार, देहरी गलां समेत ढग्गर के इलाकों में रोजाना सैकड़ों पर्यटक गर्मी से राहत पाने पहुंचते रहे हैं। कुदरत का दिया इन इलाकों में सब कुछ है। झरने, ठंडी हवाएं, साफ वातावरण, सामान्य तापमान, धुंध से ढंके पहाड़, पक्षियों की चहचहाहट और आबादी से दूर खुद के लिए समय बिताने का मौका। जिसके लिए अब तक पर्यटक कश्मीर या फिर हिमाचल का रुख करते रहे। ऐसे में बिलावर डुग्गन विकास प्राधिकरण से क्षेत्र के लोगों को आस जगी है। स्थानीय युवा अपने स्तर पर कैंपिंग आदि की व्यवस्था पर्यटकों के लिए करते हैं, वहीं बिलावर के इलाकों में भी हालात ऐसे ही हैं, जिनमें अब आने वाले समय में सुधार की उम्मीद है।
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लोहाई मल्हार बग्गन, डुग्गन के खूबसूरत इलाकों को दुनिया के सामने लाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। बीते साल के लंबित सात कार्यों को जल्द पूरा करवाने को लेकर प्रयास जारी हैं। जिसके साथ ही इस साल के कार्यों को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। पर्यटन निदेशालय से भी इन इलाकों में कैंपिंग, बाइकिंग से लेेकर मेले आदि करवाने की बात की गई है।
राजेश लखन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
बिलावर-डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण
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दरअसल, दोनों पर्यटन विकास प्राधिकरणों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिलने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया है कि होटार को बिलावर विकास प्राधिकरण के साथ जोड़ा जाए, चूंकि इस क्षेत्र का सड़क से सीधा संपर्क बिलावर के साथ है। इसी मार्ग पर धार डुगनू भी पड़ता है, जिसे भी बिलावर डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया है। ध्यौता की भी बिलावर से कम दूरी को देखते हुए इसे बिलावर डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण में रखने का मसौदा तय हुआ है। वहीं, दियालाचक तक बिलावर डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण की हद को देखते हुए जांडी को भी बिलावर के अधीन रखने पर सहमति बनी है। बैठक में हटली और सुरजन चलोग को बनी-बसोहली पर्यटन विकास प्राधिकरण के साथ रखने को लेकर सहमति बनी है। अब इन दोनों के क्षेत्र अधिकार को लेकर प्रशासनिक विभाग की ओर से अधिसूचना मिलने का इंतजार है। हाल ही में मुख्य सचिव को इन दोनों विकास प्राधिकरणों का चेयरमैन बनाया गया है। ऐसे में मुख्य सचिव भी इन क्षेत्रों को विकसित करने के लिए नई योजनाओं पर काम करने को लेकर जोर दे रहे हैं।
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सरकार को अधिसूचना के लिए मसौदा बनाकर भेज दिया गया है। बनी-बसोहली पर्यटन विकास प्राधिकरण में बीते साल निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर इस साल अंजाम दिया जा रहा है। इसमें टीआरसी से जेट्टी तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण, पुरथू मार्ग पर पलाही में कैफेटेरिया का काम, बारला चौगान के पास पार्क, साइनेज लगाने का काम और अटल सेतु के नजदीक महाकाली मंदिर से सटकर जेट्टी का निर्माण शामिल है।
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अजीत सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
बनी बसोहली पर्यटन विकास प्राधिकरण
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बनी बसोहली विकास प्राधिकरण इन परियोजनाओं पर करेगा काम
- अटल सेतु से टीआरसी तक रोशन वॉक वे बनाने का काम
- विभाग की नावों की आउट सोर्सिंग करवाना
- पर्यटन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी
- चला, धार महानपुर और सरथल में पर्यटन शिविर लगाना
- रंजीत सागर झील में फ्लोटिंग स्ट्रक्चर के साथ-साथ फेरी सर्विस शुरू करना
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बिलावर-डुग्गन में पर्यटन की असीम संभावनाएं
अब तक रहा है दुनिया की नजरों से दूर
बिलावर-डुग्गन के इलाके कुदरती खूबसूरती और पर्यटकों का आकर्षण बनने के बाद भी सुविधाओं को तरसते रहे हैं। न तो पर्याप्त सड़कें हैं, न ही खान-पान की व्यवस्था और न ठहरने के इंतजाम। बीते वर्ष बदनोता, किंडली, मछेडी, मल्हार, देहरी गलां समेत ढग्गर के इलाकों में रोजाना सैकड़ों पर्यटक गर्मी से राहत पाने पहुंचते रहे हैं। कुदरत का दिया इन इलाकों में सब कुछ है। झरने, ठंडी हवाएं, साफ वातावरण, सामान्य तापमान, धुंध से ढंके पहाड़, पक्षियों की चहचहाहट और आबादी से दूर खुद के लिए समय बिताने का मौका। जिसके लिए अब तक पर्यटक कश्मीर या फिर हिमाचल का रुख करते रहे। ऐसे में बिलावर डुग्गन विकास प्राधिकरण से क्षेत्र के लोगों को आस जगी है। स्थानीय युवा अपने स्तर पर कैंपिंग आदि की व्यवस्था पर्यटकों के लिए करते हैं, वहीं बिलावर के इलाकों में भी हालात ऐसे ही हैं, जिनमें अब आने वाले समय में सुधार की उम्मीद है।
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लोहाई मल्हार बग्गन, डुग्गन के खूबसूरत इलाकों को दुनिया के सामने लाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। बीते साल के लंबित सात कार्यों को जल्द पूरा करवाने को लेकर प्रयास जारी हैं। जिसके साथ ही इस साल के कार्यों को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। पर्यटन निदेशालय से भी इन इलाकों में कैंपिंग, बाइकिंग से लेेकर मेले आदि करवाने की बात की गई है।
राजेश लखन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
बिलावर-डुग्गन पर्यटन विकास प्राधिकरण